Mahakumbh Amrit Snan: श्रद्धालुओं के सुखद अनुभव के लिए हर चीज का रखा गया ध्यान: प्रमुख सचिव गृह
यूपी के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने कहा कि महाकुंभ के दृष्टिगत प्रयागराज के आस-पास के धार्मिक स्थलों (वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, मिर्जापुर एवं चित्रकूट और मथुरा आदि) पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गईं हैं। जो भी यहां (महाकुंभ) आए, एक अच्छा अनुभव लेकर वापस जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ किया गया है। श्रद्धालुओं के सुखद अनुभव के लिए टेंट सिटी, अतिरिक्त शौचालय, रहने-खाने की सुविधा आदि हर चीज का ध्यान रखा गया है।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने कहा कि हमने प्रयागराज में रहने वाले लोगों के लिए उचित व्यवस्था की है। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 60 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। पूरे क्षेत्र को गूगल के माध्यम से नेविगेट किया जा रहा है। यूपीआई यानी सक्षम भुगतान प्रणाली लागू की गई है। साथ ही एआई यानी सक्षम टूल का उपयोग किया जा रहा है। ताकि किसी को कोई दिक्कत न हो। हमने किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए भी व्यवस्था कर रखी है। सभी अधिकारी अच्छी तरह से प्रशिक्षित हैं।
महाकुंभ में लोक गायिका मालिनी अवस्थी भी पहुंची हैं। जहां उन्होंने बातचीत करते हुए कहा कि मकर संक्रांति के अवसर पर जब हम सभी ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई, तो यह अहसास अद्भूत था। ऐसे ठंडे मौसम में जब लोग अपने कम्बलों से बाहर नहीं निकलते, बच्चे और बुजुर्ग सभी ने त्रिवेणी में डुबकी लगाकर अत्यधिक उत्साह दिखाया है। पूरे आयोजन का प्रबंधन बेहद अच्छा रहा है।
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ-2025 में स्नान जारी है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाकुंभ की कुछ तस्वीरें साझा की हैं।
साथ ही लिखा है कि-' महाकुंभ में भक्ति और अध्यात्म का अद्भुत संगम'
मकर संक्रांति महापर्व पर महाकुंभ में प्रथम अमृत स्नान में शामिल सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन।
महाकुंभ मेला 2025 पर यूपी के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने कहा कि "हमने एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है और हम स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। महाकुंभ 2025 सामाजिक, धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन है। कल प्रयागराज में संगम में एक करोड़ 62 लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। आज महाकुंभ 2025 का पहला अमृत स्नान है। आज करीब 1.75 लाख लोगों ने संगम में डुबकी लगाई। संख्या बढ़ेगी... लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित इंतजाम किए गए हैं।
किन्नर अखाड़े के सदस्य शस्त्रों के साथ अपनी परंपराओं का अद्भुत प्रदर्शन करते नजर आए। तलवारों और अन्य शस्त्रों को लहराते हुए उन्होंने अपनी शक्ति और परंपरा का परिचय दिया। जयघोष और हर हर महादेव के नारों के बीच पूरा माहौल उत्साह और आस्था से भर गया। किन्नर अखाड़े के इस आयोजन ने महाकुंभ 2025 में एक विशेष छवि प्रस्तुत की। उनके संदेश ने यह स्पष्ट किया कि समाज के हर वर्ग का उत्थान और कल्याण भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
