रेउसा (सीतापुर)। बाढ़ तो टल गई है, मगर गांजर क्षेत्र में घाघरा नदी ने कटान तेज कर दी है। तटीय इलाके में नदी ने बीते 24 घंटे में करीब 60 बीघा जमीन को निगल लिया है। कटान से तटीय क्षेत्र के बाशिंदों में हड़कंप है। हालांकि नदी जहां कटान कर रही है, वहीं बाढ़ की संभावना टल गई है। माना जा रहा है कि जलस्तर में अभी और गिरावट आएगी।
घाघरा नदी के जलस्तर में बीते दो दिनों से गिरावट आ रही है। शनिवार की रात घाघरा नदी ने परमेश्वरदीन पुरवा के निकट तेजी से कटान करनी शुरू कर दी है। इसी तरह से नदी कोनी के निकट भी कटान कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते चौबीस घंटे में परमेश्वरदीन पुरवा व कोनी के आसपास की करीब 60 बीघा खेती कटकर घाघरा नदी में समा गई है। कटान की वजह से तटीय क्षेत्र के किसानों के माथों पर चिंता की लकीरें खिच गई हैं। जिन स्थानों पर स्टड बनाने का काम चल रहा है, वहां पर नुकसान नहीं हो रहा है। उधर, बैराजों से राहत देने वाली खबर आई है। इससे आने वाले एक या दो दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। शारदा बैराज से रविवार को 13345 क्यूसेक व घाघरा बैराज से 30398 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जानकारों का कहना है कि यह पानी सीतापुर से गुजरेगा, तब भी नदी के जल स्तर पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। स्थिति साफ है कि हाल फिलहाल बाढ़ जैसे कोई हालत नहीं है।
बाक्स
बैराजों से छोड़ा गया पानी
घाघरा 30398 क्यूसेक
शारदा 13345 क्यूसेक
बनबसा 13136 क्यूसेक