लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) के काउंटर पर दवा व सर्जिकल सामान की संख्या में इजाफा किया जा रहा है। सस्ती दर की इस दवा की दुकान में अब साढ़े तीन हजार प्रकार की दवाएं और सर्जिकल सामान उपलब्ध रहेंगे। इससे मरीजों को सीधा फायदा होगा।
केजीएमयू में इस समय करीब साढ़े चार हजार बेड हैं। इनमें से ज्यादातर बेड हमेशा भरे रहते हैं। रोजाना यहां छह से सात हजार मरीजों की ओपीडी रहती है। सभी मरीजों को सस्ती दर पर दवाओं का लाभ देने के लिए एचआरएफ की व्यवस्था की गई है। इसमें दवाएं कंपनियों से सीधे खरीदी जाती हैं। इससे केजीएमयू बेहद कम कीमत पर दवाएं मरीजों को दे पाता है। कई दवाएं तो बाजार से 70 फीसदी तक कम कीमत पर उपलब्ध हो जाती हैं।
केजीएमयू में इस समय एचआरएफ के 17 काउंटर हैं। इनमें करीब 2000 प्रकार की दवा व सर्जिकल सामान मौजूद हैं। इसके बावजूद काफी मरीजों को वापस जाना पड़ता है। कई बार डॉक्टरों को ऐसी दवाएं लिखनी पड़ती हैं, जो एचआरएफ काउंटर पर उपलब्ध नहीं रहती हैं। ऐसे में मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है।
मरीजों की सहूलियतों के लिए केजीएमयू प्रशासन ने दवाएं बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत करीब 1500 प्रकार की दवा व सर्जिकल सामान बढ़ाए जाएंगे। इससे एचआरएफ के पास 3500 प्रकार की दवा व सर्जिकल सामान हो जाएंगे। इसमें एंटीबायोटिक, इम्यूनिटी, पेट, सर्जरी, हड्डी, दिल, महिला आदि के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा व इंजेक्शन शामिल हैं। इनकी टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। जल्द ही मरीजों को इनका लाभ मिलेगा।
गरीब मरीजों को होगा फायदा
केजीएमयू मीडिया सेल के फैकल्टी इंचार्ज प्रो. केके सिंह ने बताया कि मरीजों की सहूलियतों के लिए लगातार दवाओं की संख्या में वृद्धि की जा रही है। मरीजों को यहां सस्ती दर पर दवाएं व सर्जिकल सामान उपलब्ध होंगे।