ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस हफ्ते होने वाला अपना इस्राइल दौरा रद्द कर दिया है। यह जानकारी अमेरिकी विदेश विभाग ने दी है। मार्को रुबियो को सोमवार और मंगलवार को इस्राइल की यात्रा पर जाना था। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए उनका दौरा रद्द कर दिया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग के सहायक सचिव डायलन जॉनसन ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि “वर्तमान परिस्थितियों के कारण विदेश मंत्री 2 मार्च को इस्राइल की यात्रा नहीं करेंगे।
अबू धाबी एयरपोर्ट पर एक घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए। यह जानकारी अबू धाबी एयरपोर्ट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी। कंपनी के अनुसार, यह घटना जद्दाह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई। मृतक एक एशियाई नागरिक था। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी चैनल एबीसी न्यूज से बातचीत में कहा कि अगर ईरान की मौजूदा सरकार गिरती है, तो उन्हें काफी साफ अंदाजा है कि ईरान का अगला नेतृत्व कौन होगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल के हवाई हमलों में ईरान की कई उच्च नेता मारे गए हैं और अमेरिका के पास स्पष्ट जानकारी है कि नए नेतृत्व के लिए किसे देख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन बहुत शक्तिशाली रहा और कई ईरानी नेता अब असक्षम हैं।
कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत अली सालेह अबादी को तलब किया और कहा कि कतार पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून और देश की संप्रभुता का उल्लंघन है। राजदूत को चेतावनी दी गई कि हमलों की लगातार जारी रहने से दोनों देशों के संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा।
ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि अमेरिकी और इस्राइली ठिकानों पर तीसरी और चौथी “प्रतिशोधी” लहर के हमले जारी हैं। मुख्य लक्ष्य हाइफा बंदरगाह का नौसैनिक बेस, रमत डेविड एयरबेस, हक्रियत क्षेत्र का युद्ध मंत्रालय और कई सैन्य औद्योगिक केंद्र हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। उन्होंने इसे ईरानी जनता और दुनिया भर के उन लोगों के लिए न्याय बताया, जिन्हें खामेनेई और उनके समर्थकों ने नुकसान पहुंचाया। ट्रंप ने कहा कि खामेनेई हमारे खुफिया तंत्र और अत्याधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं पाए। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने इस कार्रवाई में इस्राइल के साथ मिलकर काम किया।
कतर के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल्ला खलीफा अल-मुफ्ताह ने कहा कि गिरती मिसाइल के टुकड़ों से आठ लोग घायल हुए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि कुल 66 मिसाइलें कतार पर दागी गईं और देशभर में 114 जगहों से मलबे की रिपोर्ट मिली। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इब्राहीम सुलतान अल-हशेमी ने कहा कि ईरान का कतार पर लगातार हमला असुरक्षित और गैर-जिम्मेदाराना कदम है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि हालात अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सैन्य कार्रवाई सबसे अस्थिर क्षेत्र में अप्रत्याशित घटनाओं की श्रृंखला को जन्म दे सकती है, जिसे कोई नियंत्रित नहीं कर सकता। गुटेरेस ने कहा कि हालात बहुत ही बदलते हुए हैं और वह खामेनेई की मौत की खबरों की पुष्टि करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कई रिपोर्टें अनपुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि हमलों में नागरिकों को भारी नुकसान हुआ है।
यूएन की सुरक्षा परिषद ने ईरान पर अमेरिकी और इस्राइली हमलों के बाद आपात बैठक शुरू की। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि सैन्य कार्रवाई के कारण क्षेत्र में अप्रत्याशित घटनाओं का खतरा है। उन्होंने कहा कि ईरान के लगभग 20 शहरों पर हमले हुए और हिंसा तुरंत रोकने और वार्ता की शुरुआत करने की अपील की।
उन्होंने ईरान के बहादुर लोगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया और कहा कि हमारी लड़ाई आपसे नहीं है, बल्कि एक ऐसे खतरनाक शासन से है जिसने लगभग 50 वर्षों से ईरानी जनता को दबाया है और हम पर हमले की योजना बनाता रहा है। उन्होंने अंत में कहा कि जब नेता खुलकर हमारी तबाही की बात करते हैं और उसके लिए साधन तैयार करते हैं, तो हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते। हम अपनी सुरक्षा के साथ कोई जोखिम नहीं उठाते, हम कार्रवाई करते हैं।
डैनन कहा कि असली तनाव तब शुरू हुआ जब ईरानी शासन ने पूरे क्षेत्र में अपने समर्थक समूहों को हथियार दिए, मिसाइल और ड्रोन इस्तेमाल किए, परमाणु कार्यक्रम को बढ़ाया और अपने ही लोगों पर क्रूर अत्याचार किया। डैनन ने जोर देकर कहा कि अब इस्राइल और अमेरिका इस खतरे को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं। डैनन ने कहा कि कुछ लोग इसे आक्रामकता कहते हैं, लेकिन इस्राइल इसे जरूरी कदम मानता है।
इस्राइल के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत डैनी डैनन ने कहा कि आज इस्राइल ने अमेरिका के साथ मिलकर एक गंभीर खतरे को रोकने के लिए कार्रवाई की, जो इस्राइल, उसके सहयोगियों और वैश्विक स्थिरता के लिए था। उन्होंने कहा कि जब कोई शासन इस्राइल का खात्मा, अमेरिका की खात्मा जैसे नारे लगाता है, तो इसे गंभीरता से लिया जाता है। डैनन ने बताया कि इस्राइल और अमेरिका के उद्देश्य स्पष्ट हैं कि ईरानी शासन द्वारा उत्पन्न तत्काल खतरे को खत्म करना, उसका परमाणु कार्यक्रम नष्ट करना, बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन को रोकना, नौसैनिक खतरों को बेअसर करना और आतंकवाद के सहायक नेटवर्क को तोड़ना।
इस्राइली मीडिया के अनुसार, तेल अवीव पर हमले होते ही सायरन की आवाजें सुनाई दी हैं। इस्राइल के चैनल 12 ने बताया कि इरान से मिसाइलों की बौछार के बाद इस्राइल के केंद्रीय क्षेत्र में तेज धमाके की आवाज आई। स्थानीय समाचार पत्र इस्राइल हैयोम ने रिपोर्ट किया कि एक मिसाइल तेल अवीव में गिरी है। इस समय तेल अवीव में सायरन बज रहे हैं।
खामेनेई के मारे जाने वाली खबर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एबीसी न्यूज से कहा कि उन्हें लगता है कि यह न्यूज सही है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी और इस्राइली हमलों में ईरान के कई नेता मारे गए हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या प्रशासन मानता है कि खामेनेई मारे गए, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि हां मुझे ऐसा लगता है, क्योंकि बहुत से मारे गए हैं। हम सब कुछ नहीं जानते, लेकिन काफी संख्या में मारे गए हैं। यह एक बहुत ही शक्तिशाली हमला था। उन्होंने यह भी कहा कि हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक हम चाहेंगे।
व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि ईरान पर अमेरिकी ऑपरेशन ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियानों की निगरानी कर रहे हैं।
इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को देखते हुए कर्नाटका के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पोस्ट किया कि कर्नाटका सरकार पश्चिम एशियाई देशों में रहने वाले कन्नड़ियों की सुरक्षा और कल्याण को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि न्यू दिल्ली में निवासी आयुक्त से बात कर, ऐसे लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, जो लोग संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हैं, उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने पोस्ट कर कहा है कि अगर कोई भारतीय यात्री हवाई मार्ग बंद होने या उड़ान रद्द होने के कारण यात्रा में समस्या का सामना कर रहा है, तो वह दूतावास के 24 घंटे चलने वाले हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क कर सकता है। भारत की एयरलाइनों ने आश्वासन दिया है कि फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे अपनी एयरलाइन द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट्स को ध्यान से देखें।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करोलिन लेविट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, यूएई और नाटो महासचिव मार्क रूटे से बात की है।
