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सब्जियों और फलों के दामों में आया उछाल

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गैर प्रांतों में चल रही किसानों की हड़ताल का असर जिलों में दिखना शुरू
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सीतापुर। उपज के लाभकारी मूल्य व कर्जमाफी को लेकर गैर प्रांतों में चल रहा किसानों के आंदोलन का असर जिले में भी दिखाई देने लगा है। सब्जियों व फलों के दामों में दोगुने तक वृद्धि हो गई है। खासकर आलू व प्याज के दामों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। व्यापारियों का कहना है कि अगर आंदोलन थमा नहीं तो यह बढ़ोतरी और भी चरम पर पहुंच जाएगी।

फसल के लाभकारी मूल्य व कर्जमाफी को लेकर हरियाणा, यूपी, पंजाब, महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के किसान सड़क पर उतर आए हैं। वह अपनी फसल थोक मंडियों में नहीं भेज रहे हैं। जबकि जिले में अधिकांश सब्जियां गैर प्रांतों से आती है। इस हड़ताल का असर यहां पर भी दिखाई देने लगा है।
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चार दिन पहले 12 रुपये किलो बिकने वाला आलू 16 रुपये पर पहुंच गया है। इसी प्रकार प्याज 10 रुपये किलो बिक रहा था। आज वह 15 रुपये पर आ गया है। तुरई के दाम दोगुने हो गए है। 10 के बजाए अब 20 रुपये किलो बिक रही है। इसी प्रकार भिंडी छलांग लगाते हुए 10 से 20 पर पहुंच गई है।

हरी धनिया 40 से 80 तक आ गई है। टमाटर व घुइयां के दामों में कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। इधर, फलों की बात करें तो एक सप्ताह पहले सेब 150 से 160 रुपये किलो बिक रहा था। इस हड़ताल के बाद सेब के दाम भी 180 रुपये तक पहुंच गए है। इसी प्रकार लीची 80 रुपये बाजार में बिक रही है।
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यही लीची पहले 60 रुपये किलो मिल जाती थी। हालांकि केला, अंगूर व आम के भाव में कोई वृद्धि नहीं हुई है। व्यापारियों का कहना है कि अगर इस हड़ताल पर सरकार ने जल्द काबू न पाया तो सब्जियों व फलों के दामों में बेतहाशा वृद्धि हो जाएगी। इसका असर सीधे आम आदमी की थाली पर पड़ेगा।

और हो सकती बढ़ोतरी
किसानों की हड़ताल के असर से सब्जियों के दामों में वृद्धि आई है। कई सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। आने वाले दिनों में यह और भी बढ़ जाएंगे।
-सिराज, सब्जी व्यापारी

बढ़ रही है महंगाई
मटर तो बाजार में आनी ही बंद हो गई है। वही सब्जियों यहां पर आ रही है जिनकी पैदावार जिले में होती है। इसी के चलते महंगाई बढ़ रही है।
-इंदरीश, सब्जी व्यापारी
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