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84 कोसी: 352 गिरफ्तार, भाजपा विधायक नजरबंद

Sat, 24 Aug 2013 09:06 PM IST
लखनऊ/विष्णु मोहन
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अयोध्या में चौरासी कोसी परिक्रमा को लेकर सरकार और हिंदू संगठन आमने-सामने आ गए हैं।
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हर हाल में रविवार से यात्रा शुरू करने के दावे के बीच विहिप के ज्यादातर नेता भूमिगत हो गए हैं।

दूसरी तरफ, सरकार ने परिक्रमा शुरू करने के इरादे से अयोध्या की ओर रुख करने वालों की गिरफ्तारी तेज कर दी है।

शाम तक अयोध्या में 75 लोगों समेत पूरे प्रदेश में 352 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। बहराइच से भाजपा विधायक सावित्री बाई फु ले समेत कई साधु-संतों को नजरबंद कर दिया गया है।

हैदरगढ़ में भाजपा के पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित को भी उनके करीब 30 समर्थकों के साथ पुलिस ने हिरासत में लिया है। वहीं, नगर कोतवाली पुलिस ने विहिप के जिलाध्यक्ष अशोक अग्रवाल को भी हिरासत में ले लिया है।
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डीजीपी देवराज नागर ने बस्ती जिले के मखौड़ा में डेरा डाल दिया है, जहां परिक्रमा का पहला पड़ाव है। अयोध्या में लोगों का जमावड़ा रोकने के लिए हर जिले की सीमा पर सघन चेकिंग शुरू कर दी गई है। इसकी कमान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है।

डीजीपी ने साफ किया है कि परिक्रमा किसी भी सूरत में शुरू नहीं होने दी जाएगी। एडीजी कानून-व्यवस्था अरुण कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को किसी भी तरह की चूक न होने देने की हिदायत दी।

उच्च अदालत के आदेश के बाद भी परिक्रमा को लेकर विहिप अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम पर अड़ी है। इसके मद्देनजर सरकार ने भी विहिप व हिंदू संगठनों के आह्वान पर अयोध्या पहुंचने की कोशिश करने वालों की शनिवार से धरपकड़ तेज कर दी।

फैजाबाद, बस्ती, बहराइच, बाराबंकी, गोंडा व अंबेकरनगर में फोर्स बढ़ाने के साथ ही प्रदेश के सभी जिलों की सीमाओं पर कुल 560 बैरियर लगा दिए गए। हर जिले की सीमा से निकलने व प्रवेश करने वाले वाहनों की चेकिंग का सिलसिला बीती रात से ही शुरू कर दिया गया था।

मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव, एडीजी कानून-व्यवस्था अरुण कुमार आदि अधिकारियों से हालात की जानकारी ली और उन्हें पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

डीजीपी देवराज नागर ने बताया कि यात्रा में शामिल होने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। यात्रा किसी भी दशा में नहीं निकलने दी जाएगी।

सब हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता
शनिवार को फैजाबाद व अयोध्या में मौजूद विहिप व हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं तथा बाहर से अयोध्या की तरफ कूच करने वाले कुल 352 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

फैजाबाद में 75, आगरा में 46, कानपुर देहात में 35 कानपुर नगर में 100, फतेहपुर में 17, बस्ती में 18, बांदा में एक, बलरामपुर में एक, इलाहाबाद में 43, वाराणसी में 9 और जौनपुर में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया।

कुछ जिलों की सीमाओं पर लोगों को रोका गया और बाद में उन्हें परिक्रमा में शामिल न होने की ताकीद देकर वापस भेज दिया गया।

कंट्रोल रूम से पल-पल की नजर
पुलिस महानिदेशक मुख्यालय के कंट्रोल रूम में वरिष्ठ अधिकारियों के तैनाती की गई है। यह अधिकारी जिलों की हर गतिविधि की पल-पल रिपोर्ट लेकर शासन और उच्चाधिकारियों को भेज रहे हैं। नियंत्रण कक्ष से जिलों के अधिकारियों को जरूरी निर्देश भेजे जा रहे हैं।

कई साधु-संत नजरबंद
वाराणसी में महंत सतुआ बाबा आश्रम को उनके सात समर्थकों के साथ परिक्रमा में शामिल होने के लिए प्रस्थान करने के बाद रोक लिया गया। महंत को वापस भेज कर नजरबंद कर दिया गया।

अमेठी के सगरा आश्रम के पीठाधीश्वर अभय चैतन्य मुनि महाराज व उनके समर्थकों को भी नजरबंद कर दिया गया। ऐसे ही वाराणसी में विहिप के प्रांतीय संयोजक आचार्य कुशमुनि, जनपदीय प्रतिनिधि आचार्य शांतनु व पवन श्रीवास्तव समेत कई अन्य के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।

सीमाओं पर अफसरों के निर्देशन में निगरानी
जिलों की सीमाओं पर हो रही चेकिंग पर एसपी व एएसपी स्तर के अधिकारियों द्वारा सीधी नजर रखी जा रही थी। ऐसे ही विभिन्न जिलों के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बनी रही और हर आने-जाने वाले पर नजर रखी गई।

परिक्रमा रोकने की तैयारियों के तहत बढ़ी तादाद में फोर्स की तैनाती की गई है।

इसके तहत नौ कंपनी आरएएफ, 23 कंपनी दो प्लाटून पीएसी, दो एसपी, 19 एएसपी, 42 डीएसपी, 135 इंसपेक्टर, 455 सब इंसपेक्टर, दो हजार सिपाही, 18 महिला सब इंसपेक्टर, 120 महिला सिपाही, 11 ट्रैफिक सब इंसपेक्टर, आठ ट्रैफिक हेड कांस्टेबिल, 40 ट्रैफिक कांस्टेबिल व अन्य संसाधन जुटाए गए हैं।

किसने क्या कहा
‘यात्रा का जो वक्त चुना गया है उस पर पहले कभी यात्रा नहीं निकाली गई है। यह साजिश और षड्यंत्र है, जिसका मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत है।’
अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री (लखनऊ में आरओबी के लोकार्पण के मौके पर)

रविवार की सुबह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अयोध्या में साधु संत निकलेंगे और सरयू के तट पर पूजन करेंगे। सरकार की तरफ से कोई बाधा डाली गई तो गंभीर परिणाम होंगे।
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शरद शर्मा, मीडिया प्रभारी, विहिप

धार्मिक कार्यक्रमों के लिए शैतानों के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। सपा और कांग्रेस ने मिलकर साजिशन परिक्रमा पर प्रतिबंध लगाया है। धार्मिक कार्यक्रम संत तय करेंगे, सरकारें नहीं। भाजपा पूरी तरह परिक्रमा की पक्षधर है और विहिप व संतों के साथ है।
मुख्तार अब्बास नकवी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा
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