कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज चिकबल्लापुर जिले के बागेपल्ली टोल प्लाजा पर धरना दिया, जिससे इलाके में यातायात बाधित हो गया।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि मेरे भाई ने अदाणी का मुद्दा उठाया, इसलिए ये सब हुआ। ये सरकार अदाणी पर जवाब नहीं देना चाहती। हमारे शरीर में शहीदों का खून है। जिस खून को आप बार-बार परिवारवादी कहते हैं ये खून इस देश के लिए बहा है। हम पीछे हटने वाले नहीं है, हम लड़ेंगे।
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि अयोग्यता का यह प्रकरण मोदी जी का एजेंडा है। अदाणी पर राहुल गांधी द्वारा दिए गए भाषण ने इन सभी मुद्दों को जन्म दिया। राहुल गांधी ने PM से 3-4 सवाल किए जिनका जवाब वे नहीं दे सके, जिसके बाद यह मुद्दा सामने आया, सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि मैं इस फैसले और जिस जल्दबाजी से इसे किया गया उससे स्तब्ध हूं। जब एक अपील प्रक्रिया में है तो इस अयोग्यता को लागू करने के तर्क को मैं नहीं समझ पाया। यह भारतीय लोकतंत्र की स्थिति के बारे में दुनिया को एक बहुत ही खराब संकेत भेज रहा है।
राहुल गांधी की सांसद के रूप में अयोग्यता और अडानी मुद्दे पर जेपीसी जांच की पार्टी की मांग को लेकर AICC में कांग्रेस नेताओं ने बैठक की।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी का पहले से ही असंसदीय आचरण रहा है, अहंकार इनका दिखता रहा है। क्या एक भी सही राय देने वाला कांग्रेस में नहीं बचा या जानबूझकर गलत सलाह दी गई। राहुल गांधी ने पहले ही अपने पार्टी का अध्यादेश फाड़ दिया था आज उन्हीं की पार्टी में से किसी ने खेल कर दिया इन्हें पता नहीं चला।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 7 जगह जमानत पर हैं, बार-बार झूठ बोलने, अवमानना के लिए इन्हें बेल दी गई। वे एक आदतन अपराधी हैं, इन्हें ऐसा लगता था कि देश का कानून या कोई व्यक्ति कुछ कर नहीं सकता। इनके पास माफी मांगने के लिए 3 साल लेकिन इन्होंने माफी नहीं मांगी।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और एक विशेष परिवार चाहता है कि उनके लिए अलग IPC बने, उन्हें सज़ा न हो लेकिन मैं उन्हें याद दिला दूं देश 75 साल से प्रजातंत्र अपना चुका है। आप पिछड़े समाज को गाली देंगे, अपशब्द का इस्तेमाल करेंगे ये सामंती मानसिकता का परिचायक है। हम समूह से अलग हैं क्योंकि हम एक परिवार से आते हैं।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा से भाजपा घबराई हुई है। वो जानते हैं कि भारत जोड़ो यात्रा ने न केवल कांग्रेस संगठन में नई उमंग जगाई है बल्कि पूरे देश में एक नया उत्साह, भविष्य का रास्ता दिखाया है। भारत जोड़ो यात्रा की सफलता के कारण राहुल गांधी को कीमत चुकानी पड़ी है। ये राजनीतिक लड़ाई बरकरार रहेगी। हम पीछे नहीं हटेंगे। राहुल गांधी कोई धमकी से डरने वाले नहीं हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डरे हुए हैं इसलिए वो बार-बार राहुल गांधी और अन्य विपक्ष के नेताओं को डराते रहते हैं और धमकियां देते रहते हैं।
तेलंगाना कांग्रेस प्रमुख रेवंत रेड्डी ने कहा कि ये सभी गैर-लोकतांत्रिक कदम हैं। यह पूरा फैसला लोकसभा सचिवालय पर दबाव बनाकर लिया गया है। ऐसा मुख्य मुद्दों जैसे अदाणी मुद्दे पर जेपीसी जांच से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए किया गया है। कांग्रेस और गांधी परिवार उनसे नहीं डरता। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने एक बार राज्यसभा में कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी को 'सूर्पणखा' कहा था। पीएम होने के नाते उन्होंने उनके लिए इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियों का इस्तेमाल किया। वे सिर्फ गांधी परिवार को डराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम सब उनके साथ हैं।
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि राहुल गांधी संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह निडर होकर बोलते रहे हैं। जाहिर है, वह इसकी कीमत चुका रहे हैं। सरकार बौखला गई है। यह सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए नई तकनीक खोज रही है।
कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस से राहुल को सदस्यता रद्द होने पर अपनी बात रखी। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कानूनी से पहले यह सियासी मुद्दा है। देश में 2014 के बाद से अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार परेशान है, क्योंकि वह तथ्यों और आंकड़ों के साथ बात करते हैं। यह सरकार उनकी आवाज को दबाने के लिए नई तकनीक ढूंढ रही है।
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है। चोर कहना हमारे देश में एक अपराध हो गया है। चोर और लुटेरे अभी भी आजाद हैं और राहुल गांधी को सजा मिल गई। यह लोकतंत्र की सीधी हत्या है। सभी सरकारी तंत्र दबाव में हैं। यह तानाशाही के अंत की शुरुआत है। लड़ाई को ही दिशा देनी है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि ये किसी समाज के संबंध में नहीं है जो लोग पैसे लेकर भागे, जैसे ललित मोदी, नीरव मोदी और विजय माल्या वे क्या पिछड़े समाज से थे? ये लोग ऐसी अनुभूति बना रहे हैं कि राहुल गांधी ने पिछड़े समाज के बारे में बोला है।
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करना मोदी सरकार की प्रतिशोध की नीति का उदाहरण है। भारत जोड़ो यात्रा से राहुल गांधी की लोकप्रियता बहुत बढ़ी है और मोदी सरकार को यही हजम नहीं हो रहा। उन्हें लग रहा है कि राहुल गांधी का मुंह बंद करना होगा क्योंकि अगर उन्हें बोलने दिया गया तो BJP सरकार से बाहर हो जाएगी।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर मोदी जी का मन साफ होता और हिंडनबर्ग रिपोर्ट में अडानी के घपले नहीं होते तो क्या कोई प्रधानमंत्री इस बात पर चर्चा करने से पीछे हटता। राजीव गांधी पर भी आरोप लगा था लेकिन वे बेदाग निकले। 7 बार लोकसभा में JPC हो चुकी है, फिर ये क्यों डरते हैं?
