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बड़ी खबर: इधर-उधर होंगे 40 हजार पुलिस वाले

Sat, 07 Jun 2014 10:18 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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कानून व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सरकार अपने जिलों और आसपास तैनात तकरीबन 40 हजार पुलिस वालों का जल्द तबादला करेगी।
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माना जा रहा है कि जिले में तैनात पुलिसकर्मी अपराध पर कारगर नियंत्रण में नाकाम साबित हो रहे हैं। दागी व नाकाम दरोगा व थानाध्यक्षों को हटाने की तैयारी है।

कानून व्यवस्था पर चौतरफा उठ रहे सवालों के बीच शुक्रवार को सीएम अखिलेश यादव ने औचक निरीक्षण का कार्यक्रम छोड़ प्रमुख सचिव गृह दीपक सिंघल व डीजीपी एएल बनर्जी को तलब किया।
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सीएम ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था के मोर्चे पर ढिलाई कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सत्ता के मद में लिया था फैसला

सत्ता में आने के बाद राज्य सरकार ने निचले स्तर पर पुलिसकर्मियों को राहत देते हुए उन्हें उनके गृह जनपद में तैनात करने का फैसला लिया था।

तब लगभग 58 हजार सिपाही व दीवान के तबादले किए गए थे, लेकिन पिछले दिनों कानून-व्यवस्था के कई मामलों में पाया गया था कि गृह जनपद में तैनात सिपाही व दीवान इमरजेंसी ड्यूटी के समय उपलब्ध नहीं हो पाते।

साथ ही उनकी मनमानियों की भी शिकायतें सामने आ रही थीं।

यही वजह रही कि हाल ही कैबिनेट ने गृह जिलों तैनात सिपाही व दीवान को जिलाबदर करने का फैसला किया। इस फैसले पर प्रभावी अमल के निर्देश दिए गए थे।

खनन और भू-माफिया पर करो कार्रवाई

कानून व्यवस्था के लिए आए दिन चुनौती बन रहे खनन और भू-माफिया पर भी सरकार सख्त कार्रवाई के मूड में है।

सीएम अखिलेश यादव ने प्रमुख सचिव गृह दीपक सिंघल व डीजीपी एएल बनर्जी के साथ समीक्षा बैठक में खनन और भू-माफिया के खिलाफ संगठित तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सीएम ने ऐसे मामलों में कई जिलों के पुलिसकर्मियों की खराब रिपोर्ट सामने आने की बात कहते हुए नाराजगी जताई।

उन्होंने प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी दोनों को ही साफ कर दिया कि अब कानून-व्यवस्था के मामले में कोई ढिलाई नहीं बर्दाश्त की जाएगी।

किसी की सिफारिश न सुनें, हटाएं दागियों को

बैठक में मुख्यमंत्री ने अफसरों से साफ कहा कि नाकाम व दागी छवि के दरोगाओं को महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की सिफारिश को न सुनी जाए।

सीएम ने कई जिलों में पिछले दिनों हुई वारदातों व उन पर की गई पुलिस कार्रवाई पर भी चर्चा की।

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने जिस तरह से आला अफसरों के सामने अपनी नाराजगी का इजहार किया है, उससे यह संकेत साफ हो गए हैं कि अभी कई और जिलों में आईपीएस व पीपीएस अधिकारियों की तैनाती में फेरबदल होने की संभावना है।

पुलिस आधुनिकीकरण पर भी हुई चर्चा

सूत्रों का कहना है कि इस मौके पर अफसरों ने मुख्यमंत्री के सामने पुलिस आधुनिकीकरण के प्रस्तावित कार्यों का ब्यौरा रखा।

इसमें जिलों में अत्याधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम, पुलिस, पीएसी व अन्य बलों के लिए आधुनिक उपकरण, वाहन व अन्य संसाधन मुहैया कराए जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।

सीएम ने कहा कि आधुनिकीकरण के कार्यों को गंभीरता से लिया जाए। यूपी पुलिस को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया जाए। पुलिस के पास वाहनों की कमी न हो। अन्य संसाधनों को भी मुहैया कराया जाए।
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जल्द ही सामने आएंगे नतीजे

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने मिल रही शिकायतों के मद्देनजर अफसरों को निचले स्तर पर पुलिसकर्मियों पर सीधी नजर रखने को कहा है।

इसके लिए महत्वपूर्ण थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाकर संबंधित जिले के पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा।

उधर, प्रमुख सचिव गृह दीपक सिंघल ने बताया कि अपने ही जिलों में तैनात पुलिसकर्मियों को हटाया जाएगा। दागी व नाकाम दरोगा भी चिह्नित किए जाएंगे।

पुलिस को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा। अपराधियों के खिलाफ संगठित कार्रवाई की जाएगी। नतीजे जल्दी ही सामने आएंगे।
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