इसी बीच न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने दावा कि एक वरिष्ठ इस्राइली अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई अब जीवित नहीं हैं और उनका शव मिल चुका है।
ईरान के शहर लामेरद में एक संयुक्त अमेरिकी-इस्राइल हवाई हमले में लगभग 20 महिला वॉलीबॉल खिलाड़ियों का निधन हो गया। यह हमला शहर के एक खेल मैदान पर हुआ, जहां महिला खिलाड़ी ट्रेनिंग कर रही थीं। इस हमले में कई लोग घायल भी हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला सैन्य उद्देश्य से किया गया था, लेकिन इसमें नागरिकों की जान भी गई।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने राष्ट्र के नाम टीवी पर संबोधन देना शुरू कर दिया है। उनका यह संदेश ऐसे समय में आ रहा है जब क्षेत्र में सुरक्षा हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी भाषण का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मौजूदा हालात, सुरक्षा स्थिति और आगे की रणनीति पर देश को जानकारी दे सकते हैं। अधिकारियों ने कहा है कि संबोधन से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आते ही साझा की जाएंगी।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब में फंसे भारतीयों की मदद के लिए जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास सक्रिय हो गया है। फहद अहमद खान सूरी ने शनिवार को भारतीय एयरलाइंस के प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक की। यह बैठक क्षेत्र में हालिया घटनाओं के कारण हवाई सेवाओं में आई बाधाओं को देखते हुए बुलाई गई थी। उन्होंने एयरलाइंस से कहा कि यात्रा प्रभावित होने की स्थिति में भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता दी जाए।
दूतावास के मुताबिक, एयरलाइंस ने भरोसा दिलाया है कि उड़ान रद्द होने की जानकारी समय पर दी जाएगी, यात्रियों के लिए हेल्पलाइन चलाई जाएंगी, टिकट रिफंड की सुविधा दी जाएगी और अन्य जरूरी मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से शनिवार को मध्य-पूर्व जाने वाली चार उड़ानें रद्द कर दी गईं। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में सुरक्षा हालात बिगड़ने और ट्रांजिट हब पर संचालन प्रभावित होने के कारण यह फैसला लिया गया।
रद्द की गई उड़ानों में एमिरेट्स की EK 573 (दुबई), कतर एयरवेज की QR 541 (दोहा), एयर अरेबिया की 3L 167 (अबू धाबी) और एतिहाद एयरवेज की EY 221 (अबू धाबी) शामिल हैं। सुबह की एमिरेट्स उड़ान समय पर रवाना हुई, लेकिन शाम की उड़ानें सुरक्षा कारणों से रद्द कर दी गईं। बताया गया है कि दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने क्षेत्रीय अशांति के चलते अस्थायी रूप से परिचालन रोक दिया है। यात्रियों को अपनी-अपनी एयरलाइंस से संपर्क कर टिकट रद्द या दोबारा बुक कराने की सलाह दी गई है।
ईरान की रेड क्रीसेंट सोसाइटी के अनुसार अमेरिका और इस्राइल के हमलों में अब तक 201 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 747 लोग घायल बताए गए हैं। मेहर न्यूज एजेंसी को दिए बयान में संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि देश के 24 प्रांत हमलों से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। रेड क्रीसेंट की 220 से अधिक टीमें मौके पर तैनात हैं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान लगातार जारी है।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और विदेश मंत्री अनीता आनंद ने संयुक्त बयान जारी कर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को बेहद अस्थिर बताया है। दोनों नेताओं ने ईरान और आसपास के देशों में मौजूद कनाडाई नागरिकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानने को कहा है।
बयान में ईरान को क्षेत्रीय अस्थिरता का प्रमुख स्रोत बताते हुए उस पर आतंक समर्थित गतिविधियों और मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप लगाए गए। कनाडा ने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि साथ ही तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति को ही समाधान का रास्ता बताया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका ने वहां मुख्य युद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। ट्रंप ने ईरानी सुरक्षा बलों से हथियार डालने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने ईरान की जनता से घरों के अंदर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी, क्योंकि हालात बेहद खतरनाक हो सकते हैं।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना का उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान से उत्पन्न तत्काल खतरों को खत्म करना है। उन्होंने ईरान पर लंबे समय से अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप लगाया और कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी।
राष्ट्रपति ने दावा किया कि पहले चलाए गए अभियानों में ईरान के परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि नया सैन्य अभियान ईरान की मिसाइल और नौसैनिक क्षमता को खत्म करने के लिए शुरू किया गया है। ट्रंप ने स्वीकार किया कि युद्ध में जोखिम होते हैं, लेकिन अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि ईरान पर हुए हमलों की पहले से फ्रांस को कोई जानकारी नहीं दी गई थी और न ही फ्रांस इसमें शामिल था। पेरिस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान मैक्रों ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता विदेशों में मौजूद फ्रांसीसी नागरिकों और संपत्तियों की सुरक्षा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा संकट का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि कूटनीति और संवाद के जरिए ही संभव है।
वेनेजुएला सरकार ने ईरान पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जारी कूटनीतिक प्रयासों के बीच सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुनना गंभीर चिंता का विषय है। सरकार ने बयान में कहा कि इस कदम से क्षेत्र में तनाव और बढ़ा है तथा कई देशों में जवाबी सैन्य कार्रवाई की स्थिति बनी है। वेनेजुएला ने कहा कि ऐसे कदम अंतरराष्ट्रीय शांति को नुकसान पहुंचाते हैं और बातचीत के जरिए समाधान तलाशना ही बेहतर विकल्प होना चाहिए।
इस्राइली सेना ने दावा किया है कि उसने अपने इतिहास का सबसे बड़ा सैन्य हवाई अभियान चलाते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया। सेना के अनुसार करीब 200 लड़ाकू विमानों ने पश्चिमी और मध्य ईरान में मिसाइल लॉन्चर और एयर डिफेंस सिस्टम समेत लगभग 500 ठिकानों को निशाना बनाया। बयान में कहा गया कि इन हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है और इस्राइली वायुसेना को हवाई बढ़त मिली है। तबरीज़ क्षेत्र में सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल साइट पर भी हमला किया गया।
कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्रीय तनाव के बीच हुए हमलों में 12 लोग घायल हुए हैं, हालांकि किसी की मौत नहीं हुई है। मंत्रालय के अनुसार सभी घायलों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत नियंत्रण में है। बयान में कहा गया कि अली अल-सलेम एयर बेस पर गिरे मिसाइल मलबे से सशस्त्र बलों के तीन जवान घायल हुए। इससे पहले कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि एयर बेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया था, जिन्हें वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक रोक लिया।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच बहरीन की राजधानी मनामा में कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि प्रभावित इलाकों में नागरिक सुरक्षा टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। मंत्रालय के अनुसार दमकल और रेस्क्यू दल आग बुझाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं। हमलों के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि नुकसान और हताहतों को लेकर विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय पहल तेज कर दी है। भारतीय विदेश मंत्री ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत कर क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम को लेकर गहरी चिंता जताई। इसके अलावा भारतीय विदेश मंत्री ने इस्राइल के विदेश मंत्री गिडियन सार से भी बातचीत की। भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने, संवाद बढ़ाने और कूटनीतिक रास्ते से तनाव कम करने की अपील दोहराई। भारत ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय स्थिरता और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
ईरान के पलटवार के बीच पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को दुबई के कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई देने से हड़कंप मच गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक जुमैरह स्थित मशहूर पाम जुमैरह इलाके के फेयरमोंट होटल के पास मिसाइल गिरने की आशंका जताई गई है। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि यह सीधा मिसाइल हमला था या इंटरसेप्शन के मलबे से आग लगी।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा है कि वह क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। एजेंसी के अनुसार अब तक किसी भी तरह के रेडियोलॉजिकल या परमाणु प्रभाव के प्रमाण नहीं मिले हैं। IAEA ने सभी पक्षों से संयम बरतने और परमाणु सुरक्षा से जुड़े जोखिमों से बचने की अपील की है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस बैठक की शुरुआत में संबोधन देंगे, जो भारतीय समयानुसार देर रात आयोजित होगी।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई है। इस्राइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक तस्वीर जारी कर इसकी जानकारी दी, जिसमें नेतन्याहू फोन पर बातचीत करते नजर आए। आधिकारिक विवरण के अनुसार दोनों नेताओं ने मौजूदा सुरक्षा हालात और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की। हालांकि बातचीत के विषयों को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
बता दें, ईरान ने भी संयुक्त राष्ट्र से की हस्तक्षेप की मांग की थी। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र भेजकर अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई पर तत्काल कदम उठाने की मांग की थी।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद बढ़ते संघर्ष को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है। संयुक्त राष्ट्र के राजनयिकों के अनुसार 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद की बैठक न्यूयॉर्क में स्थानीय समयानुसार शनिवार शाम 4 बजे यानी भारतीय समयानुसार रविवार सुबह तीन बजे आयोजित होगी। इसकी अध्यक्षता ब्रिटेन करेगा। रूस के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने बताया कि रूस और चीन ने इस बैठक की मांग अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर की है। फ्रांस, बहरीन और कोलंबिया ने भी बैठक बुलाने का समर्थन किया है। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा होने की संभावना है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सुरक्षा संकट को देखते हुए जर्मनी ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा चेतावनी जारी की है। जर्मन विदेश मंत्रालय ने बहरीन, इराक, इस्राइल, जॉर्डन, कतर, कुवैत, ओमान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा को लेकर सतर्क रहने को कहा है। मंत्रालय ने क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव और सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए नागरिकों से गैर-जरूरी यात्रा टालने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
पश्चिम एशिया में जारी सैन्य टकराव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों देशों के बीच कोई सीधा संवाद नहीं हो रहा है, लेकिन यदि अमेरिका बातचीत करना चाहता है तो संपर्क के रास्ते खुले हैं। उन्होंने कहा कि ईरान तनाव कम करने में रुचि रखता है, हालांकि यह संघर्ष अमेरिका की पसंद का युद्ध है और इसके परिणाम उसे भुगतने होंगे।
अराघची ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान में शासन परिवर्तन के लक्ष्य को मिशन इम्पॉसिबल बताया। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित है, न कि अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इस्राइल के हमले रुकने के बाद ईरान बातचीत के लिए तैयार है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच इस्राइली सेना ने कहा है कि उसकी वायुसेना ने ईरान में मिसाइल लॉन्चर ठिकानों को निशाना बनाकर नए हवाई हमले शुरू किए हैं। सेना के अनुसार यह कार्रवाई ईरान की ओर से लगातार दागी जा रही मिसाइलों के जवाब में की जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों में मध्य इस्राइल के दो इलाकों में मिसाइल गिरने की जानकारी मिली है, हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई। तेल अवीव और हाइफा समेत तटीय क्षेत्रों में सुबह से लगातार सायरन और अलर्ट जारी हैं।
कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया, जिसमें कुछ कर्मचारियों के मामूली रूप से घायल होने की खबर है। कुवैत की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन के अनुसार हमले से यात्री टर्मिनल भवन को सीमित नुकसान पहुंचा है। आधिकारिक प्रवक्ता अब्दुल्ला अल-राजही ने बताया कि घटना के तुरंत बाद आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच नाटो ने कहा है कि वह ईरान और पूरे क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है। नाटो की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने बताया कि संगठन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और सुरक्षा हालात का आकलन किया जा रहा है। हालांकि नाटो की ओर से किसी सैन्य कदम की घोषणा नहीं की गई है। बढ़ते तनाव को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी हुई है और कई वैश्विक संगठन हालात पर सतर्क निगरानी रखे हुए हैं।
पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया दी है। एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार खामेनेई जीवित हैं। हालिया हमलों के बाद ईरान के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही थीं। विदेश मंत्री के इस बयान को इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। क्षेत्र में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई कुछ ही देर में राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं। ईरानी टीवी चैनल अल-आलम की रिपोर्ट के अनुसार खामेनेई कुछ ही मिनटों में महत्वपूर्ण बयान दे सकते हैं। माना जा रहा है कि हालिया सैन्य हमलों और क्षेत्र में तेजी से बदलते घटनाक्रम को लेकर वह देश और दुनिया के सामने ईरान का रुख स्पष्ट करेंगे। उनके संबोधन को मौजूदा संकट के बीच बेहद अहम माना जा रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्थिति पर अपने देश की सुरक्षा परिषद के साथ अहम बैठक की। बैठक के बाद रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। मंत्रालय ने ईरान पर हुए हमलों को लापरवाह, पूर्व नियोजित और बिना उकसावे का हमला बताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा है।
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरान के विदेश मंत्री के बीच भी फोन पर बातचीत हुई, जिसमें क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की गई। लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की पहल करने की बात कही है। रूस का कहना है कि मौजूदा घटनाक्रम वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
रूस ने विशेष रूप से क्षेत्र में रेडियोलॉजिकल खतरे को लेकर चिंता जताई है। यह चिंता बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र को लेकर सामने आई, जहां हमलों की खबरें आई थीं। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इसके बावजूद संयंत्र संचालित करने वाली रूसी कंपनी ने एहतियात के तौर पर ईरान से करीब 100 कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया है।
