राज्य विद्युत उत्पादन निगम में बीते 2 नवंबर (धनतेरस) को अधिशासी अभियंता के पद पर प्रोन्नत हुए 124 अभियंता आठ दिन बाद 10 नवंबर को फिर सहायक अभियंता पद पर पदावनत कर दिए गए। निगम प्रबंधन ने बुधवार को ज्येष्ठता सूची का अंतिमीकरण न होने की प्रक्रियात्मक त्रुटि का हवाला देते हुए इन प्रोन्नतियों को निरस्त कर दिया।
गौरतलब है कि बाकायदा विभागीय प्रोन्नति कमेटी (डीपीसी) की बैठक करके इन अभियंताओं की प्रोन्नति की गई थी। इसके आदेश जारी होने के बाद प्रबंधन को त्रुटि का पता चला और फिर बुधवार को सभी को पूर्व के पदों पर डिमोट कर दिया गया।
इससे अभियंताओं में खासी निराशा है। सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि त्रुटि के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? क्योंकि डीपीसी की बैठक में रखी गई सूचना के आधार पर ही प्रोन्नतियां हुई थीं।
वहीं, निगम के अध्यक्ष की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पदोन्नति आदेश निरस्त होने के कारण संबंधित सहायक अभियंता अपने पूर्व के पदों पर ही बने रहेंगे। अनंतिम वरिष्ठता सूची पर आपत्तियां आमंत्रित की जा रही हैं। इसके निस्तारण के बाद अंतिम वरिष्ठता सूची जारी की जाएगी।