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गंगा घाट पर 104 लाशें, शासन से प्रशासन तक हड़कंप

Thu, 15 Jan 2015 10:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर-उन्नाव।
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उन्नाव जिले के परियर गावं स्थित गंगा घाट पर मंगलवार को अचानक 104 शव मिलने से सनसनी फैल गई। आसपास के गांवों के लोग इकट्ठा हो गए। शवों के उतराए होने की जानकारी मिलते ही कानपुर आईजी समेत कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के पुलिस एवं प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे। बुधवार सुबह घाट पर डीएम समेत प्रशासन और पुलिस फोर्स पहुंची। शवों की दुर्दशा देख सफाईकर्मियों ने शव निकालने से इंकार कर दिया था अब लाशें दफनाने का काम शुरू हो गया है।
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मंगलवार को भी बदबू के चलते अफसर और फोरेंसिक एक्सपर्ट ज्यादा देर तक वहां खड़े नहीं रुक सके थे। पुलिस का कहना है कि शव महिला और पुरुषों दोनों के हैं। मंगलवार देर रात समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजयेपी ने दफनाने का कार्य रोकवा दिया था।

उन्होंने कहा कि पहले पोस्टमार्टम कराया जाए और फिर शासन से मिलने वाले पैसे से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाए। परियर घाट के आसपास अंतिम संस्कार किया जाता है। मकर संक्रांति के स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन ने नालों और टेनरियों का गंदा पानी गंगा में जाने पर रोक लगा रखी है। ऐसे में गंगा का जलस्तर कम हो गया।
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104 श्‍ावों ने मचाई सनसनी

मंगलवार सुबह परियर घाट के पास बने नाले के आसपास कुछ शव उतराए हुए मिले। इसकी जानकारी मिलते ही सनसनी फैल गई। बात आसपास के गांवों तक पहुंची तो लोगों की भीड़ जुट गई। इस दौरान लोगों ने देखा कि दर्जनों शव उतराए हुए हैं और उनसे दुर्गंध उठ रही है। एक ग्रामीण ने भारी संख्या में शव के उतराए होने की जानकारी जिला प्रशासन को दी।

तत्काल एसडीएम को मौके पर रवाना करने के साथ ही मामले की जानकारी लखनऊ बैठे अफसरों को दी गई। यह सूचना राजधानी लखनऊ पहुंची तो पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। गृह विभाग और डीजीपी दफ्तर से कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों से पूरे मामले की जानकारी मांगी गई।

कानपुर जोन के आईजी आशुतोष पांडेय, एसपी उन्नाव और लखनऊ  के पुलिस और प्रशासनिक अफसर लाव-लश्कर के साथ परियर घाट पहुंच गए। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने जांच पड़ताल कर नमूने लिए। शवों से बदबू उठने की वजह से अफसर वहां ज्यादा देर तक नहीं रूक सके। जांच पड़ताल के  दौरान पता चला कि यहां शव विसर्जित किए जाते हैं।
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आज आएंगी उमा भारती

जलस्तर कम होने की वजह से विसर्जित शव ही दिखाई पड़ रहे हैं। इसके बाद जेसीबी बुलाई गई और शवों को नदी तट पर ही गड्ढा खोदकर दफन का कार्य शुरू किया गया। प्रशासन ने माना कि शव की संख्या बढ़ सकती है। देर रात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे।

उन्होंने दफन कार्य रोकवा दिया। मांग की कि पहले सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया जाए और फिर शासन से जारी होने वाले पैसे से विधि विधान पूर्वक अंतिम संस्कार कराए जाए। इस बीच मौके पर भारी संख्या में भाजपाई जुट गए।

प्रदेश अध्यक्ष बाजपेयी ने कहा कि उन्होंने साध्वी उमा भारती को पूरे मामले की जानकारी दी है। संभव है कि वह बुधवार को मौके पर पहुंचेगी। प्रशासन की ओर से गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार कराए जाने की प्रक्रिया का भाजपा विरोध करेगी।
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