सीएम योगी ने आगे कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण नहीं था। पर्यटन की कोई ठीक व्यवस्था नहीं थी। आज करोड़ों लोग आकर यूपी में धार्मिक स्थलों पर दर्शन करते हैं। 50 हजार नए होम स्टे की दिशा में काम करेंगे। चिकित्सा के क्षेत्र में यूपी ने काफी ग्रोथ की है। पीएम आयुष्मान योजना से पांच करोड़ से ज्यादा गोल्डन कार्ड यूपी के लोगों को दिए गए। दिव्यांग छात्राओं को लिए ई-ट्राईसाइकिल की व्यवस्था की गई है। आज यूपी देश के ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए ईक्यूब के रूप में महिला सुरक्षा बल 13 फीसदी से बढ़कर 36 फीसदी हुआ है। महिलाओं के लिए क्रेडिट कार्ड योजना चलाई जाएगी। ताकि वह छोटे-छोटे काम के लिए किसी से ऋण न लेना पड़े और उन्हें ब्याजमुक्त ऋण मिल सके। इसके लिए बजट की व्यवस्था की गई है। युवाओं को ध्यान में रखते हुए सभी 18 कमिश्नरी में स्पोर्ट कॉलेज बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था है। हर ग्राम पंचायत स्तर पर ओपन जिम, मिनी स्टेडियम, खेलो इंडिया के कार्यक्रम आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चार चीनी मिलों की क्षमता विकसित करने के प्रावधान किए गए हैं। अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए बजट की व्यवस्था की गई है। गंगा एक्सप्रेसवे को बढ़ाने के लिए घोषणा हुई है। युवाओं को डिजिटली सशक्त बनाने के लिए टैबलेट देने की व्यवस्था की गई है। एआई मिशन. डाटा सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस समेत आईटी सेक्टर में कई घोषणाएं की गई हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में स्मार्ट विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय चल रहे हैं। साथ ही सीएम आवासीय विद्यालयों के लिए बजट में हमने व्यवस्था की है। परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों समेत उच्चतर विद्यालयों के शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था की है।
सीएम ने कहा कि अन्नदाता किसान देश की अर्थव्यवस्था ओर उसके विकास की धुरी हैं। अन्नदाता केवल लाभार्थी नहीं विकास का आधार हैं। अन्नदाता से उन्हें उद्यमी बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बजट में इसका प्रावधान है। हम ट्यूबवेलों को फ्री बिजली दे रहे हैं। किसान को कुसुम योजना का भी लाभ दिलाएंगे। गन्ना के साथ दलहनी और तिलहनी यानी सहफसली खेती की ओर आगे बढ़ेंगे। इससे और लाभ होगा। इसके लिए हमने बजट में प्रावधान किया है।
नोएडा एयरपोर्ट को विकसित करने की योजना बनाई है। एआई के प्रयोग की घोषणा की गई है। अन्न भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। बड़े-बड़े गोदाम बनें, इसके लिए सब्सिडी देंगे। पशुओं के स्वास्थ्य के लिए बीमा होगा। बीमा राशि का 50 फीसदी तक प्रीमियम सरकार देगी।
सीएम ने कहा कि बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया। 9 साल में यूपी के लोगों की राय बदली है। युवाओं की ग्रोथ उनके रोजगार को लेकर हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है। एमएसएमई, कौशल विकाश के साथ रोजगार जनरेटर के रूप में यूपी का बढ़ना तय है। हम जन विश्वास सिद्धांत के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। निवेशकों को सिंगल विंडो सुविधा दी जा रही है। हमने इज आफ डूइंग में अच्छा किया है। इसके लिए रूल ऑफ लॉ रियल ग्रोथ की गांरटी है। आज यूपी सुरक्षा की गारंटी दे रहा है।
बजट पर सीएम योगी ने कहा कि यह बजट यूपी के 9 वर्ष के नवनिर्माण की गाथा को दर्शाता है। पहली बार किसी सरकार ने लगातार 10 बजट पेश किए। इन 9 वर्षों में प्रदेश में कोई कर नहीं लगाया गया। बिना अतिरक्त टैक्स लगाए विकास के नित नए सोपान गढ़े गए। यूपी ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। आज हम देश की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में एक हैं। यह बजट किसान, युवा और महिला का बजट है। बीमारू राज्य से निकालकर देश के सामने रेवेन्यू प्लस राज्य के रूप में प्रस्तुत करने में सफलता प्राप्त की है।
UP Budget 2026: अंत में वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट एवं उसमें सम्मिलित योजनाओं का विवरण सदन में प्रस्तुत किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि सुनियोजित राजकोषीय प्रबन्धन के परिणामस्वरूप वर्ष 2024-25 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात को पुनः घटाकर 27 प्रतिशत से नीचे लाया जा चुका है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे और कम कर 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है। इतना ही नहीं, बजट के साथ प्रस्तुत मध्यकालीन राजकोषीय नीति में राज्य सरकार इसे चरणबद्ध रूप से 20 प्रतिशत से नीचे लाने के लिए दृढ़ संकल्पित है, जिससे राज्य की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता एवं सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
