उत्तर प्रदेश के 12 जिलों के 293 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें 67 गांव पूरी तरह बाढ़ से घिरे हुए हैं। सरकार ने बाढ़ पीड़ितों की सहायता का काम तेज कर दिया है।
राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया है कि बाराबंकी, अयोध्या, कुशीनगर, गोरखपुर, बहराइच, आजमगढ़, बस्ती, संतकबीरनगर, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर बाढ़ से प्रभावित हैं। शारदा नदी पलियां खीरी में, राप्ती नदी बर्डघाट गोरखपुर में, राप्ती नदी श्रावस्ती में तथा घाघरा नदी तुर्तीपार बलिया में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित बताए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार 94 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें 15 का संचालन हो रहा है लेकिन फिलहाल कोई रह नहीं रहा है। अब तक 4646 लोगों को राशन किट दी गई है व 1125 फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। बाढ़ से सुरक्षा के लिए 465 नावें उपयोग में लाई जा रही हैं। 636 बाढ़ चौकी स्थापित की गई हैं।
14 पशु शिविर लगाए गए हैं व 151 मेडिकल टीमें लगी हुई हैं। 3.65 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत किट और पशुओं के लिए 5 किलोग्राम प्रतिदिन के हिसाब से पशुचारा देने को राशि जारी की जा चुकी है। राहत किट में आटा, चावल, दाल, तेल, नमक, चना, आलू सहित 17 तरह की सामग्री है।