डॉ. भट्ट ने बताया कि पिछले साल मई में हैदराबाद स्थित सेंटर फार सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी में इस दवा की टेस्टिंग में चौंकाने वाले नतीजे मिले। फेज-2 के ट्रायल में पता चला कि यह दवा कोरोना मरीजों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। नवंबर में फेज-3 में दवा का प्रयोग मरीजों पर किया गया। फेज-3 मार्च 2021 में पूरा हुआ। इसके बाद इस दवा के इमरजेंसी उपयोग की अनुमति मिल गई।
बता दें कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को दवा 2डीजी को लॉन्च किया। पहली खेप दिल्ली एम्स सहित कुछ अस्पतालों को मिली है। एक महीने में इस दवा की पर्याप्त आपूर्ति होने लगेगी।