आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तमाम विभाग नए सिरे से भर्ती प्रस्ताव देने में देरी कर रहे हैं। जिन कुछेक विभागों ने प्रस्ताव दिया है, उनमें तमाम त्रुटियां आ रही हैं। ऐसे में भर्ती कार्यवाही को आगे बढ़ाने में मुश्किल आ रही है। विभागों से त्रुटिरहित भर्ती प्रस्ताव देने का आग्रह किया जा रहा है।
आयोग की प्रस्तावित भर्तियों में सबसे ज्यादा अवसर परिवार कल्याण, राजस्व और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में है। आठ विभाग ऐसे सामने हैं जहां 1,000 या इससे अधिक पदों पर भर्ती काफी समय से लंबित है। 29 विभाग ऐसे हैं जहां 100 या इससे अधिक पद खाली हैं। नए सिरे से प्रस्ताव आने पर इनमें से अधिकतर विभागों में रिक्तियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
1000 से अधिक रिक्त पदों वाले विभाग
विभाग -- पद
परिवार कल्याण विभाग -- 9222
राजस्व परिषद -- 6028
बाल विकास एवं पुष्टाहार -- 3449
प्रशिक्षण एवं सेवायोजन -- 2268
ग्राम्य विकास -- 1658
आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षक -- 1303
गन्ना एवं चीनी विभाग -- 1066
शिक्षा निदेशक बेसिक -- 1055
विभाग -- पद
प्रमुख अभियंता (परियोजना) सिंचाई एवं जल संसाधन -- 911
चिकत्सा एवं स्वास्थ्य -- 790
लोक निर्माण -- 440
ग्रामीण अभियंत्रण -- 427
सहकारी समितियां व पंचायतें -- 412
राज्य कृषि उत्पादन एवं मंडी परिषद -- 412
आबकारी आयुक्त -- 356
औद्योगिक विकास -- 240
महिला कल्याण -- 216
सचिवालय प्रशासन -- 199
आवास आयुक्त -- 188
दुग्ध आयुक्त -- 188
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण -- 142
कोषागार निदेशालय -- 142
प्रधान एवं मुख्य वन संरक्षक -- 138
राष्ट्रीय छात्र सेना दल निदेशालय -- 138
राज्य सेतु निगम -- 135
चकबंदी आयुक्त -- 134
माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज -- 125
नागरिक सुरक्षा निदेशालय -- 124
कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं -- 123
प्राविधिक शिक्षा -- 119
भूतत्व एवं खनिकर्म -- 118
आयुक्त एवं निबंधन सहकारिता -- 116
मत्स्य निदेशालय -- 111
समाज कल्याण -- 105
दिव्यांगजन सशक्तीकरण -- 101
रेशम निदेशालय -- 101
कृषि निदेशक -- 100
चेयरमैन ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र
आयोग के चेयरमैन प्रवीर कुमार ने मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी को इस संबंध में पत्र लिखा है। उन्होंने भर्ती प्रस्तावों की विसंगतियों का उल्लेख करते हुए इसे दूर करने के लिए अपने स्तर से विभागों को निर्देशित करने का आग्रह किया है।