गर्मी में घंटों बिजली कटौती से जूझे राजधानीवासियों को आने वाले दिनों में इस परेशानी से निजात मिल सकती है।
दरअसल केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद शहर में दस नए 33/11 केवी बिजलीघरों के निर्माण को हरी झंडी मिल गई है।
इससे शहर के नव विकसित कॉलोनियों के करीब एक लाख उपभोक्ताओं की बिजली व्यवस्था तो सुधरेगी ही, अन्य क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को भी बार-बार होने वाली कटौती से छुटकारा मिलेगा।
भारत सरकार ने नए बिजलीघरों के निर्माण के लिए धनराशि जारी कर दी है। वहीं, शासन ने दो बिजलीघरों के लिए जमीन आवंटित कर दी है।
अन्य आठ बिजलीघरों को बनाने के लिए स्थान का चयन किया जा रहा है। शहर में फिलहाल 80 बिजलीघर हैं, जिनसे करीब 7.25 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है।
नए बिजलीघरों के निर्माण से इन बिजलीघरों पर जहां लोड कम होगा, वहीं उपभोक्ताओं को भी बेहतर बिजली आपूर्ति हो सकेगी।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की संशोधित आर-एपीडीआरपी ‘पार्ट बी’ प्लान के तहत 10 बिजलीघर बनाने पर अनुमानित 35 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
किस बिजलीघर से किसको फायदा
आजादनगर में नया बिजलीघर बनने से बालाघाट बिजलीघर को राहत और कैम्पवेल रोड, मरी माता मंदिर रोड, एकतानगर एवं यासीनगंज के उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा।
हरदोई रोड के राधा ग्राम में नया बिजलीघर बनने से गऊघाट बिजली का बोझ कम होगा, जबकि राधा ग्राम, मल्लाही टोला, दौलतगंज एवं हरदोई रोड की बिजली व्यवस्था सुधरेगी।
कानपुर रोड की एलडीए कॉलोनी में नया बिजलीघर बना तो आशियाना कॉलोनी के उन उपभोक्ताओं को कटौती से राहत पाएंगे जो इस गर्मी में बेहाल हो गए।