गांवों की सरकार तो बन गई लेकिन अफसोस कि 1054 में से 210 ग्राम पंचायतों की कमान निरक्षरों के हाथ है। हालांकि, मतदाताओं के जागरूक होने से इस बार 350 प्रधान उच्च शिक्षा ग्रहण किए हुए हैं जबकि अन्य सभी प्रधान साक्षर हैं।
वहीं, युवा प्रधान ही वोटरों की पहली पसंद भी रहे। इसके इतर सबसे दिलचस्प ये है कि एक व्यक्ति की दूसरी पत्नी भी पंचायत की कमान संभालेगी, जबकि पहली पत्नी को जिला पंचायत सदस्य की कुर्सी मिल चुकी है।
जिले के 1054 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्य पदों के लिए वोट डाले गए थे। रविवार सुबह शुरू हुई मतगणना देर रात तक चली। सभी परिणाम घोषित हो गए। इनमें जो आंकड़े सामने आए हैं, उनमें 210 निरक्षर के हाथों में गांव की कमान गई है। अंगूठा लगाकर ही वह गांव के विकास को आगे बढ़ाएंगे।