गोमती रिवर फ्रंट डवलपमेंट के अधूरे कामों को पूरा करने के लिए परियोजना देख रही सिंचाई विभाग की टीम ने 350 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार से मांगे हैं। इस प्रस्ताव को व्यय वित्त समिति की मंजूरी के बाद कैबिनेट में ले जाया जाएगा। अंतिम मुहर कैबिनेट ही लगाएगी।
साथ ही परियोजना की पर्यावरणीय क्लियरेंस भी अनिवार्य रूप से ली जाएगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव सिंचाई सुरेश चंद्रा ने बताया कि इस प्रस्ताव को तैयार कर लिया गया है। इसमें अधूरे कार्यों का लेखा जोखा और उन पर अनुमानित खर्च की जानकारी दी गई है।
व्यय वित्त समिति की मंजूरी के बाद कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही बचे हुए कार्यों को पूरा किया जाएगा। जनवरी 2015 में शुरू हुए रिवर फ्रंट डवलपमेंट को अंबेडकर बंधे से कुड़ियाघाट तक करने की योजना थी, लेकिन नई सरकार में इन कार्यों को कला कोठी तक आगे बढ़ाया जाएगा। इस पर भी सरकार पहले ही रजामंदी दे चुकी है। कलाकोठी को बीजेपी सरकार के समय में बनवाया गया था, लेकिन रखरखाव ठीक से नहीं होने की वजह से यह बदहाल है।
देखें, इन कार्यों को होना है पूरा
इन कार्यों को होना है पूरा
- म्यूजिकल फाउंटेन : दुबई की टक्कर के म्यूजिकल फाउंटेन गोमती किनारे लगते थे, लेकिन यह अधूरे छोड़ दिए गए।
- लेक : म्यूजिकल फाउंटेन के लिए गोमती किनारे लेक बनाई जानी थी, यह भी अधूरी है।
- रबर डैम : 160 करोड़ रुपये का रबर डैम बनाकर गोमती में जलस्तर को ऊंचा किया जाना है, लेकिन यह भी अधूरा बनाकर छोड़ दिया गया है।
- ट्रैक : गोमती किनारे जॉगिंग, साइकिलिंग, वॉकिंग ट्रैक बनाए गए हैं। लेकिन इनके भी कई सेक्शन अभी अधूरे हैं।
- जल परिवहन : जल परिवहन शुरू करने की योजना तैयार की गई थी, इसके लिए वाटर बस भी खरीदी जा चुकी है, जो अब धूल खा रही है। इसकेअलावा लोटस वैली, बच्चों के लिए पार्क, जिम, आदि सुविधाएं भी अधूरी हैं।