बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के सुजौली गांव में बीते सप्ताह तेंदुए ने खेत में मवेशियों का चारा काटने गए एक किशोर को निवाला बना लिया था।
हमलावर मादा तेंदुआ दो शावकों के साथ क्षेत्र में दिख रही है। वह रात में गांवों में भी पहुंच रही है। तेंदुए की दहाड़ से लोगों में दहशत है। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव के पास पिंजरा लगाया है।
चार थर्मो सेंसर कैमरे भी लगाए हैं। टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स की तीन टीमें निगरानी कर रही हैं। यह टीमें गश्त कर रही हैं। जंगल से सटे गांवों में बाघ और तेंदुओं का आतंक थम नहीं रहा है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के सुजौली रेंज अंतर्गत सुजौली गांव से आधा किलोमीटर की दूर मवेशियों का चारा काटने गए 16 वर्षीय किशोर को बीते सप्ताह तेंदुए ने निवाला बना लिया था।
उसका क्षत-विक्षत शव खेत से बरामद हुआ था। घटना के दूसरे दिन से तेंदुआ दो शावकों के साथ क्षेत्र में दिख रही है। सोमवार रात मादा तेंदुआ शावकों के साथ गांव में पहुंच गई।
उसकी दहाड़ से लोग घरों में कैद रहे। दहशत के कारण नींद नहीं आई। किसी तरह ग्रामीणों की रात गुजरी। इस मामले में रेंज कार्यालय को जानकारी दी गई है।
इसके बाद वन विभाग ने गांव के निकट मंगलवार को एक पिंजरा लगवा दिया है। 500 मीटर दायरे में चार थर्मो सेंसर कैमरे लगाए गए हैं।
वन क्षेत्राधिकारी आरकेपी सिंह ने बताया कि वन दरोगा मनोज पाठक, वन रक्षक मोहरनाथ मिश्र, वन्यजीव रक्षक परशुराम तिवारी और टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के मंसूर अली की अगुवाई में पिंजरे व थर्मो सेंसर कैमरे पर नजर रखी जा रही है।