Maha Shivratri: महाशिवरात्रि पर 4 पहर की पूजा का महत्व
महाशिवरात्रि पर रात्रि की पूजा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। इससे भी ज्यादा जरूरी होती है चार पहर की पूजा। यह संध्या से शुरू करके ब्रह्ममुहूर्त तक की जाती है। महाशिवरात्रि के दिन चार पहर की पूजा करने का ही विधान है। माना जाता है कि इन चार पहर में पूजा करने से मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शिवरात्रि महापर्व पर रात्रि के चारों पहर में शिवजी के पूजन से विशेष फल प्राप्त होता है। इस दिन चार पहर की पूजा करने से व्यक्ति अज्ञानता से ज्ञान की तरफ प्रवेश करता है। इसलिए यदि संभव हो सके तो चारों पहरों में शिवजी की चार पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण से लेकर विसर्जन तक पूजन करने से और रात्रि में जागरण महोत्सव करने से व्रती की सभी मनोकानाएं पूर्ण होती हैं। महाशिवरात्रि सभी प्रकार के मंत्र जाप करने की और मंत्र सिद्धि करने की रात्रि भी होती है।
Mahashivratri 2024: महाशिवरात्रि पर उज्जैन के महाकाल मंदिर की सुबह की आरती
महाशिवरात्रि के मौके पर आज उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भोलेभंडारी की गई भस्म आरती
आज महाशिवरात्रि पर सुबह से ही शिवालयों पर भारी भीड़...
Happy Mahashivratri 2024: महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का शुभ मुहूर्त
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - 08 मार्च शाम 06 बजकर 29 मिनट से रात 09 बजकर 33 मिनट तक
पहले पहर में पंचामृत और दुग्ध से करें अभिषेक
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - 08 मार्च रात 09 बजकर 33 मिनट से रात 12 बजकर 37 मिनट तक
किस से करें-दूसरे पहर में गन्ने के रस से
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 09 मार्च रात 12 बजकर 37 मिनट से 03 बजकर 40 मिनट तक
किस से करें- फलों के रस से
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 09 मार्च सुबह 03 बजकर 40 मिनट से सुबह 06 बजकर 44 मिनट तक
किस से करें-रात्रि के चतुर्थ पहर में पंचामृत और अष्ट द्रव्यों से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करें।
Mahashivratri 2024: महाशिवरात्रि पर प्रदोष व्रत का भी संयोग
आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर शुक्र प्रदोष व्रत का भी संयोग बना है। प्रदोष व्रत पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है वहीं महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक है। ऐसे में आज विधि-विधान के साथ की गई पूजा से शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
Maha Shivratri Shubh Yog 2024: महाशिवरात्रि पर आज कई शुभ योग एक साथ
वैदिक पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि हर वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस बार महाशिवरात्रि पर तीन तरह के योग का निर्माण हुआ है। महाशिवरात्रि पर शिव, सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है। महाशिवरात्रि पर शिव योग में साधना, मंत्र, जप और तप के लिए बहुत ही अच्छा होता है। इस योग में महाशिवरात्रि का व्रत रखने से भगवान शिव तक आपकी प्रार्थना शीघ्र ही पहुंच जाती है। महाशिवरात्रि पर निशीत काल की पूजा के समय सिद्धि योग होगा और इस काल में शिव साधना का संपूर्ण फल प्राप्त होता है। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग में महाशिवरात्रि के महापर्व का होना शिवजी की विशेष कृपा देने वाला माना जा रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग में महाशिवरात्रि का व्रत करने और पूजा करने से आपको हर कार्य में मनचाही सफलता प्राप्त होगी।
MahaShivratri 2024: महाशिवरात्रि पर करें इन मंत्रों का जाप, महादेव हर मनोकामना करेंगे पूरी
क्यों मनाई जाती है महाशिवरात्रि ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और देवी पार्वती का मिलन हुआ था। फाल्गुन चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव ने वैराग्य त्याग कर देवी पार्वती संग विवाह किया था और गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था। इसी वजह से हर वर्ष फाल्गुन चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की खुशी में महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है।
Mahashivratri 2024: भोले बाबा को प्रिय हैं ये चीजें, महाशिवरात्रि पर जरूर लगाएं इनका भोग
