रायबरेली। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए शहर के विभिन्न चौराहों पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्पले के साथ-साथ साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इसका मकसद शहर आने-जाने वाले लोगों को जाम से निजात दिलाना और यातायात नियमों की जानकारी देना है। यही नहीं चौैराहों पर यातायात नियमों से लिखी होर्डिंग्स भी लगाई जाएंगी। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को करीब ढाई लाख का बजट मुहैया करा दिया गया है। इलेक्ट्रॉनिक डिस्पले और साइन बोर्ड मंगवाए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले में बाकायदा लिखा होगा कि रायबरेली शहर में ट्रैफिक पुलिस आपका स्वागत करती है। अप्रैल में यह सभी कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के चलते शहर में हर दिन कहीं न कहीं जाम लगा रहता है, जिससे घंटों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही यातायात नियमों का पालन न करने से दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं, जिससे लोग अपनी जान भी गंवा रहे हैं। लोगों को यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करने की रूपरेखा तैयार की गई है। अफसरों की मानें तो शहर के डिग्री कॉलेज चौराहा, सिविल लाइंस चौराहा, बस स्टेशन, पुलिस लाइंस चौराहा, रेलवे स्टेशन, रतापुर चौराहा, मामा चौराहा, घंटाघर चौराहा, कैपरगंज समेत अन्य चौराहों पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्पले व साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
शहर के इन चौराहों पर लोगों के पहुंचते ही इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले में लिखा होगा, रायबरेली शहर में ट्रैफिक पुलिस आपका स्वागत करती है। साथ ही वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाए समेत अन्य यातायात नियमों की संबंधित जानकारी लोगों को मिलेगी। साइन बोर्ड से किस चौराहे पर कैसे मुड़ना है, इसकी जानकारी मिलेगी। इसके अलावा यातायात नियमों से संबंधित होर्डिंग्स भी शहर भर में लगाई जाएंगी। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को ढाई लाख रुपये दिए गए हैं।
चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें भी लगेंगी
शहर के विभिन्न चौराहों पर लखनऊ की तर्ज पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें लगाने के प्रयास चल रहे हैं। इसका प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। जल्द ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। ट्रैफिक विभाग के अफसरों की मानें तो ट्रैफिक सिग्नल लाइटें लगने से यातायात व्यवस्था का संचालन बेहतर ढंग से करने में मदद मिलेगी। इसमें रेड लाइट जलने पर ट्रैफिक रुक जाता है। यलो लाइट जलाने पर वाहन पर सवार लोग चलने के लिए तैयार हो जाते हैं। ग्रीन लाइट जलने पर वाहन चल पड़ता है। शहर के प्रमुख चौराहों डिग्री कॉलेज, सिविल लाइंस, रतापुर, सुपर मार्केट, जिला अस्पताल चौराहा, पुलिस लाइंस चौराहा पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें लगाने का खाका तैयार किया गया है।
लाखों लोग जानेंगे यातायात के नियम
ट्रैफिक विभाग की ओर से शहर में ये व्यवस्थाएं शुरू होने से हर दिन पांच लाख से ज्यादा लोग यातायात नियमों की जानकारी करके खुद की जिंदगी को सलामत रख सकेंगे। अफसरों का मानें है तो शहर से होकर लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग, रायबरेली-कानपुर राजमार्ग, रायबरेली-सुल्तानपुर राजमार्ग, रायबरेली-फैजाबाद राजमार्ग, रायबरेली-फतेहपुर मार्ग समेत अन्य मार्गों से पांच लाख से ज्यादा लोग गुजरते हैं, जो यातायात नियमों की जानकारी से सीधे रूबरू हो सकेंगे।
सिपाहियों को किया जाएगा प्रशिक्षित
शहर में लागू होने जा रही नई व्यवस्था के बेहतर ढंग से संचालन के लिए ट्रैफिक सिपाहियों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। पुलिस लाइंस मैदान में सिपाहियों को पुलिस विभाग के अफसरों की ओर से बताया जाएगा कि यातायात नियमों का पालन कराने के लिए ड्यूटी के दौरान क्या-क्या प्रयास किए जाते हैं। इसमें ट्रैफिक सिपाहियों के अलावा होमगार्ड, पीआरडी जवानों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
लोगों को यातायात से संबंधित नियमों की जानकारी देने के लिए शहर के विभिन्न चौराहों पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले और साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके लिए विभाग की तरफ से ढाई लाख रुपये का बजट मिला है। यह सब होने से निश्चित तौर से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आएगा। अप्रैल तक यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
- हरिसरन सिंह, ट्रैफिक इंचार्ज