एसएसपी से डीआईजी बनने वाले अधिकारियों में 2005 बैच के अधिकारी शामिल हैं। इसमें से प्रमोशन के लिए जिन 28 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया उसमें मंजिल सैनी, आरके भारद्वाज, उपेंद्र कुमार अग्रवाल, जे रविंदर गौड़, दीपक कुमार, सुभाष चंद्र दूबे, अखिलेश कुमार, विनय कुमार यादव शामिल हैं। इसी तरह हीरा लाल, संजय कक्कड़, अरविंद सेन, शिवशंकर सिंह, दिनेश पाल सिंह, राकेश सिंह, वीपी श्रीवास्तव, उमेश कुमार सिंह, आरपी पांडेय, राजेश पांडेय, बीडी शुक्ला, श्रीपर्णा गांगुली, बलिकरन यादव, पूनम श्रीवास्तव, राम लाल वर्मा, अनिल कुमार, हरीश कुमार, हरि नारायण सिंह, दिलीप कुमार और केबी सिंह के नाम शामिल हैं।
2019 के अंत तक यह भी होंगे प्रमोट
प्रोन्नति समिति ने 31 दिसंबर 2019 तक रिक्त हो रहे पदों के लिए भी एडवांस डीपीसी की है। इसमें 1988 बैच के आईपीएस एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार पहली जुलाई को डीजी बन जाएंगे। वहीं, आईजी एटीएस असीम अरुण इसी महीने एडीजी हो जाएंगे।
आईपीएस अधिकारियों के बाद पीपीएस अधिकारियों की भी डीपीसी हुई। इसमें 2001 बैच के शेष रह गए 21 अफसरों में से 18 को प्रमोशन देने का निर्णय लिया गया। इस बैच के जो अफसर सीओ से अपर पुलिस अधीक्षक बनेंगे उसमें एसटीएफ में तैनात सत्यसेन यादव और एटीएस में तैनात दिनेश पुरी शामिल हैं।
विजय त्रिपाठी, शैलेंद्र लाल, आलोक कुमार जायसवाल, रविंद्र कुमार वर्मा, उमेश कुमार यादव, राधे श्याम राय, श्रीपाल यादव, संजय कुमार, सत्यम, विवेक चंद्रा, सीताराम, जोगेंद्र लाल, श्रीश चंद्रा, राम अर्ज, राहुल कुमार द्वितीय और अनिल कुमार सिंह का नाम शामिल है। इस बैच के राहुल मिश्रा, अनुराग दर्शन और धर्मेंद्र कुमार का लिफाफा बंद होने के कारण इन्हें प्रोन्नति का लाभ नहीं मिल सकेगा।
41 अपर पुलिस अधीक्षक को उच्च श्रेणी का वेतनमान
अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के 41 अफसरों को भी प्रमोशन का लाभ मिलेगा। इसमें 6 अपर पुलिस अधीक्षकों को उच्चतर वेतन मान, 16 को विशेष श्रेणी वेतनमान प्रथम और 19 को विशेष श्रेणी वेतन मान द्वितीय का लाभ मिलेगा।