किन्नर अखाड़े की सदस्य राम्या नारायण गिरी ने बताया कि अमृत स्नान के अवसर पर प्रत्येक सदस्य ने भारतवासियों की सुख-समृद्धि और देश के कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि महाकुंभ का यह पर्व न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक संदेश देने का भी एक माध्यम है।
किन्नर अखाड़े के सदस्य हर हर महादेव का नारे लगाते हुए संगम की ओर बढ़े। बीच में छत्र के नीचे आचार्य महामंडलेश्वर चल रहे थे और उनके साथ अखाड़े के अन्य महामंडलेश्वर उपस्थित थे। इस दौरान किन्नर अखाड़े के साधु पारंपरिक शस्त्रों का प्रदर्शन कर रहे थे। तलवारें लहराते हुए और जयघोष करते हुए उन्होंने अमृत स्नान का शुभारंभ किया।
महाकुंभ 2025 के पहले अमृत स्नान के पावन अवसर पर किन्नर अखाड़ा आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना। आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी की अगुवाई में किन्नर अखाड़े के सभी सदस्यों ने दोपहर में संगम नोज पहुंचकर अमृत स्नान किया। महासंक्रांति के पर्व पर किन्नर अखाड़े ने समाज के कल्याण और उन्नति की कामना की।
प्रयागराज में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि "मैं बेहद खुश हूं क्योंकि मैं सभी आचार्यों के बीच पवित्र डुबकी लगाने वाला पहला व्यक्ति था। मैं राज्य सरकार की व्यवस्थाओं से प्रभावित हूं। उन्होंने यहां इतनी बड़ी भीड़ का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया है।"
आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी ने कहा कि "यहां आए सभी लोगों की भावनाएं शानदार हैं। इतनी ठंड के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों का यहां आना अद्भुत है। मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा है... इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को एक जगह देखकर एक अनोखी ऊर्जा पैदा होती है, जो आम दिनों में नहीं होती... यहां आने वाले हर व्यक्ति को यहां सबकुछ मिलेगा- शांति, ज्ञान, आध्यात्म और संस्कृति। प्रयागराज में इस समय इन सबका समागम देखने को मिल रहा है..."
महाकुंभ पर उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार कहते हैं कि "पीएम मोदी और सीएम योगी ने सभी आधुनिक तकनीकों और एआई टूल्स का उपयोग करने के निर्देश दिए थे, चाहे वह भीड़ प्रबंधन हो या ट्रैफिक प्रबंधन, पानी के नीचे की निगरानी या हमारे नवीनतम अग्निशमन उपकरण... हमारे सभी विभाग के अधिकारी मौके पर रह रहे हैं, इसके साथ ही, राज्य के अधिकारी हमारे नियंत्रण कक्ष में हैं। कुल 10 खोया और पाया केंद्र हैं। कल, हमारा प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। सभी खोए हुए लोगों को उनके परिवारों से मिला दिया गया। जहां भी कोई व्यक्ति खो जाता है, हम उसका स्क्रीनशॉट लेते हैं और फिर उसका मिलान करते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति मिलता है, हम निकटतम पुलिस स्टेशन से संपर्क करते हैं और फिर उसे उसके परिवारों से मिलाते हैं।"
महाकुंभ 2025 में निगरानी और बचाव कार्यों के लिए अंडरवाटर ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह ड्रोन तकनीक अंडरवाटर बचाव कार्यों में माहिर है।
प्रयागराज में मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जा रही है।
देश भर के श्रद्धालु महाकुंभ मेला 2025 में जुटे हैं जो भक्ति और संस्कृति का संगम है। श्रद्धालु भजन गा रहे हैं, नृत्य कर रहे हैं। साधु भी भजन का गान कर रहे हैं।
किन्नर अखाड़े के संतों ने अमृत स्नान किया। किन्नर अखाड़े के संत रथों पर सवार होकर संगम तट पर पहुंचे। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि "आज हम संगम तीर्थ पर हैं। यह महाकुंभ 2025 का पहला अमृत स्नान है और हमें बहुत खुशी है कि हमें अमृत स्नान में भाग लेने का मौका मिला। सभी को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं।
जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान के लिए त्रिवेणी संगम पहुंचे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, महाकुंभ में आज 12 बजे तक संगम में स्नान करने वालों की संख्या 1.60 करोड़ हो गई है। आज अमृत स्नान जारी है।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के दूसरे दिन अमृत स्नान के मौके पर जापान से आईं योगमाता केइको आइकावा भी पहुंची। उन्होंने कहा कि "मैं बहुत उत्साहित महसूस कर रही हूं। मैं सभी को आशीर्वाद देती हूं।"
उत्तर प्रदेश सूचना विभाग ने कहा कि प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के पहले दिन एकता और 'वसुधैव कुटुम्बकम' (विश्व एक परिवार है) का संदेश दिया गया, जब कई देशों, भारत के हर राज्य और हर जाति के लोगों ने एक साथ अमृत स्नान में भाग लिया।
उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि आज 2025 महाकुंभ का प्रथम अमृत स्नान है। जिसमें विभिन्न अखाड़ों को साधु-सन्यासी भी स्नान कर रहे हैं। आज ब्रह्म मुहूर्त से ही अखाड़ों का आना शुरू हो चुका है। अन्य घाटों पर जो स्नान चल रहा है सुबह सात बजे तक वहां 98 लाख 20 हजार लोगों ने स्नान कर लिया था, ऐसे में अब तक लगभग 1 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। आज घाटों पर अत्यंत भीड़ है। हमारे सभी अधिकारी और कर्मचारी तैनात हैं। हमारे सभी कंट्रोल रूम के द्वारा लगातार अनुसरण किया जा रहा है। सभी लोग रेड अलर्ट पर हैं। हम लोगों का प्रयास है कि स्नान पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। पूरे प्रदेश में आज मकर संक्रांति का जो स्नान हो रहा है वो अबाधित तरीके से चल रहा है। अखाड़ों के अन्य घाट होते हैं जिसके अलावा सामान्य घाटों पर भीड़ मौजूद है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का भी भरपूर प्रयोग किया जा रहा है।
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान के लिए निकले।
निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलसानंद सरस्वती के साथ नारायण पॉवेल जॉब्स भगवा रंग में रथ पर सवार होकर पहुंची।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ मेले में भाग ले रहे एक विदेशी श्रद्धालु ने कहा कि महाकुंभ सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए एक अवसर है।
सड़कों पर पुलिस बल तैनात
आनंद अखाड़ा के आचार्य मंडलेश्वर बालकानंद जी महाराज मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर पहले अमृत स्नान के लिए जुलूस का नेतृत्व करते हैं। 13 अखाड़ों के साधु आज गंगा, यमुना और 'रहस्यमय' सरस्वती नदियों के पवित्र संगम त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगा रहे हैं।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर महाकुंभ की तस्वीरें साझा की हैं और लिखा कि यह हमारी सनातन संस्कृति और आस्था का जीवंत स्वरूप है। आज आस्था के महापर्व 'मकर संक्रांति' के पावन अवसर पर महाकुंभ-2025, प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर प्रथम अमृत स्नान कर पुण्य अर्जित करने वाले सभी श्रद्धालुओं को बधाई।
मकर संक्रांति पर अमृत स्नान करने के बाद महानिर्वाण अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञान पुरी ने कहा कि यहां बहुत भीड़ है, लेकिन सब कुछ जिस तरह से प्रवाहित होता है, वह अद्भुत है। हर कोई पवित्र स्नान के लिए जगह ढूंढ़ लेता है। मुझे लगता है कि यह सब यहीं देखना संभव है।