इसी बीच फिर एक बार संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर से जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबर सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से रॉयटर्स ने बताया कि शहर के पाम आइलैंड इलाके में धुएं और आग का गुबार देखा गया। फिलहाल धमाकों के कारणों को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है। क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव के कारण इस घटना को गंभीरता से देखा जा रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर चीन ने गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से तुरंत युद्धविराम की अपील की है। चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। चीन ने चेतावनी दी कि सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए सभी देशों को तनाव बढ़ाने से बचना चाहिए। बीजिंग ने विवाद के समाधान के लिए संवाद और कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू करने पर जोर दिया। चीन ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता भी बताई।
पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। वॉशिंगटन पोस्ट से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उनका उद्देश्य एक सुरक्षित राष्ट्र सुनिश्चित करना है और वे चाहते हैं कि लोगों को आजादी मिले। उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ लोगों के लिए आजादी चाहता हूं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर जारी वीडियो संदेश में ईरान की जनता से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यह शायद आने वाली पीढ़ियों के लिए बदलाव का एकमात्र मौका हो सकता है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई का मकसद सुरक्षा खतरों को खत्म करना है।
इसी बीच ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि दक्षिणी ईरान के होरमुजगान प्रांत के मिनाब शहर में लड़कियों के एक प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं तथा क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
दक्षिणी ईरान के होरमुजगान प्रांत में हुए हमलों में कम से कम 70 लोगों की मौत और 90 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। प्रांत के मेडिकल साइंसेज प्रमुख के हवाले से अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार मिनाब और जास्क शहर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इससे पहले मिनाब में लड़कियों के एक प्राथमिक स्कूल पर हमले में 50 से अधिक लोगों की मौत की खबर सामने आई थी। हालांकि मृतकों और घायलों के आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच तुर्किये ने सभी पक्षों से तुरंत हमले रोकने की अपील की है। तुर्किये के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि मौजूदा घटनाक्रम ऐसे उकसावे हैं जो बड़े सैन्य संघर्ष को जन्म दे सकते हैं। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि लगातार हमले क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। तुर्किये ने तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन करने और जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता की भूमिका निभाने की भी पेशकश की है। तुर्किये ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने पुष्टि की है कि ईरान ने राजधानी रियाद और देश के पूर्वी क्षेत्र को निशाना बनाकर हमले किए। सऊदी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। सऊदी अरब ने यह भी कहा कि उसने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उसकी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी कार्रवाई के लिए नहीं होने दिया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप के संभावित संबोधन को लेकर चल रही अटकलों पर व्हाइट हाउस ने सफाई दी है। व्हाइट हाउस ने कहा कि आज सुबह राष्ट्रपति ट्रंप के राष्ट्र को संबोधित करने की खबरें गलत हैं। बयान में स्पष्ट किया गया कि मीडिया को किसी भी भाषण या आधिकारिक टिप्पणी को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप के संबोधन की चर्चाएं तेज थीं, लेकिन प्रशासन ने फिलहाल ऐसे किसी कार्यक्रम से इनकार किया है।
पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच रूस और अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। ईरान स्थित रूसी दूतावास ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वे आर्मेनिया या अजरबैजान के रास्ते जल्द देश छोड़ दें, जो ईरान की उत्तर-पश्चिमी सीमाओं से जुड़े हैं। वहीं लेबनान में अमेरिकी दूतावास ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
रॉयटर्स के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी सैन्य टकराव के बीच इस्राइल ने बड़ा दावा किया है। इस्राइली सैन्य अभियान से जुड़े दो सूत्रों और एक क्षेत्रीय स्रोत के अनुसार ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पकपौर इस्राइली हमलों में मारे गए हैं। हालांकि ईरान की ओर से अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि हालिया हमलों में ईरान के सैन्य नेतृत्व से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इस दावे के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने क्षेत्र के देशों पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की है। तीनों देशों के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि मौजूदा संकट का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि बातचीत से निकाला जाना चाहिए। नेताओं ने तनाव कम करने के लिए जल्द कूटनीतिक वार्ता फिर से शुरू करने पर जोर दिया।
दक्षिणी ईरान के होरमुजगान प्रांत के मिनाब शहर में लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले को लेकर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि इस हमले को बिना जवाब नहीं छोड़ा जाएगा। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार हमले में 53 छात्राओं की मौत हुई है। अराघची ने मृतकों को निर्दोष बच्चे बताते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। उन्होंने संकेत दिया कि जिम्मेदार पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर भारत ने गहरी चिंता जताई है। भारत सरकार ने सभी पक्षों से संयम बरतने, हालात को और न बिगाड़ने तथा नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है। बयान में कहा गया कि तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए तथा सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान जरूरी है। भारत ने बताया कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय मिशन नागरिकों के संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने व स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने संकेत दिया है कि इस्राइल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार आईआरजीसी से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि जवाबी सैन्य कार्रवाई बिना रुके जारी रहेगी। बयान में कहा गया कि क्षेत्र में अमेरिका के ठिकाने और हित भी ईरान के निशाने पर बने रहेंगे। इस घोषणा के बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष और तेज होने की आशंका बढ़ गई है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अल-सलेम एयर बेस को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल स्टाफ सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी के अनुसार कुवैती वायु रक्षा प्रणाली ने सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर दिया। इंटरसेप्शन के दौरान मिसाइलों के टुकड़े और मलबा एयर बेस के आसपास गिरा। हालांकि इस हमले में किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं मिली है। घटना के बाद सैन्य ठिकानों की सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच उत्तरी इराक के कुर्द क्षेत्र स्थित एरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को फिर निशाना बनाया गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार हवाई अड्डे की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने समय रहते इंटरसेप्ट कर मार गिराया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। फिलहाल किसी नुकसान या हताहत की सूचना नहीं मिली है। हाल के दिनों में एरबिल क्षेत्र में सैन्य ठिकानों