तिलोई (रायबरेली)। बीएसएफ जवान प्रदीप शुक्ला का पार्थिव शरीर रविवार को पैतृक गांव कुटमरा पहुंचा तो हर कोई रो पड़ा। जवान को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर परिवारीजनों ने पार्थिव शरीर न लेकर हंगामा किया। साथ आए जवानों ने शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। जवान की मां पार्वती दहाड़े मारकर रो पड़ी। मां का कहना है कि उनका बेटा बहादुर था। वह कभी खुदकुशी नहीं कर सकता है।
अमेठी जिले की तिलोई तहसील क्षेत्र के कुटमरा गांव के रहने वाले एवं बीएसएफ जवान प्रदीप शुक्ला की मौत की शुक्रवार को कांकेर जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाका कोयलीबेड़ा के कैंप में डयूटी के दौरान संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। अधिकारियों का कहना था कि प्रदीप ने खुदकुशी की है। बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर विनीत राय की अगुवाई में साथी जवान शाम को प्रदीप शुक्ला का शव लेकर उनके पैतृक गांव पहुंचे। जवान की पत्नी दीपमाला शुक्ला, मां पार्वती, बच्चे समेत अन्य परिवारीजन, नाते-रिश्तेदार और वहां पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। मां और पत्नी के आंसू नहीं थम रहे थे। कुछ देर बाद परिवारीजन और स्थानीय लोग जवान को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे।
बेटा नहीं कर सकता आत्महत्या
प्रदीप शुक्ला की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
परिवारीजन जवान का पार्थिव शरीर वापस लेकर जाने की बात कहने लगे। मां का आरोप था कि एक दिन पूर्व बात करते समय उनका बेटा प्रदीप बहुत खुश था। उनका बेटा एक बहादुर बेटा था। वह पिछले 18 वर्षों से बीएसएफ में अपनी सेवा देकर देश के लिए लड़ रहा था। आत्महत्या जैसी घिनौनी हरकत वह कतई नहीं कर सकता। हम लोग चाहते हैं कि उनके बेटे को वह सम्मान मिले, जो शहीद होने पर एक सिपाही को मिलता है। जवान की मौत से गांव का मातम जैसा माहौल है और लोगों में नाराजगी है।
अधिकारियों ने की परिजनों से बात
मौैके पर उपजिलाधिकारी तिलोई योगेंद्र कुमार सिंह, तहसीलदार दिग्विजय सिंह, थानाध्यक्ष मोहनगंज जावेद इकबाल, सीओ तिलोई आनंद कुमार भी मौके पर पहुंचे। राज्यमंत्री सुरेश पासी, क्षेत्रीय विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख कृष्ण कुमार सिंह मुन्ना, राकेश त्रिपाठी, सुरेश त्रिवेदी, सुंदरलाल जायसवाल ने भी परिवारीजनों को शांत कराने का प्रयास किया। तिलोई सीओ का कहना है कि परिवारीजनों से बातचीत चल रही है।
पत्नी व बेटे ने लगाया हत्या का अरोप
बीएसएफ जवान प्रदीप शुक्ला की पत्नी दीपमाला व बेटे वितेश ने हत्या किए जाने का आरोप लगाया। पत्नी दीपमाला ने बताया मेरी घटना वाले दिन वीडियो कॉल के जरिए प्रदीप से बात हुई तो बहुत खुश थे। करीब आधा घंटे तक बात हुई। परिवार के बारे में व बच्चों के बारे में पूछा। पत्नी ने बताया कि वो बहुत ही भावुक स्वाभाव के थे। वह आत्महत्या जैसा कदम नही उठा सकते। निश्चित मेरे पति की हत्या की गई। जब तक राष्ट्रीय सम्मान के साथ शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।