मकर संक्रांति के पहले अमृत स्नान के दिन एसएसपी कुंभ मेला राजेश द्विवेदी ने कहा, "सभी अखाड़े अमृत स्नान के लिए आगे बढ़ रहे हैं। स्नान क्षेत्र तक जाने वाले अखाड़ा मार्ग पर पुलिस के जवान तैनात हैं। अखाड़ों के साथ पुलिस, पीएसी, घुड़सवार पुलिस और अर्धसैनिक बल भी मौजूद हैं।"
महाकुंभ का पहला अमृत स्नान जारी है। लोगों के आने और जाने के रास्ते निर्धारित हैं। भीड़ को सही तरीके से संचालित किया जा रहा है।
स्नान के बाद घरों को लौटते भक्त
महानिर्वाणी पंचायती अखाड़े के साधुओं ने मकरसंक्रांति पर त्रिवेणी संगम पर महाकुंभ 2025 के पहले अमृत स्नान की शुरुआत करते हुए पवित्र डुबकी लगाई।
13 अखाड़ों के संत आज त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगाएंगे। निरंजनी एवं आनंद अखाड़ा के संत अमृत स्नान के लिए त्रिवेणी संगम पर पहुंचे हैं।
महाकुंभ का पहला अमृत स्नान जारी है। महानिर्वाणी अखाड़े के संतों का अमृत स्नान हो गया है। संत स्नान कर लौटने लगे हैं। निरंजनी अखाड़े के संत अमृत स्नान के लिए निकले हैं।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने बताया, 'सभी अखाड़ों को अमृत स्नान के लिए 40-40 मिनट का समय दिया गया है। और सभी अखाड़े एक के बाद एक पवित्र डुबकी लगाएंगे। बहुत ही दिव्य और स्वच्छ कुंभ है।"
महा कुंभ में शामिल होने आए जर्मन नागरिक थॉमस ने बताया, 'मैं महाकुंभ मेले में भाग लेने आया हूं। अभी मैंने डुबकी नहीं लगाई है पर डुबकी लगाऊंगा। मुझे लगता है कि पानी ठंडा होगा लेकिन मैं कर लूंगा। मेले का आयोजन बहुत अच्छे से किया गया है और मेला बहुत बड़ा है। मैं यहां आध्यात्मिक शक्ति को महसूस करने और भारतीय लोगों से मिलने आया हूं।'
महाकुंभ में मकर संक्रांति पर पहले अमृत स्नान का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। महानिर्वाणी एवं अटल अखाड़े के संत डुबकी लगा रहे हैं।
त्रिवेणी संगम पर महानिर्वाणी एवं अटल अखाड़े के संत पहले स्नान के लिए पहुंचे हैं। महिला संतों ने भी आना शुरू किया।
त्रिवेणी संगम पर अमृत स्नान के लिए एक के बाद एक महानिर्वाणी-अटल अखाड़े के संतों ने आना शुरू कर दिया है।
आचार्य महामण्डलेश्वर, श्रीपंचायती निरंजनी अखाड़ा स्वामी कैलाशानंद गिरि ने बताया, 'राजसी शाही स्नान देव दुर्लभ है, देवताओं को भी दुर्लभ है। आज सूर्य उत्तरायण होंगे इस तिथि की प्रतीक्षा देश के सभी संत करते हैं... भारतीय परंपरा में इस स्नान को लेकर बड़ा कौतूहल रहता है। इस स्नान को देखने के लिए देवता भी तरसते हैं। आज लगभग 3-4 करोड़ लोग पवित्र स्नान करेंगे।'
पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के श्री कमलानंद गिरि महाराज ने बताया, 'यह एक लंबी परंपरा रही है, सभी अखाड़े एक के बाद एक पवित्र स्नान करते हैं। यह महाकुंभ एक शुभ अवसर है जहां सनातन धर्म के लोग एकजुट होते हैं और प्रार्थना करते हैं।'
महाकुंभ 2025 के पहले अमृत स्नान के लिए अखाड़ों ने जुलूस शुरू कर दिया है। सनातन धर्म के 13 अखाड़ों के साधु आज त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगाएंगे। संतों का जत्था स्नान के लिए निकला है। पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के संतों के साथ महामंडलेश्वर स्नान के लिए निकले।
मकर संक्रांति पर्व पर मंगलवार को अखाड़ों का अमृत स्नान करीब साढ़े नौ घंटे तक चलेगा। शिविर से निकलने और वापस आने में 12 घंटे से भी अधिक समय लगेगा। सबसे पहले महानिर्वाणी एवं अटल अखाड़े के संत स्नान करेंगे। संत सुबह सवा छह बजे संगम पर पहुंचेंगे और करीब 40 मिनट तक अमृत स्नान होगा। अखड़ों के निकलने वाले रास्ते के दोनों तरफ भारी पुलिस बल तैनात है। अमृत स्नान के लिए महानिर्वाणी-अटल अखाड़े के संत निकल गए हैं।
