पहली बार इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रशासन ने सूबे के जिला न्यायालयों के स्टेनोग्राफर, सिविल कोर्ट के ग्रुप डी के स्टाफ समेत सहायक समीक्षा अधिकारियों की भर्ती के लिए परीक्षा कराई। 1300 पदों के लिए दो दिन चली परीक्षा में 90 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए।
जजों की निगरानी में बनी फ्लाइंग स्क्वायड ने राजधानी में इन दो दिनों में 16 नकलचियों को पकड़ा। ये सभी मोबाइल के जरिये परीक्षा में नकल कर रहे थे।
पारदर्शिता लाने के लिए इस बार परीक्षा को प्रदेश स्तर पर कराने का फैसला किया गया था। 1300 पदों के लिए करीब चार लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। परीक्षा के लिए इलाहाबाद में 132 तो लखनऊ में 103 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
राजधानी में 88,000 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। पूरी परीक्षा की बात करें तो कुल 90 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। शनिवार को सरोजनी नगर के शांतिनगर स्थित एक परीक्षा केंद्र पर 7 अभ्यर्थी मोबाइल फोन के साथ धरे गए जबकि रविवार को तेलीबाग के एक परीक्षा केंद्र पर 9 अभ्यर्थी इसी तरह नकल करते पकड़े गए। हाईकोर्ट प्रशासन के मुताबिक इसकी जानकारी इलाहाबाद हाईकोर्ट को दे दी गई है।
परीक्षा को फूलप्रूफ बनाने की यूं की गई व्यवस्था
परीक्षा हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह की निगरानी में हुई। हर परीक्षा केंद्र पर एक या दो न्यायिक अफसरों को पर्यवेक्षण केलिए तैनात किया गया था।
विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) लखनऊ राजेंद्र सिंह परीक्षा के को-ऑर्डिनेटर तो जिला जज लखनऊ वीके श्रीवास्तव ने उन्हें सहयोग दिया।
विशेष न्यायाधीश राम आसरे सिंह, शशि मौलि तिवारी, विनोद कुमार श्रीवास्तव, दिनेश कुमार सिंह, एडीजे बीएल केसरवानी और सीजेएम लखनऊ सुनील कुमार यादव की देखरेख में 5 ‘फ्लाइंग स्क्वायड’ टीमें भी बनाई गई थीं, जिन्होंने खुद परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। जस्टिस देवी प्रसाद सिंह ने खुद कई परीक्षा केंद्रों पर जाकर निरीक्षण किया।
आगे भी होगी कोर्ट स्टाफ की भर्ती
इस बार स्टेनोग्राफर्स एंड ग्रुप डी ऑफ यूपी सिविल कोर्ट स्टाफ सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट स्कीम-2014 और असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर एंड आरजीसी रिक्रूटमेंट एग्जाम 2014 के तहत यह परीक्षा कराई गई।
कहा जा रहा है कि आगे भी कोर्ट स्टाफ की भर्ती सेंट्रलाइज्ड होगी। अब तक जिला न्यायालयों में सिविल कोर्ट स्टाफ की भर्ती जिला जज स्तर से की जाती थी।
एक पद के 277 दावेदार
जिस हिसाब से परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति रही उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मेरिट काफी ऊंची जाएगी। एक-एक सीट के 277 दावेदार हैं।
सूत्रों का कहना है कि परीक्षा में एमबीए और तकनीकी डिग्रियों वाले भी कोर्ट स्टाफ परीक्षा में शामिल हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक परीक्षा परिणाम 2 माह में आ सकता है।