इस्राइली सेना ने की सीरियाई हमले की पुष्टि
इस्राइली सुरक्षा बलों ने पुष्टि की कि शनिवार देर रात सीरिया ने उत्तरी इस्राइल के सीमावर्ती क्षेत्रों रॉकेट लॉन्च किए हैं। सीरियाई सीमा के पास इस्राइल के अल्मा, अवनेई इतान, गोलान हाइट्स शहरों में सायरन सुनाए दिए हैं। हालांकि, सीरीयाई हमले में जन हानि या संपत्ति हानि की सूचना नहीं मिली है।
उत्तरी गाजा पट्टी से भागकर दक्षिणी क्षेत्र में पहुंचने वाले फलस्तीनियों के सामने सर छिपाने के लिए जगह से लेकर खाने-पीने के सामान का संकट पैदा हो गया है। गाजा पट्टी में शुद्ध पेयजल तेजी से खत्म हो रहा है। लोगों को पानी के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। शरणार्थी शिविरों में भी जगह नहीं मिल रही है। अस्पतालों में भी भीड़ है। फलस्तीन में काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी के कमिश्नर जनरल फिलिप लाजारिनी ने कहा, गाजा पट्टी में 20 लाख से अधिक लोगों के सामने पानी खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है। लोगों को कुओं का गंदा पानी पीना पड़ रहा है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस्राइल की तरफ से आपूर्ति रोके जाने के बाद गाजा में पानी को शुद्ध करने वाले तीन संयंत्र ईंधन की कमी से चलते बंद हो गए हैं। ये संयत्र प्रतिदिन 2.1 करोड़ लीटर पानी शुद्ध करते थे। 9 अक्तूबर से गाजा में पानी की आपूर्ती भी नहीं हो रही है।
इस्राइल-हमास संघर्ष के बीच शुरू किए गए 'ऑपरेशन अजय' के तहत 197 भारतीयों का तीसरा जत्था शनिवार को तेल अवीव से एक विशेष उड़ान से दिल्ली के लिए रवाना हुआ। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ऑपरेशन अजय आगे बढ़ रहा है। 197 और यात्री भारत वापस आ रहे हैं।
इससे पहले, तेल अवीव में भारतीय दूतावास ने घोषणा की है कि शनिवार को बेन गुरियन हवाई अड्डे से दो विशेष उड़ानें संचालित होंगी। पहली उड़ान स्थानीय समयानुसार शाम करीब 5:40 बजे रवाना हुई। दूसरी उड़ान स्थानीय समयानुसार रात 11:00 बजे निर्धारित है और इसमें 330 यात्री सवार हो सकते हैं।
इस्राइल-हमास संघर्ष शुरू होने के बाद से तमर गुटमैन की बहन लापता है। डॉ एडवा गुटमैन तिरोश ने कहा, "मेरी बहन तमर, जब हमास ने हमला किया तो वह नोवा पार्टी में थी। वह 27 साल की है और अब लापता है। तमर क्रोहन से पीड़ित है। यह एक सूजन का रोग है। इस दीर्घकालिक रोग से उसे बहुत अधिक कष्ट हुआ है, और वह पिछले कुछ वर्षों में कई बार अस्पताल में भर्ती हुई है। यदि उसे अपना चिकित्सा उपचार नहीं मिलता है, तो वह फिस्टुला, सूजन, और फोड़ा से पीड़ित हो सकती है। । वह उसकी दवा के बिना और उसके चिकित्सीय उपचार के बिना मर सकती है। कई अन्य लोग भी हैं जिन्हें दवाओं की आवश्यकता है।
रेड क्रॉस के मेडिसिन प्रमुख प्रो. हागई लेविन ने कहा, "हमें जीवन बचाने के लिए, मानव पीड़ा को रोकने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना होगा। हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय से, चिकित्सा संगठनों से, व्यक्तियों से, दुनिया भर की सरकारों से जबरदस्त समर्थन मिला। उन्हें समझें कि मानव इतिहास में ऐसा नहीं हुआ। यह मानवता के खिलाफ अपराध है। इसलिए मेरा मानना है कि भले ही हमास क्रूर हैं और मानव नहीं हैं, उनके सहयोगी और जिन लोगों के साथ उनका व्यवहार है, वे उन पर दबाव डालेंगे।
इस्राइली विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लियोर हयात ने कहा, हमारा लक्ष्य गाजा पट्टी पर हमास का नियंत्रण खत्म करना है। यह इस युद्ध का अंतिम लक्ष्य है। हम एक ऐसी व्यवस्था चाहते हैं। जहां इस्राइल में लोग गाजा के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रहें। गाजा में नागरिक हमारे दुश्मन नहीं हैं।