Happy Mahashivratri 2024: महाशिवरात्रि शुभकामना संदेश
Happy Mahashivratri
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काल भी तुम और महाकाल भी तुम
लोक भी तुम और त्रिलोक भी तुम
शिव भी तुम और सत्य भी तुम।
महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं
अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चाण्डाल का
काल भी उसका क्या बिगाड़े
जो भक्त हो महाकाल का।
महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
उग्र होते हैं तो करते हैं तांडव
नहीं तो सौम्यता से परिपूर्ण हैं त्रिशूलधारी।
हैप्पी महाशिवरात्रि
मैंने तेरा नाम ले लेकर ही सारे काम किए हैं
लोग समझते हैं कि मैं किस्मत वाला हूं
पर असल में तो भोले मेरा सारा काम बनाता है।
Happy Mahashivratri 2024
सारा जग है प्रभु तेरी शरण में
सर झुकाते हैं शिव तेरे चरण में
हम बनें भोले की चरणों की धूल
आओ शिव जी पर चढ़ायें श्रद्धा के फूल।
महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
MahaShivratri 2024 Shiv Chalisa lyrics: महाशिवरात्रि पर करें शिव चालीसा का पाठ
॥ दोहा ॥
जय गणेश गिरिजा सुवन,मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम,देहु अभय वरदान॥
॥ चौपाई ॥
जय गिरिजा पति दीन दयाला।सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥
भाल चन्द्रमा सोहत नीके।कानन कुण्डल नागफनी के॥
अंग गौर शिर गंग बहाये।मुण्डमाल तन क्षार लगाए॥
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे।छवि को देखि नाग मन मोहे॥
मैना मातु की हवे दुलारी।बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी।करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥
नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे।सागर मध्य कमल हैं जैसे॥
कार्तिक श्याम और गणराऊ।या छवि को कहि जात न काऊ॥
देवन जबहीं जाय पुकारा।तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥
किया उपद्रव तारक भारी।देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥
तुरत षडानन आप पठायउ।लवनिमेष महँ मारि गिरायउ॥
आप जलंधर असुर संहारा।सुयश तुम्हार विदित संसारा॥
त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई।सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥
किया तपहिं भागीरथ भारी।पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी॥
दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं।सेवक स्तुति करत सदाहीं॥
वेद माहि महिमा तुम गाई।अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥
प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला।जरत सुरासुर भए विहाला॥
कीन्ही दया तहं करी सहाई।नीलकण्ठ तब नाम कहाई॥
पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा।जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥
सहस कमल में हो रहे धारी।कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥
एक कमल प्रभु राखेउ जोई।कमल नयन पूजन चहं सोई॥
कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर।भए प्रसन्न दिए इच्छित वर॥
जय जय जय अनन्त अविनाशी।करत कृपा सब के घटवासी॥
दुष्ट सकल नित मोहि सतावै।भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै॥
त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो।येहि अवसर मोहि आन उबारो॥
लै त्रिशूल शत्रुन को मारो।संकट ते मोहि आन उबारो॥
मात-पिता भ्राता सब होई।संकट में पूछत नहिं कोई॥
स्वामी एक है आस तुम्हारी।आय हरहु मम संकट भारी॥
धन निर्धन को देत सदा हीं।जो कोई जांचे सो फल पाहीं॥
अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी।क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥
शंकर हो संकट के नाशन।मंगल कारण विघ्न विनाशन॥
योगी यति मुनि ध्यान लगावैं।शारद नारद शीश नवावैं॥
नमो नमो जय नमः शिवाय।सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥
जो यह पाठ करे मन लाई।ता पर होत है शम्भु सहाई॥
ॠनियां जो कोई हो अधिकारी।पाठ करे सो पावन हारी॥
पुत्र होन कर इच्छा जोई।निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥
पण्डित त्रयोदशी को लावे।ध्यान पूर्वक होम करावे॥
त्रयोदशी व्रत करै हमेशा।ताके तन नहीं रहै कलेशा॥
धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे।शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥
जन्म जन्म के पाप नसावे।अन्त धाम शिवपुर में पावे॥
कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी।जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥
॥ दोहा ॥
नित्त नेम उठि प्रातः ही,पाठ करो चालीसा।
तुम मेरी मनोकामना,पूर्ण करो जगदीश॥
मगसिर छठि हेमन्त ॠतु,संवत चौसठ जान।
स्तुति चालीसा शिवहि,पूर्ण कीन कल्याण॥
भगवान शिव की पूजा बहुत ही सरल मानी गई है। अगर सच्चे मन से शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ा दिया जाय तो सभी तरह की मनोकामना भोलेनाथ पूरी कर देते हैं। लेकिन भगवान शिवजी की पूजा में कुछ चीजों को नहीं अर्पित किया जाता है। शिवलिंग पर केतकी के फूल, सिंदूर, नारियल का पानी, शंख से जल,पीला चंदन, टूटे हुए चावल, कुमकुम आदि चढ़ाना वर्जित होता है।
महाशिवरात्रि पर आज भोलेभंडारी को चढ़ाएं ये चीजें
आज बड़े ही धूम-धाम के साथ देशभर में महाशिवरात्रि मनाई जा रही है। इस मौके पर शिवलिंग पर जल, दूध, दही, गन्ने का रस, शहद, गंगाजल, धतूरा, आक का फूल, भांग, बेर, बेलपत्र आदि अर्पित करें। ऐसी मान्यता है कि इन चीजों को चढ़ाने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं और हर तरह के कष्टों को दूर करते हैं।
महाशिवरात्रि पर करें बाबा बैद्यनाथ मंदिर के दर्शन
आज पूरा देश शिव की भक्ति में लीन है। झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूरे विधि-विधान और मंत्रोचार के साथ बाबा भोले की पूजा की जा रही है।
दिल्ली के गौरी शंकर मंदिर में महाशिवरात्रि पर शिवभक्तों की भारी भीड़
महाशिवरात्रि के मौके पर प्रयागराज के संगम में लोगों ने लगाई पवित्र डुबकी और की पूजा-अर्चना
आंध्रप्रदेश के श्री कालहस्ती मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते शिवभक्त
महाशिवरात्रि पर जरूर करें यह उपाय
आज भगवान शिव की पूजा करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे खास दिन महाशिवरात्रि पर दूध, दही, बेलपत्र, धतूरा जरूर अर्पित करें। इससे कुंडली में अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होगा।
Mahashivratri Wishes: महाशिवरात्रि के मौके पर करें देशभर के अलग-अलग शिव मंदिर के दर्शन
Mahashivratri in Hindi: आज महाशिवरात्रि पर राशि अनुसार कैसे करें शिवलिंग का अभिषेक
महाशिवरात्रि पर कीजिए बाबा महाकाल के दर्शन।
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मेष: गाय के कच्चे दूध में शहद मिलाकर अभिषेक करें।
वृष: दही से अभिषेक। सफेद पुष्प, फल और वस्त्र चढ़ाएं।
मिथुन: गन्ने के रस से अभिषेक करें। धतूरा, पुष्प, भांग व हरा फल चढ़ाएं।
कर्क: दूध में शक्कर मिलाकर अभिषेक करें। सफेद वस्त्र, मिष्ठान्न व मदार का पुष्प चढ़ाएं।
सिंह: शहद या गुड़ मिश्रित जल से अभिषेक करें। लाल पुष्प, वस्त्र और रोली अर्पित करें।
कन्या: गन्ने के रस से अभिषेक करें। भांग, धतूरा, मदार का पत्र व पुष्प चढ़ाएं।
तुला: शहद से अभिषेक करें। भाग, मंदार पुष्प और सफेद वस्त्र चढ़ाएं।
वृश्चिक: शहद युक्त तीर्थ जल से अभिषेक करें। लाल पुष्प, फल और मिष्ठान चढ़ाएं।
धनु: गाय के दूध में केसर मिलाकर अभिषेक करें। पीला वस्त्र, फल, भांग व धतूरा चढ़ाएं।
मकर: गंगाजल या गन्ने के रस से अभिषेक करें। शमी पत्र, भांग, धतूरा चढ़ाएं।
कुंभ: गन्ने के रस से अभिषेक करें। दूर्वा, शमी, मंदार पुष्प चढ़ाएं।
मीन: केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें। हल्दी, केला और पीला पुष्प, फल व मिष्ठान चढ़ाएं।
Mahashivratri Vrat Katha: भगवान शिव की पूजा में क्यों वर्जित है शंख
Mahashivratri 2024 Wishes
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हिंदू धर्म में शंख को बहुत ही पूजनीय माना गया है और सभी वैदिक कार्यों में शंख का विशेष स्थान है, लेकिन भगवान शिवजी की पूजा में शंख का प्रयोग करना वर्जित माना गया है। इसे जानने के लिए
यहां पढ़ें- भगवान शिव की पूजा में क्यों वर्जित है शंख
Mahashivratri Wishes: प्रियजनों और दोस्तों को महाशिवरात्रि की शुभकामना संदेश भेजें
mahashivratri 2023
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8 मार्च 2024 यानी आज महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जा रहा है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था और इस तिथि पर भोलेनाथ पृथ्वी के समस्त शिवलिंग में विराजमान होते हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर अपने प्रियजनों और दोस्तों को महाशिवरात्रि की शुभकामना भेजें।
महाशिवरात्रि शुभकामना संदेश...
