रायबरेली। गांवों को साफ रखने की सरकारी मंशा पर अफसरों की मनमानी पानी फेर रही है। हालत ये है कि करोड़ों की धनराशि डंप पड़ी है और ग्राम पंचायतें गंदी। अगर फूटी कौड़ी भी खर्च नहीं की जाए तो गांव साफ कैसे होंगे। 406 पंचायतों ने तो पांच माह में फूटी कौड़ी खर्च नहीं की। इन पंचायतों में 25 करोड़ से अधिक धनराशि डंप है।
शासन स्तर पर समीक्षा में मनमानी पकड़ में आने के बाद पंचायतीराज विभाग के उप निदेशक ने संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में प्रसाधनों की व्यवस्था करने के बाद अब कूड़ा प्रबंधन और गांवों में ही कूड़े के निस्तारण पर खासा जोर दिया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में धार्मिक स्थलों, स्कूलों, पंचायत भवनों, सचिवालयों, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्रों, गलियों, चौराहों के सुंदरीकरण के लिए कायाकल्प का काम कराकर गांवों को अब मॉडल बनाने का काम शुरू किया गया है।
दूसरे चरण में जिले के 688 गांवों को मॉडल बनाने के लिए चुना गया है। शासन से 42 करोड़ रुपये बीते अक्तूबर 2023 को दिए गए। बजट मिलने के बाद संबंधितों में तत्काल काम शुरू कराने के आदेश दिए गए, लेकिन अब तक 282 गांवों में ही बजट को खर्च करने का काम शुरू हुआ है।
406 गांवों ने एक रुपये अब तक खर्च नहीं किए, लेकिन पांच माह पहले ही बजट मिल चुका है। 406 गांवों में करीब 25 करोड़ डंप हैं। शासन स्तर पर समीक्षा में मनमानी मिलने के बाद उप निदेशक गिरीशचंद्र ने डीपीआरओ को संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
रिसोर्स रिकवरी सेंटर सहित अन्य काम होंगे
जिले में चिन्हित 688 गांवों में ठोस और तरल कचरे को अलग करके कचरे को उपयोगी बनाने के लिए रिसोर्स रिकवरी सेंटर बनने हैं। इससे बायोगैस और जैविक खाद भी तैयार कराने की तैयारी है। इसके अलावा गली व चौराहे पर पथ प्रकाश की व्यवस्था होगी। तालाबों का सुंदरीकरण करने के साथ निर्मल बनाया जाना है। सडक़ों की मरम्मत होगी, सीसी रोड निर्माण, जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाना है। कर्मचारी डोर-टू-डोर कूड़ा इकठ्ठा करके रिसोर्स रिकवरी सेंटर तक पहुंचाएंगे।
406 गांवों में खर्च ही नहीं हुआ बजट
जिले के हरचंदपुर ब्लॉक के लोहानीपुर, प्यारेपुर, रहवां, सराय मानिक, स्योठी, जगतपुर टब्लॉक के धोबहा, धूता, हरदीटीकर, कजियाना, खजुरी, कुसुमी, मनिहरशर्की, मनोहरगंज, पूरबगांव, सराय श्रीबख्श, सिंहापुर भटौली, खीरों ब्लॉक के अकोरिहा, बेहटा सातनपुर, सगुनी, संतपुर, सेवनपुर, मेड़ौली समेत अन्य ब्लॉकों में 406 गांवों में बजट खर्च नहीं किया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत 688 गांवों को मॉडल बनाने के लिए 42 करोड़ मिले हैं। 406 गांवों के कर्मचारियों को तीन दिन में काम शुरू कराने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
नवीन सिंह, डीपीआरओ