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अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल बनेगा स्पोर्ट्स कॉलेज

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फैजाबाद। जिले में वर्ष 2005 से निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल को स्पोर्ट्स कॉलेज बनाने का प्रस्ताव सीधे मुख्यमंत्री को भेजा गया है, जहां से खेल विभाग मामले पर गौर कर रहा है। यह प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की बड़ी योजना के पूरा होने में तमाम अड़चनों का उल्लेख करके तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव पर मुहर लगते ही जिले के साथ-साथ पूर्वांचल के खिलाड़ियों को जहां सौगात मिलेगी, वहीं इस परिसर का सदुपयोग होगा। तमाम अड़चनों व संसाधनों की अनुपलब्धता की वजह से इसे वास्तव में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का रूप देना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
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क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्त की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रस्ताव में शासन स्तर पर कवायद चल रही है। प्रस्ताव में उल्लेख है कि सपा शासनकाल के दौरान वर्ष 2005 में मसौधा ब्लॉक के डाभासेमर में डॉ. भीमराव अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल की नींव रखी गई। लागत मूल्य का निर्धारण करके तत्समय धरन भी आवंटित हुआ और कार्य प्रारंभ किया गया। तब से कई चरणों में इसका लागत मूल्य बढ़ता गया, लेकिन निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूर्ण नहीं हो सका। बसपा फिर सपा शासनकाल में भी इसके निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से तेजी दिखाई गई, फिर भी ससमय इसे अमली-जामा नहीं पहनाया जा सका। हालत यह है कि मौजूदा समय में यहां प्रशासनिक भवन, बालक/बालिका छात्रावास, अतिथि गृह, आवास, बहुउद्देशीय क्रीड़ा हाल (नौ बैडमिंटन कोर्ट), बास्केटबाल कोर्ट, फुटबाल खेल मैदान, कबड्डी खेल मैदान, खो-खो खेल मैदान निर्मित है। जबकि हॉकी सिंथेटिक मैदान, सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, लान टेनिस सिंथेटिक मैदान, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, तरणताल निर्माणाधीन है। समस्त कार्य पूर्ण होकर इसे ंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का रूप दे पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इसमें अभी भी काफी वक्त लगने की संभावना है। साथ ही बजट के भी लाले पड़ सकते हैं।
प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि यह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बन भी जाए तो यहां अंतरराष्ट्रीय खेल हो पाना संभव नहीं होगा। निर्माणाधीन परिसर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड के अनुसार नहीं आ रहा है, क्योंकि स्टेडियम के चारों तरफ पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। जनपद में पांच सितारा होटल व एयरपोर्ट की व्यवस्था नहीं है, जिससे विदेशी टीमों के आने पर मानक के अनुसार सुविधाएं प्रदान नहीं की जा सकती हैं। ऐसे में कोई अंतरराष्ट्रीय मैच करा पाना यहां संभव नहीं होगा। मौजूदा समय में वॉलीबाल, फुटबाल, कुश्ती, बैडमिंटन, हैंडबाल, टेबल-टेनिस, बालिका वर्ग का छात्रावास स्थापित है, जहां बालक-बालिकाएं रहकर खेल प्रशिक्षण एवं शिक्षा ग्रहण करते हैं। वहीं, फैजाबाद मंडल मुख्यालय के साथ पूर्वांचल का एक बड़ा शैक्षिक केंद्र हैं। लेकिन यहां व आसपास के कई जिलों में कोई स्पोर्ट्स कॉलेज नहीं है।
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अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण में बाधाओं को दर्शाते हुए इसे स्पोर्ट्स कॉलेज में परिवर्तित करने के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा गया है। बीती फरवरी में हुई बैठक में विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी से निर्माणाधीन परिसर की वर्तमान व भविष्य की स्थितियों से संबंधित रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें मौजूदा वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी ने आख्या प्रस्तुत की। इसके आधार पर विधायक ने स्टेडियम को स्पोर्ट्स कॉलेज का रूप देकर उसमें कक्षा छह से 12 तक के खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ शिक्षा व पठन-पाठन की व्यवस्था कराने संबंधी मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा है, जिस पर शासन स्तर पर कार्रवाई चल रही है।

अधूरे अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल में जैसे-तैसे होते खेल
आधे-अधूरे अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल को लोकार्पित करवाकर प्रदेश सरकार ने वाहवाही बटोरने की कोशिश की। 80 करोड़ की लागत वाली परियोजना की लागत 140 करोड़ से ऊपर पहुंच गई, लेकिन कई काम अब भी अधूरे रह गए। लगभग 10 साल से इंतजार कर रहे खिलाड़ियों को खेलने का अवसर दे दिया, लेकिन हालात कुछ ऐसे ही रहे कि घपले, घोटाले की जद में आए इस क्रीड़ा संकुल से नजर हटाने के लिए इसमें खेल शुरू करा दिया। यह संकुल अभी भी अधूरा है। स्वीमिंग पूल हो या फिर क्रिकेट का मैदान, सिंथेटिक कोर्ट और खेल के मैदान अधूरे हैं।

बैठक के दौरान नगर विधायक की ओरसे अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल से संबंधित रिपोर्ट मांगी गई थी। मौजूदा वस्तु स्थिति को दर्शाते हुए रिपोर्ट विधायक को प्रेषित की गई है। स्पोर्ट्स कॉलेज बन जाए तो पूर्वांचल भर के खिलाड़ियों को सुविधा मिलेगी।
- आरपी सिंह, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी फैजाबाद

वर्ष 2005 से अंतर्राष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल निर्माणाधीन है, जिसके पूर्ण होने में अनेक बाधाएं हैं। इस परिसर को स्पोर्ट्स कॉलेज में परिवर्तित करने में आसानी के साथ ही खिलाड़ियों के लिए सहूलियत मिलेगी और परिसर का सदुपयोग होगा। इसीलिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा गया है, जिस पर शासन से कवायद चल रही है।
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- वेदप्रकाश गुप्ता, विधायक अयोध्या
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