प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा है। कोई हनुमान चालीसा पाठ करता हुआ आगे बढ़ रहा है तो कोई हर-हर गंगे के जय उद्घोष के साथ संगम की ओर बढ़ रहा है।
महानिर्वाणी पंचायती अखाड़े के साधुओं ने महाकुंभ 2025 के पहले अमृत स्नान के लिए अपना जुलूस शुरू किया, मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर महानिर्वाणी पंचायती अखाड़ा त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करेगा। सनातन धर्म के 13 अखाड़ों के साधु आज त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगाएंगे।
कंपकंपाती ठंड के बीच संगम में डुबकी लगाने के लिए लोग कई-कई किमी पैदल चलकर घाट तक पहुंच रहे हैं।
संगम की ओर जाता श्रद्धालुओं का रेला
मकर संक्रांति पर्व पर मंगलवार को अखाड़ों का अमृत स्नान करीब साढ़े नौ घंटे तक चलेगा। शिविर से निकलने और वापस आने में 12 घंटे से भी अधिक समय लगेगा। अखाड़ों के संतों एवं नागाओं के स्नान का समय तय हो गया है।
सबसे पहले महानिर्वाणी एवं अटल अखाड़े के संत स्नान करेंगे। संत सुबह सवा छह बजे संगम पर पहुंचेंगे और करीब 40 मिनट तक अमृत स्नान होगा। इनके बाद निरंजनी एवं आनंद अखाड़ा के संत 7:05 बजे स्नान करेंगे।
जूना, आवाहन एवं पंचअग्नि अखाड़ा के संत सुबह 8 बजे स्नान करेंगे। निर्वाणी, दिगंबर, निर्मोही अखाड़ा के संत क्रमश: 10:40, 11:20 एवं 12:20 बजे स्नान करेंगे। नया पंचायती अखाड़ा के संत दोपहर 1:15 तथा बड़ा पंचायती के 2:20 बजे, निर्मल पंचायती अखाड़ा के संत 3:40 से 4:20 बजे तक स्नान करेंगे।
महानिर्वाणी अखाड़े के शंकरपुरी महाराज ने बताया कि हिंदू धर्म में सुहागिन 16 शृंगार करती हैं, लेकिन नागा साधु अमृत स्नान के लिए 21 शृंगार करते हैं। इसमें शरीर के साथ ही मन और वचन का भी शृंगार शामिल होता है। इसके साथ ही सर्वमंगल की कामना भी होती है।
इस शृंगार का मतलब दिखावा करना नहीं होता है। नागा साधु इसे अंदर तक महसूस भी करते हैं। महादेव को प्रसन्न करने के लिए 21 शृंगार के साथ ही नागा साधु संगम में अमृत स्नान की डुबकी लगाएंगे।मेले में आसन लगाए नागा साधु खड़ेश्वरी बाबा बताते हैं, नागा बनने के बाद साधना और तपस्या बेहद जरूरी है। स्नान से पहले नागा साधु खुद को सजाते हैं। इसमें तन के साथ ही मन को भी सजाना जरूरी होता है।
रात करीब दो बजे प्रयागराज महाकुंभ में श्री दूधेश्वरनाथ मठ के शिविर में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी के कक्ष के बाहर एक संदिग्ध व्यक्ति पकड़ा गया है। महामंडलेश्वर के साथियों ने उसे पकड़ा।
महाकुंभ के पहले अमृत स्नान में अपने इष्ट महादेव की तरह ही नागा साधुओं का शृंगार भी देश भर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होगा। दीक्षा की वेशभूषा दिगंबर स्वरूप में ही नागा साधु अमृत स्नान से पहले तन-मन को 21 शृंगार से सजाएंगे। त्रिवेणी के तट पर महाकुंभ का पहला अमृत स्नान पुष्य और पुनर्वसु नक्षत्र में आरंभ हो रहा है। प्रथम पूज्य भगवान गणेश का पूजन करने के बाद नागा साधु आदियोगी शिव के स्वरूप में खुद को सजाएंगे।
नख से शिख तक भभूत। जटाजूट की वेणी, आंखों में सूरमा, हाथों में चिमटा, होठों पर सांब सदाशिव का नाम। भभूत लपेटे, दिगंबर, हाथ में डमरू, त्रिशूल और कमंडल के साथ ही अवधूत की धुन में झूमते हुए नागा त्रिवेणी के तट पर पहले अमृत स्नान के लिए प्रस्थान करेंगे। 13 अखाड़ों के साधु 21 शृंगार के साथ अमृत स्नान की पहली डुबकी लगाएंगे।