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि जब राहुल गांधी ने अडानी पर प्रधानमंत्री से सवाल पूछे थे उसी समय से इन्होंने इस प्रकार साजिश राहुल गांधी की आवाज को दबाने के लिए शुरू कर दी थी। मोदी सरकार के मंत्रियों ने कई बार राहुल गांधी के खिलाफ गलत आरोप लगाए। लोकसाभ में राहुल गांधी को बोलने का और अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया गया। ये साफ-साफ भाजपा सरकार के लोकतंत्र विरोधी और तानाशाह वाले मनोभाव को दर्शाता है।
UPA अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी दिल्ली में राहुल गांधी के आवास पर पहुंचीं।
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि राहुल गांधी सोचते थे कि देश के संविधान और कानून से वे ऊपर हैं। सूरत की अदालत के फैसले के बाद स्पीकर ने ये निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि हमारे देश में कानून का राज चलता है, ये कोर्ट का फैसला है। इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।
बिहार: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सूरत कोर्ट द्वारा मानहानि मामले में दोषी करार देने पर पटना में कांग्रेस नेताओं ने सप्तमूर्ति सचिवालय से विरोध मार्च निकाला।
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द होने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बयान आया है। उन्होंने कहा कि राहुल को सच बोलने की सजा मिली है। राहुल देश के सामने सच्चाई रख रहे थे। सरकार को जिन्हें नहीं सुनना है उन्हें वह सदन के बाहर कर रही है। लेकिन हम सदन के अंदर भी बोलेंगे, सदन के बाहर भी बोलेंगे।
केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने इसको लेकर राहुल गांधी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सभी गांधी उपनाम वालों को केवल इसलिए दोष नहीं दिया जा सकता क्योंकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय लोकतंत्र, सशस्त्र सेना और देश की संस्थानों का 'अपमान' किया है। पढ़ें पूरी खबर...
अदाणी समूह के मामले में विपक्षी सांसद जेपीसी जांच की मांग करते हुए शुक्रवार को विजय चौक की तरफ कूच कर गए। हालांकि, पुलिस ने बीच रास्ते पर घोषणा की है कि मार्च कर रहे विपक्षी सांसद आगे मार्च के लिए न बढ़ें, क्योंकि यहां धारा 144 सीआरपीसी लागू है। यहां किसी भी आंदोलन की अनुमति नहीं है।
दिल्ली में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर विजय चौक पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस ने राहुल की सजा के मद्देनजर संसद से विजय चौक तक मार्च निकालने का फैसला किया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को संसद में कांग्रेस के संसदीय कार्यालय में रखी गई सांसदों की बैठक में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मीटिंग में शामिल रहीं।
सूरत कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा की तरफ से राहुल पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि लोगों को मुद्दे से भटकाने के लिए वे (भाजपा) ऐसी बातें कर रहे हैं। कौन इस देश के पैसे लेकर भाग गए? SBI और LIC के पैसे लेकर कौन अमीर बनें? इसका जवाब दीजिए।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शुक्रवार को राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि उनका अहंकार बहुत बड़ा और समझ बहुत छोटी है। राजनीतिक लाभ के लिए उन्होंने ओबीसी समाज का अपमान किया। उन्हें चोर कहा। समाज और कोर्ट के द्वारा बार-बार समझाने और माफ़ी मांगने के विकल्प को भी उन्होंने नजरअंदाज किया और लगातार OBC समाज की भावना को ठेस पहुंचाई। पढ़ें पूरी खबर...
कांग्रेस ने मानहानि के एक मामले में सूरत की अदालत द्वारा राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाए जाने पर कानूनी लड़ाई लड़ने के साथ ही इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने के लिए विपक्षी दलों को साथ लाने और जनता के बीच जाने का फैसला किया है। राहुल गांधी की सजा के खिलाफ कांग्रेस ने सड़कों पर उतरने और अन्य दलों के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का भी फैसला किया है। मुख्य विपक्षी दल ने अदालत के फैसले के तुरंत बाद एक जन आंदोलन की घोषणा की और कहा कि वह न केवल कानूनी रूप से बल्कि राजनीतिक रूप से भी इस मामले को लड़ेगी।