अपने घर, गांव से दूर शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण कराया जाएगा। एक्स-ग्रेशिया अनुदान के अंतर्गत दिनांक 26.08.2021 से दिनांक 31.03.2022 तक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की किसी दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 01 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है। प्रदेश में प्रथम बार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने हेतु मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया। रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों/श्रमिकों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है।
यही जुनून, यही ख्वाब मेरा है। दिया जला के रोशनी कर दूं जहां अंधेरा है। शायरी पढ़कर वित्त मंत्री ने बांधी समां।
ईवी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बस अड्डों पर 50 करोड़ से चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे।
न्याय विभाग की योजनाओं के लिए 9845 करोड़ प्रस्तावित हैं। इसमें न्यायालय निर्माण से लेकर अन्य बिंदु शामिल हैं।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए 3060 करोड़ से अधिक प्रस्तावित हैं।
अटल आवासीय विद्यालयों में 10876 छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। इस योजना के लिए 70 करोड़ प्रस्तावित हैं।
बड़ी मुश्किल से कोई सुबह हंसती है,,,गम की शाम चली आती है, महिला एवं बाल विकास के बारे में बताने से पहले वित्त मंत्री ने शायरी पढ़ी।
वन एवं पर्यावरण हमारे लिए गर्व का विषय है। कुकरैल में नाइट सफारी पार्क बनाया जाएगा। प्रदेश में रिकार्ड पौधे रोपे गए।
नोएडा एयरपोर्ट पर पांच रनवे बनाए जाएंगे।
परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास चलेंगी। माध्यमिक शिक्षा के लिए 22167 करोड़ की योजना प्रस्तावित है। उच्च शिक्षा के लिए 6195 करोड़ की योजना प्रस्तावित है। छात्राओं को 400 करोड़ से स्कूटी दी जाएंगी। शिक्षा व सामाजिक कल्याण के लिए भी बजट बढ़ाया गया है।
रासायनिक उर्वरकों के भंडारण के लिए 150 करोड़ की योजना प्रस्तावित है। नवीन गोदामों के लिए 25 करोड़ की योजना प्रस्तावित की जा रही है।
बेसराहा पशुओं के सरंक्षण के लिए 7497 गोशालाएं चल रही हैं। इनमें 12 लाख 38 हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं।
यूपी में करीब 29 लाख हेक्टेयर पर गन्ना उत्पादन किया गया। 44 चीनी मिलों का आधुनिकीकरण किया गया।
लखनऊ के गोमतीनगर में किसान एग्री हब का निर्माण चल रहा है। कृषकों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के कार्यक्रम चल रहे।
पीपीपी मोड में कौशल संवर्द्धन और जॉब प्लेसमेंट केंद्र विभिन्न जनपदों में स्थापित किए जाएंगे। इस व्यवस्था से कार्यबल में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए महिलाओं के लिए अलग केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
पढ़ाई के साथ-साथ युवाओं के कौशल संवर्द्धन की व्यवस्था की जानी होगी। हमारे कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस अभियान में निजी क्षेत्र की सहभागिता भी सुनिश्चित की जानी होगी।
ऐसे व्यक्ति जिनके पास किसी भी व्यवसाय में हस्तकौशल या निपुणता प्राप्त है, कभी भी बेरोजगार नहीं रह सकते। इसलिए युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल संवर्धन को प्राथमिकता के आधार पर मिशन मोड में संचालित किया जाना आवश्यक है।
एक तरफ जहां अर्थव्यवस्था में पूंजी निवेश और अवस्थापना विकास का महत्वपूर्ण योगदान है। वहीं प्रदेश की युवा जनशक्ति को रोजगार के अवसर प्रदान करने, उन्हें रोजगार के लिए सक्षम बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
प्रदेश में डिजिटल इन्टरप्रन्योरशिप योजना पर कार्य किया जाएगा।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अगले चरण के रूप में जनविश्वास सिद्धांत के आधार पर उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इसमें रजिस्ट्रेशन, लाइसेसिंग आदि कार्यवाहियों को और अधिक सहज एवं सुगम बनाया जाएगा।
विश्व बैंक सहायतित यूपी एग्रीज परियोजना के अन्तर्गत एग्री-एक्सपोर्ट हब की स्थापना कराई जाएगी।
नगर विकास के तहत 26,514 करोड़ का प्रस्ताव है। प्रदेश में कुल 113 नगरीय निकाय गठित किए गए।
गंगा सफाई के लिए सीवरेज की 74 परियोजनाएं स्वीकृत हुई। इनमें 41 परियोजनां पूरी होकर काम कर रहीं।
एक्सप्रेसवे बनाने, फ्लाईओवर आदि के लिए 1500 करोड़ और मार्गों के मरम्मतीकरण व चौड़ीकरण के लिए 1 हजार करोड़ प्रस्तावित हैं।
सितारा बनकर आसमां में वही चमकते हैं.... वित्त मंत्री ने सरकार की बड़ाई में शायरी पढ़ी। इस पर सदस्यों ने ताली बजाकर स्वागत किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि योगी सरकार में हर वर्ग का विकास हुआ। वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में भी सुधार किया जाएगा।
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स की योजनाओं के लिए 2,059 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक है।
एआई के क्षेत्र में विकास हेतु उत्तर प्रदेश एआई मिशन का आरंभ किया जा रहा है। इसके लिए 225 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है।