और रणनीतिक स्थानों को लगातार निशाना बनाए जाने से सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कई बड़ी तेल और ट्रेडिंग कंपनियों ने होरमुज जलडमरूमध्य से ईंधन और कच्चे तेल की खेप अस्थायी रूप से रोक दी है। रिपोर्टों के अनुसार सुरक्षा चिंताओं के कारण जहाजों की आवाजाही कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दी गई है। एक प्रमुख ट्रेडिंग कंपनी के अधिकारी ने कहा कि उनके जहाज फिलहाल आगे नहीं बढ़ेंगे। यह जलमार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, जहां से रोज करीब 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरता है। आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में स्थित बालिका प्राथमिक विद्यालय पर कथित इस्राइली हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 51 हो गई है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार इस हमले में करीब 60 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय अधिकारी मोहम्मद रदमेहर ने कहा कि हमले के समय स्कूल में लगभग 170 छात्र मौजूद थे। राहत और बचाव अभियान जारी होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यानी देशों के हमलों में अब तक कुल 54 मौते हो चुकी हैं। इसमें मिनाब शहर की एक प्राथमिक बालिका विद्यालय की 51 छात्राएं, ईरान के पूर्वी इलाके में एक स्कूल के दो छात्र और अबू धाबी में हुई एक मौत शामिल है।
इस्राइली सेना ने देश की ओर बढ़ रही मिसाइलों की भारी खेप को लेकर अलर्ट जारी किया है। सेना ने चेतावनी दी कि जल्द ही मिसाइलों की बड़ी बौछार हो सकती है और नागरिक तुरंत सुरक्षित शेल्टर में चले जाएं। इससे पहले भी सेना ने बताया था कि रक्षा प्रणाली आने वाले खतरों को रोकने के लिए सक्रिय है। पूरे देश में सुरक्षा सायरन बजाए जा रहे हैं और आपात व्यवस्था लागू कर दी गई है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने नई मिसाइल हमलों को नाकाम करने का दावा किया है। मंत्रालय के अनुसार वायु रक्षा प्रणाली ने आने वाली मिसाइलों की एक और खेप को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया। इसी दौरान दुबई में कई धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबर है, जिन्हें मिसाइल इंटरसेप्शन से जोड़ा जा रहा है। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र ने गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से समझदारी दिखाने और तनाव कम करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों तथा इसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध में सबसे ज्यादा कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ती है। तुर्क ने स्पष्ट कहा कि मिसाइल और बम मतभेद सुलझाने का रास्ता नहीं हैं, बल्कि इससे केवल मौत, तबाही और मानवीय संकट बढ़ता है। उन्होंने सभी देशों से सैन्य कार्रवाई रोककर तुरंत वार्ता की मेज पर लौटने का आग्रह किया।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इस्राइल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि ईरान के खिलाफ छेड़ी गई जंग गैरकानूनी और बिना उकसावे की कार्रवाई है। सोशल मीडिया पर जारी बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका फर्स्ट नीति को इस्राइल फर्स्ट में बदल दिया है। अराघची ने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं और हमलावरों को उचित जवाब देते हुए कड़ा सबक सिखाया जाएगा।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर अमेरिका और इस्राइल के हमलों की निंदा की है। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार लावरोव ने इन हमलों को बिना उकसावे की गई सशस्त्र कार्रवाई बताया। उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए सैन्य हमलों को तुरंत रोकने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में कदम उठाने की अपील की है।
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने सभी उड़ान संचालन अगली सूचना तक निलंबित कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है। उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा कि हालात की लगातार समीक्षा की जा रही है और स्थिति सुरक्षित होने पर सेवाएं फिर से शुरू की जाएंगी।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई को एकतरफा कदम बताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ाने वाला बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में सांचेज ने कहा कि ऐसी कार्रवाई वैश्विक व्यवस्था को और अस्थिर तथा टकरावपूर्ण बना सकती है। हालांकि उन्होंने ईरान सरकार और रिवोल्यूशनरी गार्ड की गतिविधियों को भी स्वीकार्य नहीं बताया। स्पेन ने सभी पक्षों से तुरंत तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह सम्मान करने की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा संकट का समाधान केवल कूटनीतिक बातचीत और शांतिपूर्ण रास्ते से ही संभव है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कतर की राजधानी दोहा में समय-समय पर जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलों को कतर की वायु रक्षा प्रणाली हवा में ही इंटरसेप्ट कर रही है। मिसाइल रोधी कार्रवाई के दौरान गिरा मलबा राजधानी के बाहरी रिहायशी इलाके में गिरा, जिससे वहां धुएं का गुबार उठता देखा गया। हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों की ओर भी मिसाइलें दागे जाने की खबरों के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस्राइल ने पूरे देश में सार्वजनिक जमावड़ों पर प्रतिबंध लगा दिया है और स्कूलों तथा कई कार्यस्थलों को बंद कर दिया गया है। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने देशभर में आपातकाल घोषित करते हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी दी। अस्पतालों के मरीजों को सुरक्षित भूमिगत सुविधाओं में शिफ्ट किया गया है। पुलिस ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हालिया हमलों से चल रही कूटनीतिक बातचीत कमजोर हुई है। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह इस संघर्ष में और गहराई तक शामिल न हो। अलबुसैदी ने कहा कि यह अमेरिका की जंग नहीं है और इसका असर निर्दोष लोगों पर पड़ेगा।
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार तेहरान के पूर्वी इलाके में एक स्कूल पर हुए हमले में कम से कम दो छात्रों की मौत हो गई। इससे पहले दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में एक प्राथमिक बालिका विद्यालय पर कथित इस्राइली हमले में 40 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। यानी देशों के हमलों में अब तक कुल 43 मौते हो चुकी हैं। इसमें मिनाब शहर की एक प्राथमिक बालिका विद्यालय की 40 छात्राएं, ईरान के पूर्वी इलाके में एक स्कूल के दो छात्र और अबू धाबी में हुई एक मौत शामिल है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद अमीरात एयरलाइंस ने दुबई एयरपोर्ट से अपनी उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। एयरलाइन ने बताया कि सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार हालात की लगातार समीक्षा की जा रही है और स्थिति सामान्य होने पर संचालन फिर से शुरू किया जाएगा। यात्रियों को नई यात्रा जानकारी दी जा रही है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सैन्य टकराव अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है। मैक्रों ने सभी पक्षों से तुरंत तनाव कम करने की अपील की। उन्होंने बताया कि फ्रांस पश्चिम एशिया में अपने नागरिकों और हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सभी कदम उठा रहा है।
रूस के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमलों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार रूस ने इन हमलों को पहले से योजनाबद्ध और बिना उकसावे की गई सशस्त्र आक्रामक कार्रवाई बताया है। मॉस्को ने कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई पश्चिम एशिया की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। रूस ने सभी पक्षों से तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में तुरंत कदम उठाने की अपील की है।