इस्राइली विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लियोर हयात ने कहा, नागरिकों की मौत को रोकने के लिए इस्राइल ने अतीत में भी लगातार प्रयास किए हैं। इस ऑपरेशन में भी जो प्रयास किए गए हैं, वैसा प्रयास दुनिया में कोई दूसरा देश नहीं करता। हम जो कुछ भी कर सकते हैं वो कर रहे हैं। गाजा पट्टी में केवल हमास आतंकवादी संगठन के ठिकानों पर हमला करने के लिए उच्चतम तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मासूमों को ढाल बना रहे हमास के आतंकी
दुर्भाग्य से हमास गाजा पट्टी की आबादी को ढाल के रूप में उपयोग कर रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि हमास गाजा के लोगों की स्थिति के लिए जिम्मेदार है। हमास उन्हें शहर छोड़ने नहीं दे रहा है। वे उनके पीछे छिपे हुए हैं। आबादी वाले इलाकों से गोलीबारी की जा रही है। पिछले सप्ताह गाजा की ओर से 5,000 से अधिक रॉकेट इस्राइल पर दागे गए।
गंभीर मानवीय संकट के मुहाने पर गाजा पट्टी
फलस्तीन में काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की राहत और कार्य एजेंसी ने गाजा पट्टी से बड़े स्तर पर पलायन पर चिंता जताई है। इस्राइली सेना की चेतावनी के बाद दहशत में हजारों फलस्तीनी बीते 12 घंटे में ही पलायन कर गए हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से गाजा पट्टी की कुल लगभग 20 लाख में से आधी आबादी विस्थापित हो गई है। विस्थापितों के सामने सर छिपाने के लिए जगह से लेकर खाने-पीने के सामान का संकट पैदा हो गया है। एजेंसी ने कहा कि गाजा पट्टी में शुद्ध पेयजल तेजी से खत्म हो रहा है और पूरा क्षेत्र एक गंभीर मानवीय त्रासदी की तरफ बढ़ रहा है।
एजेंसी के कमिश्नर जनरल फिलिप लाजारिनी ने कहा, गाजा पट्टी में 20 लाख से अधिक लोगों के सामने पानी खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है। लोगों को कुओं का गंदा पानी पीना पड़ रहा है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस्राइल की तरफ से आपूर्ति रोके जाने के बाद गाजा में पानी को शुद्ध करने वाले तीन संयंत्र ईंधन की कमी से चलते बंद हो गए हैं। ये संयत्र प्रतिदिन 2.1 करोड़ लीटर पानी शुद्ध करते थे। 9 अक्तूबर से गाजा में पानी की आपूर्ती भी नहीं हो रही है।
हमास के दो शीर्ष कमांडर ढेर, खाली हो रहा उत्तरी गाजा
एयर इंडिया ने इस्राइल में जारी संकट के मद्देनजर तेल अवीव तक फ्लाइट 18 अक्तूबर तक के लिए रद्द कर दी हैं। इससे पहले एयरलाइन ने 14 अक्तूबर तक के लिए पहले ही अपनी उड़ानों को रद्द कर दिया था। हालांकि, हमास के बढ़ते हमलों और इस्राइल के पलटवार के बीच एयर इंडिया ने फ्लाइट्स को 18 अक्तूबर तक के लिए स्थगित कर दिया है।
गाजा बॉर्डर पर सैनिकों-टैंकों के साथ भारी मात्रा में पहुंचे हथियार।
इस्राइल-हमास संघर्ष के कारण भारत - पश्चिम एशिया - यूरोप आर्थिक गलियारा परियोजना में देरी और जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने यह बात कही। जीटीआरआई ने कहा कि हालांकि संघर्ष के तात्कालिक परिणाम इजराइल और गाजा तक ही सीमित हैं, लेकिन पूरे पश्चिम एशिया में इसके प्रभाव को कम करके नहीं आंका जा सकता है। थिंक टैंक ने कहा कि संघर्ष इजरायल और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते की संभावना को पटरी से उतार सकता है, जो भारत - पश्चिम एशिया - यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईईसी) ढांचे में एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। हालांकि, सऊदी अरब और इजराइल के बीच ऐतिहासिक रूप से कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, लेकिन हाल के वर्षों के दौरान संबंधों में नरमी के संकेत देखे गए हैं। जीटीआरआई के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि युद्ध की स्थिति में दोनों देशों के बीच बातचीत पटरी से उतर सकती है।
फलस्तीन से लड़ाई के बीच वतन की रक्षा के लिए करीब 600 इस्राइली पर्यटक हिमाचल प्रदेश से स्वदेश लौट गए। कुल्लू जिले के मनाली, पार्वती घाटी और धर्मशाला में सैर-सपाटे के लिए पहुंचे ये पर्यटक इस्राइल पर हमास के हमले के बाद अपने देश और अपने परिवार वालों के प्रति चिंतित थे। पढ़ें पूरी खबर...
