रायबरेली। डेथ सर्टिफिकेट के चक्कर में रविवार को एक बुजुर्ग हरिपाल सिंह का अंतिम संस्कार ही अधर में लटक गया। इससे परिवारीजन सकते में आ गए।
परिवारीजनों ने अपने परिचित भाजपा नेता को सीएचसी से प्रमाणपत्र लाने भेजा लेकिन डॉक्टरों ने इनकार कर दिया। इस पर हंगामा होने लगा।
भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करने लगे। इस पर मौके पर पहुंचे भाजपा विधायक रामनरेश रावत मौके पर पहुंचे और किसी तरह प्रमाणपत्र दिलवाया। हालांकि काफी-मनौव्वल से करीब दो घंटे बाद घाट पर अंतिम संस्कार हो गया था।
संजय नगर निवासी हरिपाल सिंह (75) की शनिवार रात अचानक तबीयत खराब हो गई थी। एंबुलेंस की मदद से उन्हें सीएचसी बछरावां पहुंचाया, जहां डॉ. एसपी सिंह ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लेकिन डॉक्टर ने मृतक की इंट्री अस्पताल के दस्तावेज में नहीं की। उधर, परिवारीजन रविवार को शव लेकर कानपुर गंगा घाट पहुंचे तो घाट प्रबंधन ने बिना डेथ सर्टिफिकेट के दाह संस्कार से इनकार कर दिया।
इसी बीच परिवारीजनों ने अपने परिचित भाजयुमो नगर अध्यक्ष सचिन सोनी को डेथ सर्टिफिकेट लेने अस्पताल भेजा। यहां रिकार्ड में नाम न होने से डॉ. प्रभात मिश्रा ने मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने से मना कर दिया।
इस पर गुस्साए कार्यकर्ता भाजयुमो मंडल अध्यक्ष श्रीश चौधरी के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद ही क्षेत्रीय विधायक रामनरेश रावत भी अस्पताल पहुंचे और किसी तरह मामला शांत कराया।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. एके जैसर ने मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया। प्रमाणपत्र न होने से करीब दो घंटे तक अफरातफरी की स्थिति रही।