Mahashivratri 2024: शिवलिंग पर क्यों नहीं चढ़ाते ये 7 चीजें...
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हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विशेष फलदायी होती है। महाशिवरात्रि पर व्रत रखते हुए विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना होती है। शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शक्कर, शहद, घी, भांग, पुष्प, धतूरा, चंदन, फल अर्पित किए जाते हैं। लेकिन कुछ पूजा सामग्री ऐसी है जिन्हें शिवलिंग पर अर्पित करना शास्त्रों में निषेध माना गया है। यहां पढ़ें...
शिवलिंग पर भूलकर भी न चढ़ाएं ये 7 चीजें
Mahashivratri 2024: महाशिवरात्रि के मौके पर अयोध्या में दर्शन के लिए भारी भीड़ जुटी
Mahashivratri 2024: महाशिवरात्रि पर करें ये उपाय, प्रसन्न होंगे भगवान भोलेनाथ
बीमारी दूर करने के लिए- महाशिवरात्रि के दिन शुद्ध जल में दूध, मिश्री व काले तिल डालकर शिवलिंग का अभिषेक करें। अभिषेक के लिए तांबे के बर्तन को छोड़कर किसी अन्य धातु के साफ़ बर्तन का उपयोग करें। अभिषेक करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके ऊं जूं स: मंत्र का जाप करते रहें। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से बीमारी से छुटकारा मिलेगा।
Mahashivratri Upay 2024: जल्द विवाह के लिए उपाय
यदि किसी के विवाह में अड़चन आ रही है तो महाशिवरात्रि के दिन से शुरू करके रोज शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध चढ़ाएं, इससे जल्दी ही आपके विवाह के योग बन सकते हैं। इसके अलावा शिवलिंग पर लगातार कुछ दिनों तक इत्र अर्पित करें, ऐसा करने से भी जल्दी विवाह के योग बनेंगे।
Mahashivratri Status: महाशिवरात्रि पर बेलपत्र के उपाय
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भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र बहुत ही प्रिय होता है। ऐसे में महाशिवरात्रि के मौके पर 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ऊं नम: शिवाय लिखकर अपने मन में अपनी मनोकामना को बोलते हुए शिवलिंग पर एक-एक करके बेलपत्र चढ़ाएं, इससे आपकी सभी मनोकामनाएं भोलेनाथ पूर्ण करेंगे।
Mahashivratri 2024: शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में अंतर
आज देशभर में बड़े उत्साह और भक्तिभाव से महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जा रहा है। हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि मनाई जाती है। इसे मासिक शिवरात्रि के नाम से जाना जाता है। इस तरह से एक वर्ष में 12 मासिक शिवरात्रि होती है। वहीं फाल्गुन माह में आने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। सभी शिवरात्रियों इसका महत्व सबसे ज्यादा होता है। इसे महाशिवरात्रि इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इस दिन भगवान भोलेनाथ ने वैराग्य त्यागकर देवी पार्वती से विवाह किया था।
शिवलिंग की आधी परिक्रमा क्यों की जाती है?
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आज सभी शिवभक्त महाशिवरात्रि के मौके पर भोलेभंडारी की पूजा-अर्चना में भक्ति भाव से लीन हैं। शिवजी को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर मात्र एक लोटा जल ही काफी होता है। शिवलिंग दो हिस्सों में बना होता है। एक लिंग और दूसरा जलाधारी। ग्रंथों में शिवलिंग की पूजा और परिक्रमा के कुछ नियम बताए गए हैं,जिससे ये जल्दी ही प्रसन्न होते हैं। यदि नियमों का उल्लंघन किया जाए तो शिव पूजा के फल नहीं मिलते और भोलेनाथ रुष्ट होते हैं। शिवलिंग के नीचे का भाग,जहां से शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल बाहर आता है,वह पार्वती भाग माना जाता है।
शिवलिंग की परिक्रमा कभी पूरी नहीं करनी चाहिए। शिवलिंग की परिक्रमा हमेशा आधी करनी चाहिए। शिवलिंग की परिक्रमा आधा कर वापस हो लेना चाहिए।शिवलिंग की परिक्रमा आधा करने के साथ ही दिशा का भी ध्यान करना चाहिए। शिवलिंग की परिक्रमा बाईं ओर से शुरू करनी चाहिए। साथ ही जलहरी तक जाकर वापस लौट कर दूसरी ओर से परिक्रमा करनी चाहिए।
शिवलिंग की जलाधारी को भूल कर नहीं लांघना चाहिए। मान्यता के अनुसार ऐसा करना अशुभ माना जाता है। शिवलिंग की जलाधारी को ऊर्जा और शक्ति का स्त्रोत माना गया है। यदि परिक्रमा करते हुए इसे लांघा जाए तो मनुष्य को शारीरिक परेशानियों के साथ ही शारीरिक ऊर्जा की हानि का भी सामना करना पड़ता है।
शिवलिंग पर जल क्यों चढ़ाते हैं ?