लेबनान के ईरान समर्थित आतंकी संगठन हिज्बुल्ला ने शुक्रवार को कहा है कि वह इस्राइल के खिलाफ जंग में हमास के समर्थन में उतर सकता है। हिज्बुल्ला के उप-प्रमुख नसीम कासेम ने कहा है कि जब सही समय होगा, तब उनका संगठन हमास के इस्राइल के खिलाफ छेड़े गए युद्ध का हिस्सा बनेगा। गौरतलब है कि इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष अब आठवें दिन में पहुंच चुका है। इसमें 3200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
इस्राइली वायु सेना ने कहा है कि उसके हमले में हमास की वायु सेना का चीफ मुराद अबु मुराद मारा गया है। इस्राइल ने शुक्रवार को हमास की वायु सेना के मुख्यालय पर हवाई हमला किया, जिसमें मुराद अबु मुराद के मारे जाने की खबरें हैं। इस्राइली वायु सेना ने बयान में कहा कि बीते शनिवार को हमास के आतंकियों को निर्देश मुराद अबु मुराद की तरफ से ही दिए गए थे। पढ़ें पूरी खबर...
इस्राइल हमास के बीच जारी युद्ध से पूरी दुनिया चिंतित है। अब इस्राइल द्वारा उत्तरी गाजा में रहने वाले करीब दस लाख लोगों को अगले 24 घंटे में इलाका खाली करने के अल्टीमेटम से तनाव और बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस्राइल के इस अल्टीमेटम पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। गुटेरेस ने कहा है कि यह संभव ही नहीं है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को इतनी जल्दी निकाला जा सके। गुटेरेस ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आखिर युद्ध के भी कुछ नियम होते हैं! पढ़ें पूरी खबर...
दक्षिणी लेबनान में शुक्रवार को एक मिसाइल हमले में न्यूज एजेंसी रायटर्स के एक वीडियो पत्रकार की मौत की खबर है। इस हमले में छह अन्य पत्रकार भी घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि इस्राइल की तरफ से फायर की गई मिसाइल से यह हादसा हुआ। मारे गए पत्रकार की पहचान इसाम अब्दल्लाह के रूप में हुई है। वहीं घायलों में अल जजीरा और न्यूज एजेंसी एएफपी के पत्रकार शामिल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पढ़ें पूरी खबर...
फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास ने बीते हफ्ते इस्राइल पर हमला कर 1300 लोगों की जान ले ली। हमास के हमले की बर्बरता की खबरें दुनियाभर में सुर्खियां बन रही हैं। अब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने हमास को अल-कायदा से भी खूंखार और बर्बर बताया है। फिलाडेल्फिया में एक कार्यक्रम के दौरान जो बाइडन ने कहा कि 'जितना हमें हमास के हमले के बारे में पता चल रहा है, यह उतना ही डरावना होता जा रहा है। हजार से ज्यादा मासूम लोगों की जान चली गई, जिनमें 27 अमेरिकी भी शामिल हैं।' पढ़ें पूरी खबर...
फलस्तीन के आतंकी संगठन हमास के इस्राइल पर किए गए हमले और इस्राइल की जवाबी कार्रवाई का मध्य पूर्व की राजनीति पर बड़ा असर पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस्राइल और सऊदी अरब के बीच होने वाली ऐतिहासिक बातचीत फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है। सऊदी अरब अपनी विदेश नीति पर फिर से विचार कर रहा है। इस्राइल-हमास के हमले का ही असर है कि सऊदी अरब और ईरान के बीच शीर्ष स्तर पर बातचीत हो रही है। सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी से गाजा पट्टी के हालात पर फोन पर चर्चा की। पढ़ें पूरी खबर...
Israel Hamas War LIVE News and Updates: इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष को अब हफ्तेभर से ज्यादा का समय हो चुका है। इस बीच हमास के आतंकी हमले में जहां अब तक इस्राइल के 1300 से ज्यादा की मौत हो चुकी है, वहीं इसके पलटवार में गाजा पट्टी पर 2000 के करीब लोग मारे गए हैं। इन हालात के बीच कई देशों ने अपने नागरिकों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए हैं। भारत के साथ-साथ ब्रिटेन और कुछ और पश्चिमी देशों ने विमानों के जरिए अपने लोगों को निकाला है। पढ़ें इस्राइल-हमास संघर्ष से जुड़े अपडेट्स...