मोबाइल एप से संचालित भुगतान व ओटीपी नंबर न मिल पाने की परेशानी से ओला व उबर टैक्सी की बुकिंग न हो पाने से इनका संचालन भी राजधानी में लगातार दूसरे दिन भी ठप रहा। घर बैठे फूड आइटम का ऑर्डर कर मंगवाने की सेवा भी ओटीपी नंबर न मिल पाने से पूरी तरह बाधित बना रही। इससे सप्लाई से जुड़े होटल, रेस्टोरेंट व फूड शॉप की दैनिक बिक्री में भी पचास फीसदी तक की कमी आने से कारोबारी भी परेशान रहे।
इंटरनेट बैकिंग न होने से लगानी पड़ी बैंक तक दौड़
मोबाइल बेस इंटरनेट बैकिंग सेवा के अभ्यस्त हो जाने वाले व्यापारियों को भी लगातार दूसरे दिन नेट सेवा बंद रहने के कारण जरूरी काम निपटाने के लिए बैंक तक की दौड़ लगा कर परेशानी झेलनी पड़ी। सबसे ज्यादा परेशानी ऑन लाइन बिजनेस ट्रेड से जुड़े व्यापारियों को हुई। इंटरनेट सेवा न चलने से करोड़ों के ऑन लाइन बिजनेस आर्डर न तो जारी हो सके और न ही स्वीकार।
राशन दुकानों पर भी बाधित रहा वितरण
खाद्य सुरक्षा योजना में कार्डधारियों को सस्ती दर का अनाज वितरित कराने को लागू बायोमीट्रिक प्रणाली के तहत संचालित ई-पोस मशीनों का संचालन भी इंटरनेट कनेक्टिविटी न मिल पाने के कारण दूसरे दिन शनिवार को भी पूरी तरह बाधित रहा। मशीनों द्वारा उंगली की छाप न ले पाने के कारण वितरण के लिए राशन दुकानें खुली तो लेकिन राशन लेने पहुंचे कार्डधारियों को वितरण कार्य न हो पाने से परेशान हो कर बैरंग वापस लौटना पड़ा।
प्रशासन द्वारा बंद की गयी इंटरनेट सेवा के दौरान निजी मोबाइल आपरेटरों से जुड़े जियो, वोडाफोन, एयरटेल सहित अन्य कंपनियों के थ्री जी व फोर जी सिम पर सिर्फ इनकमिंग आउटगोइंग कॉल ही होती व स्वीकार की जाती रही। इस दौरान बीएसएनएल सेवा से जुड़े सिम पर इंटरनेट की सेवा उपभोक्ताओं को मिलती रही।
शनिवार को भी जियो अथवा अन्य मोबाइल सेवा से जुड़े सैकड़ों कस्टमरों द्वारा बीएसएनएल के सिम पर विशेष इंटरनेट पैकेज डलवाने को लेकर होड़ भी रही। बीएसएनएल से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इसके चलते ही उपभोक्ता सेवा केंद्रों से लेकर रिटेल सेंटरों पर बीएसएनएल के इंटरनेट पैकेज खरीद की बिक्री दो गुना तक बढ़ी है।
एसी बस की 25 फीसदी टिकट बुकिंग प्रभावित
लखनऊ। इंटरनेट बंद होने के कारण घर बैठे बस की सीट बुक करके टिकट हासिल करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार तक 25 फीसदी एसी बस के यात्री टिकट की बुकिंग नहीं कर पाए। ऐसे यात्रियों को अड्डे के काउंटर से टिकट लेकर सीट को आरक्षित कराना पड़ा।
मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) राजेश कुमार वर्मा के मुताबिक 87 वॉल्वो, स्कैनिया एवं 300 से अधिक जनता एसी जनरथ बसों के यात्रियों को ऑनलाइन सीट बुक करने की सुविधा है। लेकिन इंटरनेट बंद होने के करण 20 व 21 दिसंबर को ऑनलाइन टिकट की बुकिंग करने में दिक्कत रही। खासतौर पर लखनऊ से दिल्ली के लिए सफर करने वाले यात्रियों ने अफसरों से शिकायत भी की है।
संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) एवं सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय देवा रोड से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जिन आवेदकों ने 20 व 21 दिसंबर को ऑनलाइन आवेदन किया तो उनको ओटीपी हासिल नहीं हो सकी जिससे परेशानी का सामना करना पड़ा।
दरअसल इंटरनेट बंद होने के कारण ओटीपी मोबाइल नहीं मिल सका जिससे आम आवेदक आवेदन नहीं कर सके। लेकिन साइबर कैफे ने जुगाड़ से आवेदन करा रहे थे। दो दिन में लर्निंग डीएल के 800 में से 500 आवेदक ही आवेदन कर सके।
रेल टिकट बुकिंग में छूटे पसीने, पीआरएस पर भीड़
इंटरनेट सेवा बाधित होने से शनिवार को भी रेलवे टिकट बनाने में यात्रियों के पसीने छूट गए। हालांकि, मोबाइल व एजेंट से टिकट बनाने में हो रही दिक्कतों केचलते पैसेंजर रेलवे स्टेशन से टिकट बनवाने पहुंचे। दरअसल, राजधानी में तनावपूर्ण माहौल के चलते पिछले दो दिनों से इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगी हुई है। हालांकि, इसे शनिवार दोपहर दोबारा शुरू किया जाना था। यह शुरू भी किया गया।
लेकिन इससे लोगों को कोई खासी राहत नहीं मिल सकी। सभी मोबाइल कंपनियों के इंटरनेट सेवाओं को सुचारू रूप से नहीं चालू करवाया जा सका और देर शाम फिर से इंटरनेट बंद हो गया, जिसके चलते रेल यात्रियों के टिकट नहीं बन पाए। लखनऊ से दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, गोरखपुर, पटना, चेन्नई, सिकंदराबाद, अहमदाबाद, जयपुर, चंडीगढ़, जम्मू, देहरादून आदि जगहों के टिकट बुक नहीं हो सके।
अनुमान के मुताबिक शनिवार को भी करीब 40 हजार रेल टिकटों की बुकिंग नहीं हो सकी। मोबाइल व एजेंट के पास टिकट बनवाने वालों को जब दिक्कतें पेश आईं तो वह चारबाग, लखनऊ जंक्शन सहित अन्य रेलवे स्टेशनों केटिकट काउंटर पर पहुंचे और टिकट बनवाए।
इंटरनेट सेवाओं में आ रही दिक्कतों के चलते रेल ही नहीं, एयर टिकटों की बुकिंग में भी समस्याएं पैदा हुईं। लखनऊ से दिल्ली, मुम्बई, बंगलुरु, हैदराबाद, पटना, कोलकाता आदि जगहों के लिए एयर टिकट बुक कराने वालों को मोबाइल व एजेंटों से मायूसी हाथ लगी। जिसके बाद जिन्हें अनिवार्य रूप से हवाई यात्रा करनी थी, उन्होंने एयरपोर्ट पर टिकटों की बुकिंग करवाई। छह से सात हजार पैसेंजर प्रभावित हुए।