किंग्स कॉलेज लंदन के सुरक्षा विशेषज्ञ एंड्रियास क्रिग ने कहा कि इस्राइल और अमेरिका की रणनीति में जमीनी सेना की कमी बड़ी चुनौती है। उनके अनुसार मौजूदा अभियान पूरी तरह हवाई शक्ति पर आधारित दूरस्थ सैन्य टकराव है। क्रिग ने कहा कि ईरान में संगठित विपक्ष या हथियारबंद विद्रोह की स्थिति नहीं है, इसलिए केवल हवाई हमलों से शासन गिरना मुश्किल माना जा रहा है। अभियान कुछ दिनों बाद धीमा पड़ सकता है।
इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेड क्रॉस की अध्यक्ष मिर्जाना स्पोलजारिक ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य कार्रवाई पूरे क्षेत्र में खतरनाक श्रृंखला प्रतिक्रिया पैदा कर सकती है। उन्होंने सभी देशों से युद्ध के नियमों का पालन करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। रेड क्रॉस ने कहा कि अस्पताल, घर और स्कूल जैसे नागरिक ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
बहरीन सरकार ने ईरानी मिसाइल हमले के बाद राजधानी मनामा के जुफैर इलाके से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है। यह इलाका अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय के पास स्थित है। गृह मंत्रालय ने नागरिकों और निवासियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
इस्राइली सेना ने दावा किया है कि पश्चिमी ईरान में हवाई हमलों के दौरान सैकड़ों सैन्य ठिकानों और मिसाइल लॉन्चर को निशाना बनाया गया। सेना के बयान के अनुसार वायुसेना एक तरफ हमले कर रही है तो दूसरी ओर ईरान की जवाबी मिसाइलों को रोकने के लिए इंटरसेप्शन अभियान भी जारी है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं।
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि देश के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ और सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी पूरी तरह सुरक्षित हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि इस्राइल की ओर से शीर्ष नेताओं को निशाना बनाए जाने के दावों के बावजूद ईरानी नेतृत्व सामान्य रूप से काम कर रहा है।
अमेरिकी अधिकारी ने बताया है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ हवाई और समुद्री मार्ग से व्यापक हमले जारी रखेगा। अधिकारी के अनुसार कार्रवाई फिलहाल ईरान के भीतर मौजूद सैन्य और सुरक्षा ढांचे तक सीमित है। अमेरिकी वायुसेना इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रही है और इस्राइली सेना के साथ समन्वय में ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच वहां रह रहे फिलीपीनी नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। उन्होंने विदेश मंत्रालय और प्रवासी श्रमिक विभाग को प्रभावित इलाकों में नागरिकों का पता लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2024 में क्षेत्र में करीब 21 लाख फिलीपीनी कामगार मौजूद बताए गए थे।
इस्राइल और अमेरिका के हमलों के बाद बेल्जियम, नॉर्वे और पाकिस्तान समेत कई देशों ने प्रतिक्रिया दी है। बेल्जियम ने कहा कि ईरानी जनता को सरकार के फैसलों की कीमत नहीं चुकानी चाहिए। नॉर्वे ने हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं बताया, जबकि पाकिस्तान ने तनाव रोकने और तुरंत कूटनीतिक समाधान शुरू करने की अपील की।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4 के पहले चरण में पश्चिम एशिया में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। संगठन के अनुसार बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े समेत कतर, संयुक्त अरब अमीरात और क्षेत्र के अन्य सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई ईरानी जमीन पर अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई के जवाब में की गई है। बयान में दावा किया गया कि कब्जे वाले फलस्तीन क्षेत्र के भीतर मौजूद सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। ईरानी सेना ने कहा कि आक्रामक दुश्मन के खिलाफ यह व्यापक अभियान जारी रहेगा और मिसाइल तथा ड्रोन हमले तब तक चलते रहेंगे जब तक सैन्य लक्ष्यों को पूरी तरह निष्क्रिय नहीं कर दिया जाता। हालांकि हमलों से हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत के मिनाब शहर में स्थित एक प्राथमिक बालिका विद्यालय पर हुए कथित इस्राइली हमले में मरने वाली छात्राओं की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार पहले इस हमले में पांच लोगों की मौत की खबर थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। हमले के बाद इलाके में राहत और बचाव अभियान जारी है। इस्राइल की ओर से घटना पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सैटेलाइट तस्वीरों में तेहरान स्थित ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के सुरक्षित परिसर के आसपास भारी नुकसान और काले धुएं का गुबार दिखाई दिया है। हालांकि हमले के समय खामेनेई कहां थे, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हमले तेहरान के उस इलाके तक पहुंचे जहां ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद का आवास स्थित है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिका और इस्राइल के सभी सैन्य ठिकानों पर ईरानी मिसाइलों से शक्तिशाली हमले किए गए हैं। IRGC के बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई दुश्मनों को कड़ा संदेश देने के लिए की गई है। संगठन ने संकेत दिया कि सैन्य अभियान जारी रह सकता है। हालांकि हमलों से हुए वास्तविक नुकसान को लेकर स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार तड़के करीब चार बजे तक इस्राइल का बेन गुरियन एयरपोर्ट सामान्य रूप से संचालित हो रहा था और अंतिम उड़ानें देश में उतर रही थीं। कुछ विमान लगभग खाली पहुंचे और पायलट यात्रियों को स्थिति बदलने पर अपडेट देने की बात कहते रहे। रिपोर्ट में बताया गया कि उस समय सड़कों पर सामान्य गतिविधि थी और देश में आसन्न संघर्ष जैसी कोई स्पष्ट स्थिति दिखाई नहीं दे रही थी।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने राजधानी तेहरान के लोगों को शहर छोड़ने की सलाह दी है। जारी बयान में कहा गया है कि नागरिक शांत रहते हुए संभव हो तो दूसरे शहरों और सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं। सुरक्षा एजेंसियों ने मौजूदा हालात को गंभीर बताते हुए सतर्क रहने की अपील की है। लगातार बढ़ते हमलों के खतरे के कारण राजधानी में चिंता का माहौल बना हुआ है।
कुवैत ने अपने क्षेत्र पर हुए हमले को लेकर ईरान की कड़ी निंदा की है। कुवैती विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हमला देश के हवाई क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह इस हमले की प्रकृति और गंभीरता के अनुसार जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है। कुवैत ने चेतावनी दी कि क्षेत्र में आगे किसी भी सैन्य गतिविधि से पश्चिम एशिया की स्थिरता को गंभीर खतरा हो सकता है।
कतर की राजधानी दोहा के बाहरी रिहायशी इलाके में एक इमारत के ऊपर धुआं उठने का वीडियो सामने आया है। अल जजीरा द्वारा सत्यापित फुटेज में हमले के बाद इलाके में धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है। हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। घटना के बाद स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और आसपास के इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार देश के उत्तर-पश्चिमी शहर जंजान में विस्फोट होने की सूचना मिली है। विस्फोट के कारणों और नुकसान को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच इस घटना ने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसके मिसाइल हमलों से पश्चिम एशिया में मौजूद इस्राइल और अमेरिका के सभी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। संगठन ने कहा कि सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक दुश्मन को निर्णायक रूप से पराजित नहीं कर दिया जाता। IRGC ने यह भी कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी संपत्तियां ईरानी सेना के लिए वैध लक्ष्य मानी जाएंगी।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने ईरान से जुड़े घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है। संयुक्त बयान में सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की गई। यूरोपीय संघ ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच ब्रिटिश एयरवेज ने तेल अवीव और बहरीन के लिए अपनी उड़ानें 3 मार्च तक रद्द कर दी हैं। एयरलाइन ने बताया कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है। साथ ही अम्मान के लिए निर्धारित उड़ान सेवा भी रद्द कर दी गई है। कंपनी प्रभावित यात्रियों से संपर्क कर उन्हें वैकल्पिक यात्रा विकल्पों की जानकारी दे रही है।
