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फेसबुक पर महज 15 दिन की दोस्ती के बाद पति और बच्चों को छोड़कर युवक के पास पहुंची विवाहिता, आगरा से लाई पुलिस से बोली- प्रेमी के साथ ही रहूंगी, रोते और मिन्नते करते रहे बच्चे और पति, फिर भी नहीं पसीजी

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लखनऊ। पीजीआई थाना क्षेत्र में रहने वाली एक विवाहिता महज 15 दिन की दोस्ती में ही फेसबुक फ्रेंड को दिल दे बैठी। दीवानगी ऐसी कि पति व दो बच्चों को छोड़कर वह अलीगढ़ में रहने वाले फेसबुक फ्रेंड के पास चली गई। पति ने गुमशुदगी दर्ज कराई तो पीजीआई पुलिस उसे आगरा से ढूंढकर बुधवार को थाने लाई। वहां पति व दोनों बच्चे बिलखते हुए उससे घर चलने की मिन्नते कर रहे थे मगर वो फेसबुक फ्रेंड के साथ ही रहने की जिद पर अड़ी रही। चूंकि विवाहिता बालिग है, इस वजह से पुलिस भी बेबस नजर आई।
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पीजीआई थाना क्षेत्र में रहने वाला एक व्यक्ति प्राइवेट नौकरी करता है। परिवार में पत्नी, 12 साल की बेटी व सात साल का बेटा है। 20 अक्तूबर को पत्नी अचानक लापता हो गई। तलाशने पर भी वह नहीं मिली तो पति ने पीजीआई थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने सर्विलांस व अन्य माध्यमों से छानबीन की तो पता चला कि विवाहिता की 15 दिन पहले फेसबुक पर अलीगढ़ के एक युवक से दोस्ती हुई थी। दोनों में मोबाइल पर भी बात होने लगी थी, जिसके बाद वह भागकर अलीगढ़ में फेसबुक फ्रेंड के पास चली गई है।
पीजीआई पुलिस बुधवार को विवाहिता को आगरा के पास से ढूंढकर थाने लाई। वहां उसे देखते ही पति व बच्चे लिपटकर रोने लगे मगर वो फेसबुक फ्रेंड के साथ ही रहने की बात कहती रही। बच्चों के भविष्य की दुहाई देते हुए पति ने हाथ-पैर तक जोड़े मगर वह नहीं पसीजी। उसने साफ शब्दों में कहा कि अब फेसबुक फ्रेंड ही मेरा सब-कुछ है और उसी के साथ ही रहूंगी। पुलिसकर्मियों समेत थाने में मौजूद कुछ लोगों ने भी विवाहिता को समझाने की कोशिश की मगर वह नहीं मानी। कोतवाल धर्मपाल सिंह का कहना है कि महिला बालिग है। वह अपनी मर्जी से गई थी। इस वजह से पुलिस कुछ नहीं कर सकती। अब मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका बयान दर्ज कराया जाएगा। उसके बाद ही वो अपना निर्णय ले सकती है।
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