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लखनऊ में चार और कोरोना संक्रमित, तीन कैसरबाग तो एक डालीगंज नई बस्ती निवासी

Mon, 04 May 2020 01:00 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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लखनऊ में रविवार को चार नए मरीज मिलने की वजह से एक बार फिर से परेशानी बढ़ गई है। इसमें तीन कैसरबाग में तो एक डालीगंज नई बस्ती निवासी है। कैसरबाग निवासी मरीजों में एक किराना व्यवसायी तो दो सब्जी विक्रेता हैं।
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डालीगंज नई बस्ती निवासी की 13 साल की किशोरी भी चपेट में आ गई है। राजधानी में अब कुल मरीजों की संख्या 241 हो गई है जिसमें 159 लखनऊ के निवासी हैं।

लालबाग के सब्जी विक्रेता के पॉजिटिव मिलने के बाद अब कैसरबाग में दो सब्जी विक्रेता पॉजिटिव पाए गए है। यहां मिला तीसरा मरीज किराना कारोबारी है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि लालबाग के सब्जी विक्रेता के जरिए ही इन तीनों तक वायरस फैला है। ऐसी स्थिति में पॉजिटिव पाए गए मरीजों के परिजनों के भी सैंपल लिए गए हैं।

कैसरबाग के मरीजों को लोकबंधु अस्पताल में कराया भर्ती

तीनों परिवारों से 10-10 लोगों के सैंपल लिए गए है। पॉजिटिव पाए गए मरीजों में एक 30 साल का तो दूसरा 19 साल का युवक है। तीसरा 27 साल का है।

इसी तरह डालीगंज नई बस्ती निवासी 13 साल की बालिका में संक्रमण की पुष्टि हुई है। यह बालिका उसी मकान में रहती है जिसमें केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में तैनात नर्स की बहन रहती है।

नर्स और उसकी बहन पहले से पॉजिटिव हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि बालिका में संक्रमण नर्स की बहन के जरिए ही पहुंचा है। इस मकान में रहने वाले 15 लोगों के सैंपल लिए गए हैं जिनकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।

कैसरबाग के मरीजों को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि डालीगंज की मरीज को बीकेटी स्थित राम सागर मिश्र हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
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पांच संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच को भेजे

वहीं बलरामपुर अस्पताल में रविवार को कोरोना वायरस के पांच संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे गए। सभी को आईसोलेशन में रखा गया है। दरअसल बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी का संचालन दो भागों में किया जा रहा है।

इमरजेंसी आने वाले मरीज में यदि कोरोना के लक्षण मिलते हैं तो उसको पुरानी इमरजेंसी के सामने बने वार्ड में भर्ती किया जाता है। जहां पर पीपीकिट समेत अन्य प्रोटोकॉल पूरा कराने के बाद डॉक्टर व स्टाफ  को भेजा जा रहा है।

इसके अलावा सामान्य मरीजों को सीधे इमरजेंसी में भर्ती किया जाता है। अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव लोचन ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच के लिए अस्पताल में भर्ती पांच मरीजों के नमूने भेजे गए हैं। 
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