इस्राइल के तेल अवीव शहर से विस्फोटों की खबर सामने आई है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गई हैं। हालांकि नुकसान या हताहतों को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य टकराव के बीच राजधानी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
इस्राइली सेना के अनुसार ईरान की ओर से दागी गई नई मिसाइलों की पहचान के बाद देश के कई इलाकों में सायरन बजाए गए। सेना ने बताया कि वायुसेना मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने और खतरे को खत्म करने के लिए कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह अभेद्य नहीं है, इसलिए नागरिकों को होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।
एक प्रेस ब्रीफिंग में इस्राइली सैन्य अधिकारी ने कहा कि अभियान पूरी तरह सैन्य लक्ष्यों पर केंद्रित है। अधिकारी के मुताबिक कार्रवाई का मकसद सुरक्षा खतरे को कम करना है, न कि राजनीतिक व्यवस्था को बदलना। इस बयान के बाद क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस्राइली सेना ने आने वाले घंटों और दिनों में करीब 70 हजार रिजर्व सैनिकों को तैनात करने का फैसला किया है। सेना के अनुसार इन सैनिकों को मुख्य रूप से हवाई सुरक्षा मजबूत करने, होम फ्रंट कमांड और सीमाओं की रक्षा के लिए बुलाया जा रहा है।
ईरान की सेना ने इस्राइल और अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरानी शहरों पर हमलों के बाद उन्हें ऐतिहासिक सबक दिया जाएगा। सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेखारची ने कहा कि क्षेत्र में इस्राइल की मदद करने वाला कोई भी सैन्य ठिकाना ईरान की सेना के निशाने पर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लामिक गणराज्य अपनी सैन्य कार्रवाई में किसी तरह की हिचक नहीं दिखाएगा।
ईरान ने संकेत दिया है कि अमेरिका को किसी भी कीमत पर जवाब देने की रणनीति अपनाई जा रही है और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने संभावित निशाने पर हैं। रिपोर्टों के अनुसार यूएई, कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देश, जहां अमेरिकी बेस मौजूद हैं, खतरे के दायरे में आ सकते हैं। ईरान पर आरोप है कि वह पड़ोसी देशों के साथ संबंधों की परवाह किए बिना सैन्य दबाव बढ़ाने की नीति अपना रहा है। इससे पूरे मध्य पूर्व में चिंता बढ़ गई है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत के मिनाब शहर में एक प्राथमिक बालिका विद्यालय पर इस्राइल के हमले का दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले में स्कूल की इमारत प्रभावित हुई और कम से कम पांच छात्राओं की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। इस्राइल की ओर से फिलहाल इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। रिपोर्ट के अनुसार कतर के अल-उदीद एयर बेस, कुवैत के अल-सलेम एयर बेस, संयुक्त अरब अमीरात के अल-धफरा एयर बेस और बहरीन में तैनात अमेरिकी पांचवें बेड़े को निशाना बनाया गया। हालांकि हमलों से हुए नुकसान और हताहतों को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। क्षेत्र में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है।
ब्रिटेन ने दोहराया है कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच बहरीन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अपने नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है। सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए ब्रिटेन हमेशा कूटनीतिक और बातचीत आधारित समाधान का समर्थन करता रहा है। मध्य पूर्व में हालिया सैन्य घटनाओं के बाद सुरक्षा चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
मध्य पूर्व में तनाव के बीच ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले किए। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव का असर पूरे क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच जॉर्डन की सेना ने देश के ऊपर उड़ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने की पुष्टि की है। सैन्य अधिकारियों के अनुसार वायु रक्षा प्रणाली ने समय रहते कार्रवाई करते हुए मिसाइलों को निष्क्रिय कर दिया, जिससे संभावित नुकसान टल गया। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मिसाइलें किस देश या समूह की ओर से दागी गई थीं। घटना के बाद जॉर्डन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। क्षेत्र में जारी संघर्ष के चलते चिंता और सतर्कता बढ़ गई है।
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि देश को ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया। मंत्रालय के बयान के अनुसार वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया। हालांकि अबू धाबी के एक रिहायशी इलाके में मिसाइल के मलबे के गिरने से कुछ संपत्ति को नुकसान पहुंचा और एशियाई मूल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। यूएई ने इस हमले को गंभीर सुरक्षा चुनौती बताते हुए कहा कि वह इस स्थिति पर जवाब देने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखता है। क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में ईरान से दागी गई कई मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणाली ने इंटरसेप्ट किया, लेकिन इस घटना में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई। स्थानीय समाचार एजेंसी के मुताबिक हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। यूएई सरकार ने इसे राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। साथ ही कहा कि बढ़ते तनाव के बीच देश अपने हितों की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई का पूरा अधिकार सुरक्षित रखता है। क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइल हमलों का निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कतर का अल-उदीद एयर बेस, कुवैत का अल-सलेम एयर बेस, संयुक्त अरब अमीरात का अल-धफरा एयर बेस और बहरीन स्थित पांचवां अमेरिकी बेस हमलों की जद में आए। वहीं, एएफपी न्यूज एजेंसी ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी विस्फोटों की सूचना दी है। हालांकि हमलों से हुए नुकसान और हताहतों को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया है।
यूएई के अबू धाबी और दुबई में ईरान ने मिसाइल हमले किए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इन जगहों पर धमाके सुनाई दिए हैं।
इस्राइली सेना ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह पश्चिमी ईरान में ईरानी शासन से संबंधित कई सैन्य ठिकानों पर व्यापक हमला कर रही है।
ईरान ने कतर के दोहा में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने देश को निशाना बनाकर किए गए कई हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। रक्षा मंत्रालय इस बात की पुष्टि करता है कि खतरे का पता चलते ही सुरक्षा योजना के अनुसार उससे तुरंत निपटा गया और कतर की धरती तक पहुंचने से पहले ही सभी मिसाइलों को रोक दिया गया।
ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। ईरान के एयरस्पेस में एक भी विमान उड़ता नजर नहीं आ रहा है।
ईरान ने अबू धाबी, कुवैत, बहरीन और कतर में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला किया है।
ईरान के जवाबी हमलों के बाद कतर, कुवैत और यूएई ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है।
इस्राइल के हमले के बाद ईरान ने पलटवार करना शुरू कर दिया है। इस बीच इस्राइल ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर भेजना शुरू कर दिया है। लोगों को शेल्टर हाउस में शिफ्ट किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हंगरी की विज एयर ने इस्राइल, यूएई के दुबई के साथ-साथ अबू धाबी और जॉर्डन के अम्मान से आने-जाने वाली सभी फ्लाइट्स तुरंत सात मार्च तक सस्पेंड कर दीं। जर्मनी की लुफ्थांसा ने दुबई, तेल अवीव, लेबनान के बेरूत और ओमान के मस्कट से आने-जाने वाली शनिवार और रविवार की उड़ानें निलंबित कर दीं।