इंडिया एआई मिशन के साथ प्रदेश की 49 आईटीआई को एआई लैब के साथ ही राज्य में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा इंडिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना हेतु 32 करोड़ 82 लाख रुपये की व्यवस्था है।
साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है। इसके लिए 95 करोड़ 16 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
एआई-प्रजा कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। इस पहल में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम, और वन एम वन बी जैसी वैश्विक स्तर की कम्पनियां एआई प्रशिक्षण में हमारे साथ काम कर रही हैं। इसमें किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों सहित राजकीय अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रदेश में 30 हजार करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क की स्थापना तथा 900 मेगावॉट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है।
अद्यतन 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किए गए हैं। इनमें 6 डाटा सेंटर पार्क्स और 2 डाटा सेंटर इकाईयां हैं। इससे लगभग 21,342 करोड़ रुपये का निवेश तथा 644 मेगावॉट की क्षमता अर्जित की गई।
हमारी सरकार द्वारा हरित और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के विकास पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक कुल 2815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं।
वर्ष 2016-2017 की 5,878 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता के सापेक्ष वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-2026 (माह दिसम्बर, 2025 तक) में 55.16 प्रतिशत बढ़ोतरी करते हुए 9120 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता प्राप्त की गई।
फसल सघनता जो 2016-2017 में 162.7 प्रतिशत थी, वर्ष 2024-2025 में 193.7 प्रतिशत हो चुकी है।
वर्ष 2016-2017 में सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर के मुकाबले प्रदेश में वर्ष 2024-2025 में 60 लाख हेक्टेयर अधिक अर्थात 2.76 लाख हेक्टेयर हो चुका है।
प्रदेश, कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का योगदान सर्वाधिक है।
सरकार की अवस्थापना-प्रधान विकास के प्रति प्रतिबद्धता का यह प्रमाण है कि राज्य ने नीति आयोग द्वारा माह जनवरी, 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स,2024 में देश में लैंड-लॉक्ड प्रदेशों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है। प्रदेश में हम लगभग 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुए हैं। बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गई है।
वर्ष 2024-2025 (त्वरित अनुमान) में प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये आंकलित हुई है, जो गत वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित करता है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रूपये आकलित हुई है, जो वर्ष 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये के दोगुने से अधिक है।
हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है, चाहे कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो, अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार हो, औद्योगिक निवेश हो, रोजगार सृजन हो, महिलाओं का सशक्तीकरण हो, युवाओं का कौशल संवर्धन हो, किसानों की खुशहाली हो, गरीबी उन्मूलन हो।
मिशन शक्ति के तहत वाहनों की खरीद के लिए 25 करोड़, चिकित्सा शिक्षा के लिए 14297 करोड़ प्रस्तावित हैं। 14 नए मेडिकल कालेजों के निर्माण के लिए 1023 करोड़ प्रस्तावित हैं।
कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ हुई है। पुलिस अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है। महिला अपराधों पर काफी कमी आई है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जानकारी दी कि कृषि उत्पादन में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। युवाओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षण पर हमारा लक्ष्य है। यूपी में एग्री एक्सपोर्ट हब बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग लाखों किसानों को फायदा पहुंचा गया। हमारी सरकार ने रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष फोकस किया गया है।
भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाईयां प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रूपये तक पहुंच गया है। उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट अप रैंकिंग में 'लीडर श्रेणी' की रैंकिंग हासिल हुई है।
अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रूपये के निवेश की लगभग 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के 04 ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है।
