बुराई पर अच्छाई के त्योहार विजयादशमी पर मंगलवार को शाम होते ही नगर की रामलीलाओं में रावण वध की लीला केबाद असत्य केप्रतीक दशानन का पुतला धूं धूं कर उठा। शहर की तमाम रामलीला समितियों में रात 8 बजे से 10 बजे केबीच 20 फुट से 121 फुट तक के पुतले फूंके गये।
शहर का सबसे बड़ा 121 फुट ऊंचा रावण पाकिस्तानी आतंक का नाश, नो सिंगल यूज प्लास्टिक रही थीम ऐशबाग रामलीला समिति की ओर से रामलीला मैदान ऐशबाग में जला। यहां समारोह के अतिथियों में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष स्व्तंत्रदेव सिंह, कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक समेत कई रहे।
उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा ऐशबाग रामलीला का पौराणिक महत्व बताते हुये कहा कि लोगों को अपने जीवन में राम के आदर्शो को उतारना चाहिये। नशे से दूर रहना चाहिये और नारी सम्मान करना चाहिये। गोस्वामी तुलसीदास यहां मंचन करने आये थे, उसके बाद से यहां मंचन हो रहे हैं।
प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि कश्मीर से अब अनुच्छेद 370 हट चुकी है, अब वहां भी लोग रामलीला मंचनों से रूबरू होंगे। मौकेपर समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों को धातुओं से तैयार रामायुध, गदा आदि स्मृति चिह्न दिये। समारोह में आतिशबाजी के साथ ही 9 बजे के बाद रावण के 121 फुट ऊंचे पुतले का दहन हुआ।
121 फुट केगगनचुंबी रावण को देखने के लिये दर्शक यहां शाम 5 बजे से ही जुटना शुरू हुये। प्लास्टिक के रावण से भी प्लास्टिक को जीवन से दूर करने का संदेश दिया गया। बटन दबाने केबाद वो धराशायी हो गया। शहर में शाम 7 बजे से 10 बजे केबीच दर्जनों की संख्या में रामलीला समितियों, मोहल्लों कालोनियों में रावण दहन हुये।
पहली बार हुआ झूलेलाल घाट पर रावण दहन
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की रौनक केबीच मंगलवार शाम झूलेलाल घाट पर पहली बार रामलीला मंचन केबाद मौ समगंज रामलीला समिति का पुतला जला। मौसमगंज से यहां आई रामसेना सवारी केबाद मैदान में युद्ध हुआ। आतिशबाजी के बाद यहां मेघनाद और रावण के विशाल पुतले जले। अलीगंज एच पार्क, रामलीला मैदान चिनहट, पक्का पुल, राजाजीपुमर, महानगर रामलीला मैदान, आलमबाग समेत कई स्थानों पर रावण मेघनाद के पुतले जले।
सदर में लगभग 60 फुट का रावण जला। अलीगंज दशहरा मेले की ओर से शोभायात्रा के बाद रावण दहन हुआ। मेेले संग एच पार्क में रावण का दहन हुआ। ट्रांसगोमती-सिसगोमती समेत तमाम कालोनियों मोहल्लों, आवासीय सोसाइटी में भी रावण के छोटे पुतलों का दहन बच्चों और युवाओं ने किया।