नूंह रोड पहाड़ में मृत मवेशियों की बदबू से राहगीर परेशान।
प्रशासन मौन।
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू । जिला मुख्यालय व नूंह रोड पहाड़ में मुर्दा मवेशियों को सड़क किनारे डाला जा रहा है। जिससे मार्ग पर दुर्गंध फैल रही है। इस दुर्गंध से राहगीर व वाहन चालक खान से परेशान है, तो वहीं प्रशासन खामोश है।परेशान लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि मार्ग के साथ मुर्दा मवेशियों को फेंकने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
राहगीर मोहम्मद हाशिम ,हसन मोहम्मद ,मगरुउद्दीन ,यूनुस रज्जु चेयरमैन, युवा कांग्रेस नेता अजहरुद्दीन आदि ने बताया कि सीलखो गांव से निकलने पर मार्ग में पहाड़ के साथ मृत पशुओं के शव फेंके जा रहे हैं।जिनकी भारी बदबू से राहगीरों और वाहन चालक परेशान हो रहे हैं तो वहीं सुबह के समय जो युवा दौड़ लगाने के लिए जाते थे बदबू के कारण उन्होंने यहां पर दौड़ लगाना छोड़ दिया है।लोगों का कहना है कि मृत पशुओं के हड्डियों का कारोबार करने वाले कारोबारी जानबूझकर इन शवों को यहां डलवाते हैं और फिर उनकी सफाई करवा कर नजदीकी हड्डी फैक्ट्रियों में पहुंचाते हैं। इसके अलावा क्षेत्र में मरे हुए पशुओं को फेंकने की कोई स्थाई व्यवस्था नहीं होने और सड़क दुर्घटना में मरने वाले पशुओँ के शव यहां पड़े रहते हैं। इनकी की बदबू से जहां पर्यावरण दूषित हो रहा है तो वही मवेशियों की हड्डियों के कारण दुर्घटना का भी अंदेशा बना रहता है। लोगों ने मांग की है कि पुलिस ,लोक निर्माण और वन विभाग सड़क के साथ फेंके जा रहे मवेशियों के शवों को फेंके जाने से रोके,वहीं फेंकने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
वही इस बारे में जिला उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है संबंधित विभाग को निर्देशित कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
मृत पशुओं का कंकाल
- फोटो : Amar Ujala
मृत पशुओं का कंकाल