Bhopal Farmers Protest Live updates, samyukt kisan morcha updates in hindi: मूंग की फसल के उचित दाम को लेकर किसान नर्मदापुरम से भोपाल पहुंच गए हैं। किसान आंदोलन के कारण होशंगाबाद रोड पर जाम लग गया है। किसान सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं।
किसानों ने दोपहर में अब्दुल्लागंज से भोपाल की तरफ बढ़ना शुरू किया था। इसके बाद उनको 11 मील पर रोकने की कोशिश की गई लेकिन किसान बैरिकेडिंग पार करके भोपाल की तरफ बढ़ते गए । किसानों का कहना है वे मुख्यमंत्री निवास का घेराव करके ही रहेंगे।
मध्यप्रदेश में मूंग खरीदी समेत किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर जारी आंदोलन के बीच कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं और मांगें मंत्री के समक्ष विस्तार से रखीं।
कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों को लेकर गंभीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मूंग खरीदी सहित किसानों से जुड़े सभी मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
ऐदल सिंह कंसाना ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और खरीदी व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी न आए। उन्होंने किसानों से शांति बनाए रखने तथा संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।
बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने मूंग खरीदी के अलावा अन्य कृषि संबंधी समस्याओं और मांगों को भी विस्तार से रखा। कृषि मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा कर इन मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार और किसान मिलकर काम करेंगे तो सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान निकाला जा सकेगा।बैठक में कृषि विभाग के सचिव निशांत बड़वाड़े, विभागीय अधिकारी तथा विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कई किसान सड़क पर ही लेटकर विश्राम करते नजर आए। कुछ किसान अलग-अलग समूहों में बंटकर नारेबाजी कर रहे हैं, जबकि कुछ दाल-बाटी बनाते दिखाई दिए। उधर, पुलिस प्रशासन का रुख पहले की तुलना में कुछ नरम जरूर नजर आ रहा है, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। किसानों का कहना है कि फिलहाल उनका आगे बढ़ने का कोई इरादा नहीं है। वे यहीं रात्रि विश्राम करेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।