17 बच्चों को नौकरी का झांसा देकर नागपुर व मुंबई में अलग-अलग फैक्ट्रियों में बेच दिया गया। बहराइच के टोर्री गांव के इन बच्चों के मोबाइल फोन व पैसे छीनकर उन्हें बंधुआ मजदूर बना दिया गया है।
इन सभी से 22 घंटे काम लिया जा रहा है। इन पर लगातार निगरानी भी की जा रही है। यह सनसनीखेज खुलासा नागपुर से किसी तरह भागकर रविवार सुबह घर पहुंचे 17 वर्षीय रामसंवारे ने। फिलहाल बहराइच पुलिस महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क करने की कोशिश कर रही है।
दरगाह शरीफ थाना क्षेत्र के बागवानी ग्रामपंचायत के मजरा टोर्री में एक हफ्ते पहले गोंडा के मनकापुर निवासी सूरज कुमार ने किशोर व युवाओं को महाराष्ट्र में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। वह दो बार में 18 बच्चों को महाराष्ट्र ले गया। इनमें 17 लड़के 13 से 17 वर्ष के बीच के हैं। जबकि एक अधेड़ भी है।