प्रदेश में रेलवे के ढांचे को मजबूत बनाने के लिए 10,045 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसमें उत्तर रेलवे को 3,194 करोड़, पूर्वोत्तर रेलवे को 3,008 करोड़ और उत्तर मध्य रेलवे को 3,763 करोड़ रुपये सूबे के लिए दिए गए हैं। नई रेल लाइनों को बिछाने, सुरक्षा व यात्री सुविधाओं से लेकर रेलकर्मियों की सहूलियतों से जुड़ी तमाम योजनाएं शामिल हैं। इतना ही नहीं, रेलवे ने राजस्व बढ़ाने व खर्च घटाने को लेकर भी मुकम्मल तैयारियां की हैं।
वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा एक फरवरी को पेश बजट में रेलवे के हिस्से में 1,48,528 करोड़ रुपये आए। बता दें कि उत्तर, पूर्वोत्तर, उत्तर मध्य रेलवे सहित 16 रेलवे जोन व मेट्रो रेल कॉरपोरेशन हैं। जबकि, उत्तर प्रदेश को उत्तर, पूर्वोत्तर व उत्तर-मध्य रेलवे के मंडल कवर करते हैं।
मसलन, उत्तर रेलवे में पांच मंडल हैं। लखनऊ, मुरादाबाद, फिरोजपुर, दिल्ली व अंबाला। इसमें प्रदेश को लखनऊ व मुरादाबाद मंडल कवर करते हैं। ऐसे ही पूर्वोत्तर रेलवे के तीनों मंडल इज्जतनगर, लखनऊ व वाराणसी और उत्तर मध्य रेलवे के झांसी, इलाहाबाद व आगरा मंडल सूबे में आते हैं। ये मंडल राज्य को रेल सेवाएं देते हैं। इसमें उत्तर रेलवे का मुख्यालय दिल्ली में है। जबकि, पूर्वोत्तर व उत्तर-मध्य रेलवे का मुख्यालय क्रमश: गोरखपुर व इलाहाबाद में है।
इन मंडलों को इतना बजट
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बजट में इस बार उत्तर रेलवे के पांचों मंडलों को कुल 24,462 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें लखनऊ व मुरादाबाद मंडलों को 3,194 हजार करोड़ रुपये की योजनाएं मिलेंगी। ऐसे ही पूर्वोत्तर रेलवे को कुल 3,008 करोड़ रुपये और उत्तर मध्य रेलवे 3,763 करोड़ रुपये आवंटित होंगे। इस लिहाज से कुल 10,045 करोड़ रुपये प्रदेश की रेल योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए इस्तेमाल होंगे। बजट में सर्वाधिक फोकस रेलपथ नवीनीकरण पर है। इसके अतिरिक्त, यात्री सुविधाओं व सुरक्षा के लिए भी अच्छा-खासा बजट मिला है।
ट्रेनों में वाई-फाई, बढे़ंगी यात्री सुविधाएं
सूबे के रेलवे स्टेशनों को हाई-फाई बनाने की तैयारियां हैं। उत्तर रेलवे में जहां यात्री सुविधाओं पर कुल 239 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, पूर्वोत्तर रेलवे पर 91.71 करोड़ रुपये व उत्तर मध्य रेलवे के स्टेशनों पर 87.24 करोड़ खर्च होगा। बजट से स्टेशनों पर सुरक्षा, ट्रेनों में वाई-फाई, एस्केलेटर व लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
खत्म होगी ‘छोटी लाइन’
प्रदेश से छोटी लाइन को पूरी तरह खत्म करने की तैयारी है। मीटरगेज को ब्रॉडगेज करने के लिए उत्तर-मध्य व पूर्वोत्तर रेलवे को क्रमश: 56 करोड़ व 122 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं, ट्रैक रिन्यूवल के लिए उत्तर-मध्य रेलवे को 695 करोड़ रुपये मिले हैं। इसी तरह, उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे को इस मद में क्रमश: 1,401 करोड़ व 410 करोड़ दिए गए हैं। दोहरीकरण के लिए उत्तर, पूर्वोत्तर व उत्तर-मध्य रेलवे को क्रमश: 22.50 करोड़, 17.28 और छह करोड़ रुपये मिले हैं।
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रेलकर्मियों के हितों पर जोर, बढ़ेंगी सुविधाएं
बजट में रेलकर्मियों की सहूलियतों पर भी जोर दिया गया है। उनके आवासों से लेकर पेंशन, भत्तों पर फोकस किया गया है। कर्मचारियों के आवासों की मरम्मत व अन्य कार्यों पर पूर्वोत्तर रेलवे 15.64 करोड़ रुपये खर्च करेगा। वहीं 8.84 करोड़ रुपये अन्य सुविधाओं पर व्यय होंगे। ऐसे ही उत्तर व उत्तर-मध्य रेलवे कर्मचारी आवासों पर 40.99 व 21.29 करोड़ और अन्य सुविधाओं पर क्रमश: 27.90 करोड़ व 11.42 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
हादसे रोकने को खर्च होंगे हजार करोड़
रेलवे क्रॉसिंग पर हादसों पर अंकुश लगाने के लिए वहां चौकीदार नियुक्त करने से लेकर समपार फाटकों को बंद करने और रोड ओवरब्रिज, अंडरपास बनाने की योजनाएं हैं। इन पर करीब हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। जबकि, उत्तर-मध्य रेलवे अपने पूरे परिक्षेत्र में कुल 453 करोड़ रुपये खर्च करेगा। जबकि, अकेले यूपी में सौ करोड़ खर्च होंगे। इसी तरह, पूर्वोत्तर व उत्तर रेलवे 211 करोड़ व 478 करोड़ रुपये खर्च करेगा।