नीदरलैंड्स की केएलएम ने एम्स्टर्डम से तेल अवीव की उड़ानें रद्द कर दी है। ओमान एयर ने इराक की राजधानी बगदाद की सभी फ्लाइट सस्पेंड कर दीं। ऐसे में ही रूस ने ईरान और इस्राइल की सभी उड़ानें रोक दी है। कुवैत ने भी अगली सूचना तक ईरान की सभी उड़ान सेवा बंद कर दी। इराक ने आने-जाने वाली सभी विमान कैंसिल करते हुए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ईरान ने इस्राइल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई का जवाब देना शुरू कर दिया है। ईरान ने बहरीन और कतर में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। इसी के साथ इस्राइल पर भी बैलिस्टिक मिसाइल से भीषण हमले शुरू कर दिए हैं।
यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने ईरान के समर्थन में जल मार्गों और इस्राइल पर मिसाइल व ड्रोन हमले फिर से शुरू करने का फैसला किया है। एपी की रिपोर्ट के मुताबिक हूती विद्रोही लाल सागर गलियारे में जहाजों पर हमले फिर से शुरू करेंगे। नाम ना बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि विद्रोहियों का पहला हमला आज रात को ही हो सकता है।
ईरान पर ताबड़तोड़ हमले के बाद इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर हमला ईरान से पैदा हुए अस्तित्व के खतरे को दूर करने के लिए किया गया था। इस्राइली पीएम नेतन्याहू ने ट्वीट करते हुए कहा, 'महज एक घंटे पहले इस्राइल और अमेरिका ने ईरान में आतंकवादी शासन द्वारा उत्पन्न अस्तित्वगत खतरे को समाप्त करने के लिए एक अभियान शुरू किया है। मैं अपने महान मित्र, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके ऐतिहासिक नेतृत्व के लिए धन्यवाद देता हूं। इस हत्यारे शासन को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जो इसे पूरी मानवता के लिए खतरा बनने में सक्षम बना देगा। हमारा संयुक्त अभियान ईरान के बहादुर लोगों को अपना भाग्य अपने हाथों में लेने के लिए परिस्थितियां तैयार करेगा। हम साथ खड़े रहेंगे, साथ मिलकर लड़ेंगे और साथ मिलकर इस्राइल की अमरता सुनिश्चित करेंगे।'
अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर पूरे देश में हमला करने के बाद अब इस्राइल ईरानी मिसाइलों को रोकने की कोशिश कर रहा था, तब उत्तरी इस्राइल में धमाके हुए है। ये धमाके तब हुए जब इस्राइली सेना ने कहा कि वह ईरानी गोलाबारी को रोकने के लिए अपने एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करेगी।
इस्राइल के हमले के बाद ईरान ने भी पलटवार शुरू कर दिया है। इस्राइल सेना का कहना है कि ईरान से दागी गई मिसाइलें इस्राइल की तरफ बढ़ रही थीं, जिससे देश के कई इलाकों में सायरन बजने लगे। खतरे को रोकने और जहां आवश्यक हो वहां उसे नष्ट करने के लिए कार्रवाई कर रही है। अभी चल रहे हमले से किसी नुकसान या किसी के हताहत होने के बारे में तुरंत कोई खबर नहीं है।
ईरान पर इस्राइल और अमेरिका ने साझा हमला किया है। इस्राइली अधिकारियों का कहना है कि उसकी तरफ से यह हमला ईरान को नेस्तनाबूत करने के लिए किया गया है। जिन जगहों पर हमला हुआ है, उनमें शीर्ष नेताओं से लेकर अहम सैन्य ठिकाने शामिल हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
संघर्ष के बीच भारत से इस्राइल की राजधानी तेल अवीव जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट वापस लौट आई है। एअर इंडिया ने इस्राइल हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण अपनी दिल्ली-तेल अवीव उड़ान को मुंबई की ओर मोड़ दिया। इस्राइल ने ईरान पर हमले किए हैं, जिसके बाद कुछ हवाई क्षेत्रों को उड़ान संचालन के लिए बंद कर दिया गया है। एयरलाइन ने एक बयान में कहा, '28 फरवरी को दिल्ली से तेल अवीव जाने वाली एआई139 फ्लाइट इस्राइल में हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के हित में भारत लौट रही है।' एयरलाइन के एक अधिकारी ने बताया कि फ्लाइट को मुंबई की ओर मोड़ दिया गया है।
वहीं तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इस्राइल में भारतीय दूतावास ने कहा कि इलाके में मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए इस्राइल में सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे बहुत सावधानी बरतें और हर समय चौकन्ने रहें। भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे इस्राइली अधिकारियों और होम फ्रंट कमांड द्वारा जारी सुरक्षा गाइडलाइंस और निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य हमले की पुष्टि की है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल विकास को लेकर ट्रंप की इस कड़ी चेतावनी और तेहरान में आपातकाल की स्थिति पर पूरी रिपोर्ट पढ़ें
ईरान पर हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति का पहला बयान सामने आया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान कभी परमाणु शक्ति नहीं बन सकता है। हम ईरान की नौसेना को खत्म करने जा रहे हैं। ट्रंप कहा कि अमेरिका ने ईरान के अंदर ऑपरेशन शुरू किए हैं। उन्होंने बताया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा था। ऐसे में ईरान से अमेरिका और दूसरों को खतरा है। हम ईरान की मिसाइलों को तबाह कर देंगे।
इस्राइल पर एकाएक हमलों के बाद ईरान की ओर से कड़ा संदेश दिया गया है। तेहरान ने साफ कहा कि संघर्ष को अब हम खत्म करेंगे। इसी के साथ कड़ा जवाब देने के लिए भी संकेत दिए। तेहरान ने साफ कहा कि संघर्ष की दिशा और अंत अब उनके जरिए ही होगा। वहीं ईरान पर लड़ाकू विमानों और मिसाइलों से जारी हमले के बीच सुप्रीम नेता खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक खामेनेई ईरान में हैं, लेकिन तेहरान में नहीं है।
एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि तेहरान ऐसे बदले की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है जो 'करारा' होगा। स्टेट टीवी के मुताबिक ईरान इस्राइल से 'बदला लेने' और 'कड़ा जवाब' देने की तैयारी कर रहा है।
इराक के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि पड़ोसी देश ईरान पर इस्राइली हवाई हमलों के बाद देश का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है। मंत्रालय के प्रवक्ता मिथम अल-सफी ने सरकारी समाचार एजेंसी इराकी न्यूज एजेंसी को इस बंदी के बारे में बताया और कहा कि बंदी से पहले इराकी हवाई क्षेत्र से सभी हवाई यातायात को खाली करा लिया गया था।
इस्राइल और अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए इस्राइल के साथ तालमेल के जरिए किया। सीएनएन ने रिपोर्ट किया है कि इस्राइल का हमला अमेरिका के साथ समन्वित था।
शनिवार सुबह ईरान पर हुए हमले के बाद इस्राइल ने नागरिक उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इसी के साथ ईरान का हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया गया है।
ईरान की राजधानी तेहरान के कई इलाकों में मोबाइल फोन कम्युनिकेशन बाधित हो गया है। अभी कोई कॉल नहीं हो पा रही है। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही इंटरनेट भी बाधित हो सकती है।
ईरान पर इस्राइल-अमेरिका का भीषण हमला किया गया है, जिसमें राष्ट्रपति भवन, खुफिया एजेंसी, एयरपोर्ट समेत 30 ठिकानों पर निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के छह शहरों पर हमला किया गया है। दोनों देशों ने अपनी हवाई सीमा बंद कर दी है। इसी के साथ इस्राइल ने इस ऑपरेशन का नाम 'शील्ड ऑफ जूडा' रखा है, जिसका मतलब है यहूदियों की ढाल
इस्राइल ने ईरान में एक साथ 30 जगहों पर हमले किए हैं। जिसमें सुप्रीम नेता सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के पास भी धमाका हुआ। इसी के साथ ईरानी मंत्रियों और राष्ट्रपति के दफ्तरों को निशाना बनाया गया है।
इस्राइल ने ईरान के खिलाफ शनिवार को हमले शुरू कर दिए हैं। राजधानी तेहरान में कई जगहों पर धमाके की आवाजें आ रही हैं। इस्राइल ने अपने नागरिकों को सुरक्षित इलाकों के पास रहने की चेतावनी दी है। इस्राइली सेना ने एक्स पर हमले की जानकारी दी है। इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष से जुड़े अपडेट यहां पढ़ें...