भगवान भोलेनाथ की पूजा-आराधना और उपासना में शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाने की परंपरा है। दरअसल पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब समुद्र मंथन के हलाहल विष निकला था। इस विष के प्रभाव से समूची सृष्टि में प्रलय मच गया था। तब इस विष को शिवजी ने अपने कंठ में धारण कर लिया था। विष के दुष्प्रभाव के कारण शिवजी के शरीर का ताप बहुत अधिक बढ़ गया था। तब शिवजी के शरीर का ताप कम करने के लिए सभी देवताओं ने मिलकर जल और दूध की धारा चढ़ाई गई। इस कारण से शिवलिंग पर दूध, दही, शहद और जल से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है।
भगवान शिव को भस्म क्यों प्रिय है ?
शिव पुराण के अनुसार भस्म धारण करने मात्र से ही सभी प्रकार के पापों का नाश हो जाता है भस्म को शिव जी का ही स्वरूप माना गया है जो मनुष्य पवित्रता पूर्वक भस्म धारण करता है और शिव जी का गुणगान करता है उसे शिवलोक में आनंद मिलता है।
इन मंत्रों के जाप से शिवजी को करें प्रसन्न
ॐ नमः शिवाय
शिवजी का यह मंत्र बहुत चमत्कारी माना जाता है। महाशिवरात्रि के दिन इस मंत्र का जाप 108 बार करें। यह मंत्र व्यक्ति के शरीर और दिमाग को शांत करता है और महादेव भी उसपर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
यह महामृत्युंजय जाप है। इस मंत्र को सबसे ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है।
ॐ नमः शिवाय मंत्र जाप के लाभ
वेद-पुराणों के अनुसार शिव अर्थात सृष्टि के सृजनकर्ता को प्रसन्न करने के लिए सिर्फ “ॐ नमः शिवाय”का जप ही काफी है। भोलेनाथ इस मंत्र से बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। इस मंत्र के जप से आपके सभी दुःख, सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं और आप पर महाकाल की असीम कृपा बरसने लगती है।
Shivratri 2024 Shubh Muhurat: महाशिवरात्रि पूजा मुहूर्त
शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की विशेष पूजा बहुत ही फलदायी मानी जाती है। महाशिवरात्रि के दिन पूजा का समय शाम 06 बजकर 25 मिनट से 09 बजकर 28 मिनट तक है। इस समय भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना बहुत ही शुभ और लाभदायक मानी जाती है।
Mahashivratri 2024 Pujan Time: महाशिवरात्रि पर शिवजी की पूजा में जरूर शामिल करें ये चीजें
महाशिवरात्रि पर निशीथ काल में पूजा करना शुभ फलदायी होता है। आज 09 मार्च को आधी रात को 12 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक मुहूर्त है। भगवान शिव की पूजा में शहद, गन्ने का रस, भांग, धतूरा और शमी के पत्रों का जरूर शामिल करना चाहिए।
Mahashivratri 2024: महाशिवरात्रि पर क्या न करें
- पूजा के दिन तामसिक भोजन न करें।
- इस दिन मदिरापान नहीं करना चाहिए।
- घर में या फिर बाहर किसी के साथ लड़ाई-झगड़ना न करें।
- शिवलिंग पर भूलकर भी केतकी, कनेर, तुलसी दल, सिंदूर आदि न चढ़ाएं
- शिवलिंग पर शंख से जल अर्पित न करें।
Mahashivratri 2024 Pujan Time: महाशिवरात्रि पर कैसे करें शिव आराधना
महाशिवरात्रि का व्रत सात्विक रहते हुए विधिपूर्वक रखकर शिवपूजन,शिवकथा,शिव चालीसा,शिवस्रोंतों का पाठ और 'ॐ नमः शिवाय' का जप करते हुए रात्रि जागरण करने से अश्वमेघ के समान फलों की प्राप्ति होती है।