राज्य सरकार द्वारा फरवरी, 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट का सफलतम आयोजन किया गया। अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रूपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं, जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन सम्भावित है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपी में प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है। गेहूं और आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश नंबर वन है। यूपी में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। यूपी में छह करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। हम यूपी में डाटा सेंटर बनाएं जाएंगे।
फसल बीमा के तहत किसानों को 51 लाख करोड़ की क्षतिपूर्ति की गई।
एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग जो वर्ष 2018-2019 में 29 वें स्थान पर थी, बेहतर होकर वर्ष 2023-2024 में 18 वें स्थान पर आ गयी है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में बजट प्रस्तुत किया। प्रदेश की उपलब्धियां गिनाईं।
यूपी बजट पर समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि पेपरलेस विधानसभा में एक बार फिर कागज का बजट पेश किया जाएगा। इस बजट में फिर कोई विजन नहीं होगा और यह सिर्फ धोखा होगा। यह सिर्फ भ्रष्टाचार का बजट होगा। इसमें लूट होगी। जनता के साथ सिर्फ धोखा होगा। अब तक सिर्फ धोखा हुआ है। इसमें फिर लूट होगी।
यूपी बजट 2026-27 पर यूपी के मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि यह बजट सभी की भलाई के लिए होगा। समाजवादी पार्टी)अच्छी तरह जानती है कि भ्रष्टाचार में कौन शामिल था। योगी सरकार को जनता का विश्वास हासिल है, और यही कारण है कि हम 2027 में सत्ता में वापस आएंगे।
यूपी बजट 2026-27 पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि पिछले साल का बजट अभी तक पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुआ है। उससे पहले के साल का बजट भी उतना इस्तेमाल नहीं हुआ है। वे बस संभावनाओं के आधार पर बजट बनाते हैं। इस बार चुनावों को देखते हुए बजट बनाएंगे।
यूपी बजट पर समाजवादी पार्टी से सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि जब केंद्र के बजट पर सभी निगाहें झुक गईं, तो वहां कौन सा अच्छा बजट आएगा। कौन सा अर्थशास्त्री सीएम बैठा है। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान 'बाबरी मस्जिद कभी दोबारा नहीं बनेगी' पर कहा कि जब यह मुद्दा खत्म हो गया है, तो क्या कोई पागल है जो ऐसी बात कह रहा है? क्या वह मुद्दा अब उत्तर प्रदेश में है?
बजट पर विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने कहा कि बजट फाइनेंशियल ईयर का हिसाब होता है। अगले फाइनेंशियल ईयर में सरकार को जो भी स्कीम लानी हैं, उनका पूरा बजट आज पेश किया जाएगा। मैं सभी सदस्यों से रिक्वेस्ट करता हूं कि पूरा बजट पढ़ें। इस पर चर्चा करें कि जनता के हित में कौन सी स्कीम कहां ज़रूरी है।
बजट पेश होने से पहले सपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत अन्य लोगों के मुखौटे पहनकर विधानसभा परिसर पहुंचे।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी बजट 2026-27 पेश होने से पहले कैबिनेट मीटिंग की।
जनकल्याण की योजनाओं के तहत निराश्रित महिलाओं और वृद्धजनों की पेंशन में 500 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने और शी-मार्ट योजना को भी बजट में जगह मिल सकती है। मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने का वादा इस साल पूरा होने की संभावना है। इसके अलावा 1.43 लाख शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 17 से 20 हजार रुपये किए जाने का प्रस्ताव है, जिसके लिए 250 से 275 करोड़ रुपये बजट में रखे जा सकते हैं।
आज के इस बजट में सरकार बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) को भी बड़ा पैकेज दे सकती है। बीडा के तहत कुल 56 हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है। इसमें से 23 हजार एकड़ से अधिक अभी बाकी है। इसके लिए बजट में विशेष प्रावधान संभव है।
प्रदेश में नए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा आवंटन हो सकता है। लखनऊ-आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने की योजना को गति मिलेगी। साथ ही जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे और चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को भी राशि दी जा सकती है।
अपनी सरकार के दसवें बजट पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी बजट 2026-27 विकास का 'दशकीय वसीयतनामा' है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह आखिरी पूर्ण बजट होगा, जिसे सरकार ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में है। बजट का मुख्य फोकस क्षेत्रीय विकास पर रहेगा। खासतौर पर पूर्वांचल और बुंदेलखंड के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। दोनों क्षेत्रों के लिए विकास निधि में लगभग 1900 करोड़ रुपये दिए जाने की संभावना है, जो पिछले साल से करीब 700 करोड़ रुपये अधिक है। इससे 37 पिछड़े जिलों में विकास कार्यों को गति मिलेगी।
वर्ष 2026-27 बजट की प्रस्तुति से पहले वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने आराध्य का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। प्रदेश की समृद्धि, विकास और समस्त प्रदेशवासियों के सुख-शांति एवं कल्याण की मंगलकामना की।