राजधानी में 39.33 फीसदी लोग नशे के आदी हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा 30.2 फीसदी लोग तंबाकू के आदी हैं। राजधानी में कुल नशा करने वालों में 44 फीसदी 25-35 वर्ष आयुवर्ग के हैं।
नशे की लत की वजह से लखनऊ की आबादी का एक बड़ा हिस्सा गंभीर रोगों की पहुंच में है। कैंसर से लेकर हृदय रोग या अन्य गंभीर हेल्थ डिसऑर्डर के खतरे में हैं। ये तथ्य सामने आया है एसजीपीजीआई, केजीएमयू, एम्स और आईसीएमसी के डॉक्टरों के संयुक्त अध्ययन में।
लखनऊ के नागरिकों में विभिन्न किस्म के नशे और इन्हें उपयोग करने वालों की सामाजिक पृष्ठभूमि को समझने के लिए यह अध्ययन करवाया गया।
इस तरह से लखनऊ में किया गया ये सर्वे
अध्ययन में 3,437 नागरिकों को शामिल किया गया। उनसे उनकी पृष्ठभूमि, नशे की आदतों और इसकी वजहों पर सवाल जवाब किए गए। साथ ही उनकी सेहत की भी स्टडी की गई। अध्ययन में सामने आया कि 43 फीसदी पुरुषों में नशे की आदत है।
इनमें तंबाकू, पान मसाला, तंबाकू पान, सिगरेट, खैनी, सूरती, बीड़ी और शराब का नशा सामान्य बात है। 23 फीसदी महिलाएं भी नशा कर रही हैं। इनमें ज्यादातर पान मसाला, खैनी, तंबाकू या पान खाने की लती हैं।
एसजीपीजीआई लखनऊ के बायोस्टेटिक्स व हैल्थ इंफॉर्मेटिक्स विभाग से डॉ. सीएम पांडेय व शांभवी मिश्रा, केजीएमयू के मुख व दंत सर्जरी विभाग के डॉ. सुमित कुमार, डॉ. एमएम गोयल व डॉ. दिव्या मल्होत्रा, एम्स भोपाल के डॉ. संदीप कुमार व डॉ. किशोर चौधरी और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली से डॉ. प्रशांत माथुर शामिल थे।
हालात : कौन-सा नशा कितने ले रहे
तंबाकू सेवन के आदी 30.2 प्रतिशत
सिगरेट पीते हैं 9.1 प्रतिशत
तंबाकू रहित उत्पाद जैसे पान मसाला 9 प्रतिशत
गांजा, भांग, अफीम 1.2 प्रतिशत
शराब के आदी 4.2 प्रतिशत