गोंडा। शहर के गायत्रीपुरम में गुरुवार को बिजली के दो खंभे टूटने से गायत्रीपुरम और सिविल लाइन मोहल्ले में बिजली का ऐसा अघोषित संकट पैदा हो गया कि यहां की 20 हजार आबादी बिजली के साथ-साथ बूंद-बूंद पानी को भी तरह गई। जबकि बिजली के टूटे दो खंभे देरशाम समाचार भेजे जाने तक खड़े नहीं हो पाए। हालांकि मुख्य अभियंता आरके श्रीवास्तव का कहना है कि बिजली के खंभे खड़े हो गए हैं। तार जैसे ही खिंच जाता है, आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
सिविल लाइन इलाके में मोहल्ला गायत्रीपुरम से होकर पावर कॉरपोरेशन ने बिजली के लाइन से लगे खंभों पर ऊपर हाईटेंशन (11 हजार) तो नीचे लोटेंशन (एलटी 440 वोल्ट) लाइन के तार खींच रखे हैं। जिसके दो खंभे सुबह अचानक गिर पड़े। इससे आधे सिविल लाइन व पूरे गायत्रीपुरम मोहल्ले की बिजली सुबह सात बजते ही गुल हो गई। जिससे सुबह के वक्त लोग अपने रोजमर्रा के काम भी नहीं निपटा पाए। ऊपर से निजीकरण को लेकर अभियंताओं व बिजलीकर्मियों के चल रहे कार्य बहिष्कार से लाइन दुरुस्तीकरण का जो काम सात बजते ही चालू हो जाना चाहिए था। वह सुबह 10 बजे शुरू हो पाया। 12 घंटे बाद भी समाचार भेजे जाने तक बिजली नहीं बहाल हो पाई। इससे आधे सिविल लाइन व मोहल्ला गायत्रीपुरम की 20 हजार आबादी की बिजली बाधित है। बिजली न होने से यहां के लोग टुल्लू पंपों से प्राप्त होने वाले बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज हो गए। इस बाबत पावर कॉरपोरेशन के मुख्य अभियंता आरके श्रीवास्तव का कहना है कि गायत्रीपुरम मोहल्ले में बिजली के जो दो खंभे टूटे थे। अब बिजली के खंभे खड़े हो चुके हैं। तार जैसे ही खिंच जाता है, बिजली की बंद पड़ी आपूर्ति भी बहाल कर दी जाएगी।