दूसरे चरण में बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त 88 हजार शिक्षा मित्रों के समायोजन कार्यक्रम पर शुक्रवार को मुहर लगेगी। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने इसके लिए जिलेवार शिक्षकों के खाली पदों का ब्यौरा मांगा है। इसके आधार पर अधिकारियों के साथ बैठक में समायोजन कार्यक्रम पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
प्रदेश में 1.70 लाख शिक्षा मित्रों को दूरस्थ शिक्षा से बीटीसी का प्रशिक्षण देकर सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया जाना है। पहले चरण में 58,826 शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बनाया जा चुका है।
दूसरे चरण में बीटीसी करने वाले 88 हजार शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित करने का कार्यक्रम सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने भेजा है। इसके मुताबिक 28 फरवरी तक इन्हें सहायक अध्यापक पद का नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा।
आयु सीमा से बनेगी वरीयता सूची
शिक्षा मित्रों को समायोजित करने के लिए आयु सीमा के आधार पर वरीयता सूची बनाई जाएगी। मसलन जिसकी अधिक आयु होगी, उसे पहले नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
दो शिक्षा मित्रों की जन्मतिथि एक समान है तो अंग्रेजी वर्णमाला के आधार पर वरीयता सूची बनाई जाएगी। डायट प्राचार्य की अध्यक्षता में बनने वाली कमेटी शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति का अनुमोदन देगी।
इन 25 हजार शिक्षामित्रों का फंस गया रिजल्ट
जबकि, 25 हजार शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाने की मुहिम को झटका लग सकता है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने अप्रशिक्षित शिक्षामित्रों को बीटीसी प्रशिक्षण का परिणाम 28 दिसंबर को घोषित किया गया था।
इस परीक्षा में कुल 91200 शिक्षामित्र पंजीकृत थे, इसमें 69739 पास, 913 फेल एवं 19766 के परिणाम अपूर्ण पाए गए थे। परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी के कारण लगभग 25 हजार अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में फंस गया है।
इस परिणाम में अप्रशिक्षित एवं स्नातक शिक्षामित्रों का पत्राचार बीटीसी द्विवर्षीय पाठ्यक्रम एवं समाज कल्याण विभाग से जुड़े प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों का दूरस्थ शिक्षा विधि से बीटीसी प्रशिक्षण पाने वाले अभ्यर्थी शामिल हैं।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से जारी परिणाम में नाम, विषय, रोलनंबर, अंकों और प्रयोगात्मक परीक्षा के अंकों में गड़बड़ी सामने आई है। इन अभ्यर्थियों ने बुधवार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पहुंचकर अंकपत्रों की गड़बड़ी ठीक करने की मांग की।