लखनऊ में हुई हिंसा का एक दृश्य।
- फोटो : amar ujala
वहीं, आईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने दावा किया है कि तीन दिनों से विभिन्न जिलों में हो रही हिंसा में अवैध हथियारों का जमकर प्रयोग हो रहा है। हिंसा में जो 263 पुलिस कर्मी घायल हुए हैं, उनमें 57 पुलिस कर्मियों को गोली लगी है। उन्होंने बताया कि हिंसा वाले क्षेत्रों से .315 बोर के 405 खोखे बरामद हुए हैं। ऐसे प्रदर्शनों में खोखे पचास प्रतिशत ही रिकवर हो पाते हैं।
बड़ी चिंता यह... हिंसा में तमंचे और देसी पिस्टल का जमकर प्रयोग किया गया। सवाल यह है कि असलहों का सत्यापन करने के बाद भी बड़ी संख्या में हथियार कहां से आ रहे हैं?
लखनऊ में हुई हिंसा का एक दृश्य।
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यूपी पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें जुर्माने का वसूली नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर संपत्ति कुर्क होगी। उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज से की जा रही है। उधर, लखनऊ हिंसा के मामले में पकड़े गए आधा दर्जन से ज्यादा लोगों का पश्चिम बंगाल से कनेक्शन सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, लखनऊ में हिंसा के दौरान इन्हें बंगाल से बुलाया गया था।
सोशल मीडिया पर बड़ी कार्रवाई
13,101 विवादित पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस मामले में 63 एफआईआर दर्ज की गई और 102 लोग गिरफ्तार किए गए, जबकि 442 लोगों पर पाबंदी लगा दी गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के नागरिकों से किसी के बहकावे में आकर कानून हाथ में न लेने की अपील की है। उन्होंने कहा- केंद्र और प्रदेश की सरकार हर नागरिक की सरकार हैं। सरकार और कानून-व्यवस्था पर भरोसा रखें। यदि नागरिकता कानून को लेकर मन में कोई आशंका है भी तो पीएम नरेन्द्र मोदी के उस कथन पर भरोसा रखें जो उन्होंने नागरिकता बिल के संदर्भ में कहा है। सरकार ‘सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास’ की नीति पर कार्य कर रही है। इस सरकार में किसी के साथ अन्याय नहीं हुआ है।
सीएम ने धर्माचार्यों और प्रबुद्ध वर्ग से शांति कायम रखने में जुटे प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। उनसे अपेक्षा जताई है कि वे हर नागरिक को वस्तुस्थिति की जानकारी दें और बताएं कि नागरिकता कानून देश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा की गारंटी है।