बहराइच। वित्तीय सत्र के समाप्त होने के बाद बैंकों में कैश की कमी हो गई है। ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों में हालात काफी खराब हैं।
आरबीआई के चेस्ट को बीस लाख रुपये की डिमांड भेजने पर बैंकों को पांच से छह लाख रुपये ही दिए जा रहे हैं। एटीएम से भी पैसे नहीं निकल रहे हैं।
शहरी इलाकों में स्थिति को काबू करने में बैंक अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। सहालग का समय होने के कारण खाताधारकों को पैसों की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
बहराइच जनपद में इलाहाबाद बैंक, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, सेंट्रल बैंक, एसबीआई, पीएनबी, बीओबी, एचडीएफसी, एक्सिस, कॉर्पोरेशन, विजया बैंक, केनरा बैंक, इंडियन बैंक समेत अन्य बैंकों की लगभग 200 शाखाएं हैं।
इसमें इलाहाबाद और इलाहाबाद यूपी ग्रामीण व एसबीआई की सर्वाधिक शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। इन बैंकों के 40 से अधिक एटीएम भी संचालित हो रहे हैं।
मार्च के समाप्त होने के 15 दिन बीतने के बाद ही बैंकों में कैश की किल्लत होने लगी है। इलाहाबाद बैंक और इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बैंकों में कैश की कमी सबसे अधिक है।
इलाहाबाद बैंक खजुरी शाखा के प्रबंधक पंकज त्रिपाठी का कहना है कि बैंक से बीस लाख रुपये की मांग भेजी गई थी। मगर मंगलवार को चेस्ट से छह लाख रुपये ही दिए हैं।
कहीं खुले तो कहीं बंद रहे एटीएम
शहर के केडीसी गेट के निकट स्थित एचडीएफसी के एटीएम पर पैसे निकालने वालों की कतार लगी रही। एक्सिस बैंक का एटीएम बंद रहा।
इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा के एटीएम पर पैसे निकलते रहे। बैंक प्रबंधक जीएस पांडेय ने बताया कि 13 अप्रैल को 271, 14 अप्रैल को 279, 15 को 171 और 16 अप्रैल को 342 लोगों ने एटीएम से कैश निकाले और बैलेंस की जानकारी आदि ली है।
पैसे की कोई कमी नहीं होने दी जा रही है। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक एलएन गिरि के बाहर होने से बात नहीं हो सकी।
पैसे निकालने आए थे, लौटे मायूस
पयागपुर के ग्राम ऐलो निवासी मुस्लिम अली इलाहाबाद बैंक खजुरी से पैसे निकालने आए थे। उन्होंने 25 हजार का बाउचर भरा था।
मगर बाद में उनको दस हजार रुपये ही मिल सके। ग्राम मल्लो निवासी परमीत शुक्ला और मस्तराम ने भी बीस-बीस हजार के बाउचर भरे थे।
गेहूं कटाई के बाद उनको खेत जोताई व अन्य कार्य के लिए पैसे की जरूरत थी। लेकिन उनको भी दस-दस हजार रुपये ही मिल सके।
आरबीआई दे रहा कम रुपये
आरबीआई के चेस्ट से कम पैसा ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों को दिया जा रहा है। इससे खाताधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरबीआई के अधिकारियों से बात की जा रही है। जल्द ही समस्या को दूर किया जाएगा।
-श्रवण कुमार, एलडीएम, बहराइच