यूजीसी के नए नियमों के विरोध में भाजपा की हथीन मण्डल इकाई के कोषाध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने पद एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने यह त्यागपत्र पार्टी की जिला इकाई के अध्यक्ष विपिन बैंसला को पत्र भेजकर दिया है। त्यागपत्र की प्रति उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी डाल दी। इसके बाद पार्टी के मण्डल अध्यक्ष सौरभ सिंगला ने सुनील अग्रवाल को समझाने का भी प्रयास किया। पार्टी से जुड़े कई अन्य लोगों ने सुनील अग्रवाल से बात की। इसके बावजूद सुनील अग्रवाल अपने फैसले पर कायम रहे। उनका कहना है कि वे ऐसी पार्टी में नहीं रहना चाहते जो पार्टी इस तरह के भेदभावपूर्ण नियमों को बना रही है। उन्होंने कहा कि त्यागपत्र के फैसले पर पुनर्विचार का सवाल नहीं उठता।
बागपत। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मंडल उपाध्यक्ष सुमित शर्मा ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून के विरोध में पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर केंद्र सरकार के इस फैसले पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। शर्मा ने स्पष्ट किया कि जब तक यूजीसी कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा और वे भाजपा का बहिष्कार करेंगे।
सोनभद्र में यूजीसी की नई नीतियों और प्रस्तावित कानून के विरोध में सवर्ण आर्मी के बैनर तले मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और यूजीसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे छात्र हितों के विपरीत बताया और तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और समाज के लोग शामिल रहे। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यूजीसी का नया कानून शिक्षा के क्षेत्र में असमानता बढ़ाएगा और विभिन्न वर्गों के बीच टकराव की स्थिति पैदा करेगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष अशोक दुबे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री मंगलवार को डीएम से मिलने के लिए बरेली जिले में स्थित कलक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए। दोपहर डेढ़ बजे के बाद ही उनकी मुलाकात डीएम से नहीं हो पाई। अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि वह सिर्फ डीएम से एक सवाल पूछना चाहते हैं कि रात में लखनऊ से किसका कॉल आया था, जिसने उनके (अलंकार अग्निहोत्री) के लिए अपशब्द कहे। वह डीएम से मिलकर ही जाएंगे। अलंकार अग्निहोत्री ने करीब ढाई घंटे तक कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया, लेकिन डीएम से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद वह यहां से चले गए। सिटी मजिस्ट्रेट की सरकारी गाड़ी उनको ले गई।
कानपुर में यूजीसी एक्ट 2026 के तहत बनाए गए कुछ प्रावधानों को संविधान विरोधी एवं सामाजिक सौहार्द के लिए घातक बताते हुए सनातन मठ मंदिर रक्षा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने अकबरपुर व कानपुर सांसद को ज्ञापन सौंपा। कहा कि नियम सभी छात्रों पर समान रूप से लागू किए जाएं। किसी भी जाति या वर्ग को न तो विशेषाधिकार मिले और न ही किसी को पूर्वाग्रह के आधार पर संदेह की दृष्टि से देखा जाए। प्रतिनिधिमंडल में अजय कुमार द्विवेदी, रजत मिश्रा, आकाश ठाकुर, सुधीर द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
वाराणसी में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के खिलाफ छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। सवर्ण समाज के युवाओं ने इसके खिलाफ एक बड़ा मार्च निकाला है। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि यूजीसी के नए नियम भेदभावपूर्ण हैं। सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज होने का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार यूजीसी के प्रावधान को वापस नहीं लेती है या इनमें संशोधन नहीं करती है तो यह आंदोलन दिल्ली तक जाएगा।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए लाए गए यूजीसी के नए कानूनों का जबरदस्त विरोध हो रहा है। मंगलवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया और नाराजगी जाहिर की। छात्रों ने विश्वविद्यालय के गेट नंबर एक के पास प्रदर्शन किया और यूजीसी से कानून वापस लेने की मांग की। इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों को आपस में लड़ाने के लिए ये कानून लेकर आई है। इससे भेदभाव समाप्त नहीं होगा बल्कि छात्रों में आपस में टकराव होगा। हालांकि सरकार ने कहा कि इन बदलावों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में अधिक निष्पक्षता और जवाबदेही लाना है, लेकिन कई आलोचकों को आशंका है कि इससे सामाजिक विभाजन और गहरा सकता है और विश्वविद्यालय परिसरों में नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए लागू किए गए नए नियमों के तहत, यूजीसी ने संस्थानों को शिकायतों, विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिकायतों को संबोधित करने के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और निगरानी दल गठित करने को कहा है।
पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अपने समर्थकों के साथ करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी भी की गई। सुबह करीब11:58 बजे अलंकार अग्निहोत्री धरने से उठकर डीएम से मिलने चले गए। वह समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में पहुंचे। यहां डीएम चेंबर के सामने निलंबित पीसीएस अफसर और उनके समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
शाहजहांपुर में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में करणी सेना उतर आई है। करणी सेना के पदाधिकारियों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नए नियमों को वापस करने की मांग उठाई। प्रदेश महामंत्री ओमवीर सिंह राठौर ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों से सवर्ण छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। इससे जातिवाद को बढ़ावा मिलेगा। इससे यह प्रतीत हो रहा है कि केंद्र सरकार सवर्ण समाज के छात्रों के साथ खिलवाड़ कर रही है। कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद करणी सेना के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अपूर्वा को दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष सूर्यप्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष युवा शक्ति रवि सिंह चौहान, जगबीर सिंह, अरविंद सिंह राठौड़, सचिन चौहान, जयवीर सिंह, प्रभाकर चौहान आदि मौजूद रहे।
राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया रामनगरी अयोध्या पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को लेकर समाज को बांटना नहीं चाहिए और हिंदू समाज की एकता बनी रहनी चाहिए। सरकार को यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी वर्ग की भावना आहत न हो।
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया है। सोमवार देर रात निलंबन का आदेश जारी हुआ। वहीं अलंकार अग्निहोत्री अपने इस्तीफा और प्रशासन पर लगाए आरोपों पर अड़े हुए हैं। अग्निहोत्री ने मंगलवार को कहा कि वह निलंबन के विरुद्ध हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।
बरेली के सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कहा, "मैं डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से पूछना चाहता हूं कि कल रात उन्हें किसने फोन किया था और कौन मुझे पंडित होने की वजह से गाली दे रहा है और वह किस विचारधारा का है?... संवैधानिक व्यवस्था बहाल करने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए, सामान्य वर्ग सरकार के खिलाफ हो गया है..."
उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णयों के साथ जुड़े रहना मेरे वैचारिक, सामाजिक और नैतिक सिद्धांतों के खिलाफ है। यह मेरे आत्मसम्मान और विचारधारा के खिलाफ है। बूथ अध्यक्ष का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले में बिलसंडा के मंडल अध्यक्ष का कहना है कि अभी उन्हें लिखित पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। फेसबुक पर इस्तीफा का पत्र देखा है।
बिलसंडा क्षेत्र के चपरौवा कुइयां के भाजपा बूथ अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बूथ अध्यक्ष कृष्ण कुमार तिवारी ने बिलसंडा मंडल अध्यक्ष को भेजे इस्तीफा में लिखा कि वह पार्टी की ओर से यूजीसी एवं एससी एसटी जैसे काले कानूनों को समर्थन और लागू किए जाने से पूरी तरह असहमत हैं। ये कानून समाज में विभाजन पैदा करते हैं।
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) के नए निमयों का विरोध तेज होता जा रहा है। गणतंत्र दिवस के मौके पर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद यह मामला तूल पकड़ा गया है। पीलीभीत जिले में भाजपा के एक पदाधिकारी ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
रायबरेली की सलोन सीट से भाजपा किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट श्याम सुंदर त्रिपाठी ने नई UGC नीतियों से असंतुष्टि जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
अखण्ड भारत हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक शर्मा आजाद ने यूजीसी कानून के खिलाफ देश के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को पत्र भेजा है। विरोध दर्ज कराते हुए कहा है कि इससे जाति आधारित भेदभाव होगा। समानता के मूल अधिकार की भावना के अनुरूप यह कानून नहीं होगा। इस कानून को वापस लिया जाए।
यूजीसी एक्ट को लेकर देश व प्रदेश में सवर्णों की ओर से विरोध के स्वर उठ रहे हैं। इसी क्रम में इगलास विधानसभा के भाजपा संगठन के सोशल मीडिया प्रभारी कपिल पंडित ने अपना त्यागपत्र पार्टी के पद व सदस्यता से देने का एलान किया है। उनका यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे लेकर जिलाध्यक्ष कृष्णपाल लाला ने कहा है कि इस नाम का संगठन में कोई पदाधिकारी नहीं।
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वर्ष 2019 बैच के पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को इस्तीफा दिया। इसके पीछे की वजह शंकराचार्य का अपमान और यूजीसी कानून का विरोध बताया। रात में डीएम से मुलाकात के बाद उन्होंने जिला प्रशासन पर ही बंधक बनाने का आरोप लगा दिया। हालांकि डीएम ने उनके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। देर रात सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया। इस पर उन्होंने कहा कि वह निलंबन के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। मंगलवार सुबह उनके आवास के बाहर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया।
बरेली में एडीएम कंपाउंड में स्थित सिटी मजिस्ट्रेट के आवास पहुंचने वाले मुख्य गेट को पुलिस ने बंद कर दिया है। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का कहना है कि ऊपर से रोक लगाई गई है इसलिए गेट बंद किया गया है। ऐसे में सभी समर्थकों में लोगों को दामोदर पार्क में आने का आवाहन कर दिया है। दामोदर पार्क में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है। हालांकि, सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अभी तक अपने आवास के अंदर ही हैं और वह विभिन्न तरह से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अभी-अभी एटीएम सिटी सौरभ दुबे, एसपी देहात मुकेश चंद मिश्रा, एसडीएम सदर प्रमोद कुमार समेत कई अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट की आवास पर पहुंचे हैं।
यूजीसी के नए 'उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता विनियम, 2026' से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। यूपी समेत राजधानी दिल्ली में नए नियमों के खिलाफ विरोध हो रहा है। भाजपा में ही विरोध हो रहा है। कई नेताओं ने विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यूपी में कई जगहों पर रविवार को भी प्रदर्शन हुए। आज भी प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं, बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री निलंबन के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं।