बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर चल रहे सालाना उर्स में सोमवार को कुलशरीफ का आयोजन हुआ। इस दौरान गाजी की मजार को गुलाब के फूलों से सजाया गया।
कुरानख्वानी के साथ लोगों ने सुख-समृद्धि की कामना के साथ अमन-चैन की दुआ मांगी। जंजीरी गेट से नाल दरवाजे तक तिल रखने भर की जगह नहीं थी। विभिन्न अंचलों से आए अकीदतमंदों ने दरगाह पर हाजिरी लगाई।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर 1015वां सालाना उर्स के तहत कार्यक्रमों का आयोजन चल रहा है। सोमवार सुबह कुरानख्वानी व कुरआन की तिलावत से कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
गोंडा, बाराबंकी, लखनऊ, नेपाल, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोरखपुर, श्रावस्ती, बलरामपुर, आजमगढ़, देवरिया, लखीमपुर, सीतापुर जिलों से भारी तादाद में अकीदतमंद उर्स में शामिल होने के लिए पहुंचे।
जंजीरी गेट चूमते हुए अकीदतमंद गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए नाल दरवाजे पहुंचे। इसके बाद नात मनकबत पेश करते हुए उलेमाओं ने तकरीर की।
दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष सैयद शमशाद अहमद ने बताया कि लगभग 2.5 लाख जायरीन दरगाह पहुंचे हैं। कुलशरीफ कार्यक्रम के बाद लंगर का आयोजन हुआ। कुलशरीफ में बरेली, बाराबंकी और लखनऊ से पहुंचे मौलानाओं ने भी शिरकत किया।