मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोविड चिकित्सालयों में चिकित्सा कर्मियों, औषधियों, मेडिकल उपकरणों तथा बैकअप सहित ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखी जाए। लेवल-2 और लेवल-3 के बेड्स बढ़ाए जाएं। शासन हर तरह से सहयोग करेगा।
मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि लखनऊ में एरा मेडिकल कॉलेज, डीएस मिश्र मेडिकल कॉलेज और इंटीग्रल मेडिकल कॉलेज सहित बलरामपुर हॉस्पिटल को डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के रूप में कोरोना के इलाज के लिए समर्पित किया जाए। प्रत्येक कोविड हॉस्पिटल में न्यूनतम 700 बेड की उपलब्धता जरूर रहे। यहां सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट के मंत्र को आत्मसात कर कार्य किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि रोजाना प्रदेश में न्यूनतम एक लाख आरटीपीसीआर टेस्ट किए जाएं। सभी सरकारी तथा निजी टेस्टिंग लैब पूरी क्षमता के साथ कार्य करें। टेस्टिंग में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
100 केस मिलने पर लगाए नाइट कर्फ्यू
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में रोजाना 100 से अधिक कोरोना संक्रमण के केस मिल रहे हैं या फिर जहां पर कुल एक्टिव केस की संख्या 500 से अधिक है, वहां रात्रि नौ बजे से सुबह 6 बजे तक कोरोना कर्फ्यू लगाया जाए।
कैंटोनमेंट जोन की व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए। सभी जनपदों में पीपीई किट, पल्स ऑक्सीमीटर, इंफ्रारेड थरमामीटर, सैनिटाइजर, एंटीजन किट सहित सभी आवश्यक लॉजिस्टिक की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। किसी भी जनपद से लॉजिस्टिक के अभाव की शिकायत नहीं आनी चाहिए। प्रदेश में एचएफएनसी और वेंटिलेटर की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके बाद भी आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त प्रबंध किए जाएं।