वहीं अगर कोई किसी को धर्म परिवर्तन करने के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देता है, तो वो भी इस नए कानून के दायरे में आएगा। लॉ कमीशन के इस नए ड्राफ्ट में कड़े कानून की अनुशंसा की गई है।
धर्मांतरण के मामले में अगर माता-पिता, भाई-बहन या अन्य ब्लड रिलेशन से कोई शिकायत करता है तो उनकी शिकायत पर कार्रवाई की शुरुआत की जा सकती है। लॉ कमीशन ने अपनी सिफारिश में धर्मांतरण के लिए दोषी पाए जाने पर एक साल से लेकर पांच साल तक की सजा का प्रावधान किया है।