पढ़े लिखों का वार्ड, फिर भी पिछड़े
वार्ड-23 में सेक्टर 34, 35 और 43 आते हैं। यहां देखा जाए तो पढ़े लिखे और जागरूक लोगों का तबका रहता है। इसके बावजूद मतदान में यह क्षेत्र सबसे पीछे रहा। वहीं, वार्ड 16 में भास्कर कॉलोनी, सेक्टर 25 और 25 वेस्ट शामिल हैं। अन्य सेक्टरों की अपेक्षा यहां मध्यम वर्गीय या उससे नीचे के परिवार रहते हैं लेकिन लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए जनप्रतिनिधियों को बता दिया है कि जनता जनार्दन से बड़ा कोई नहीं।
डंपिंग ग्राउंड का मुद्दा वोट पर भी रहा हावी
वार्ड-16 और वार्ड-26 में डंपिंग ग्राउंड का मुद्दा हावी होने के कारण इसका असर मतदान पर भी दिखा। वार्ड-16 में जहां सबसे ज्यादा मतदान हुआ, वहीं वार्ड-26 में 72.28 प्रतिशत मतदान हुआ। यह दोनों ही वार्ड डंपिंग ग्राउंड और कचरा निस्तारण प्लांट का दंश झेल रहे हैं। लगातार डंपिंग ग्राउंड हटाने को लेकर यहां के लोगों को आश्वासन मिलता रहा लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इस बार लोगों ने अपनी वोट की ताकत बताते हुए जनप्रतिनिधियों को बताया है कि उनकी समस्याओं का समाधान न करने वालों को सत्ता से बाहर भी किया जा सकता है।
शहर में कुल 97 कोरोना संक्रमितों के भी मतदान करने की व्यवस्था की गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी मरीजों से संपर्क किया और उन्हें मतदान करने के लिए आमंत्रित किया लेकिन इनमें से सिर्फ दो लोग ही मतदान के लिए राजी हुए। स्वास्थ्य विभाग और चुनाव आयोग ने उन दोनों के लिए विशेष तैयारी और दोनों संक्रमितों ने सेक्टर-21 में वोट डाला। इस दौरान सभी ने पीपीई किट पहन रखा था और चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का पालन किया।
शांतिपूर्ण रहा चुनाव, पुलिस-प्रशासन ने ली राहत की सांस
छिटपुट झड़पों को छोड़ दिया जाए तो नगर निगम चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। चुनाव के शांतिपूर्वक खत्म होने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। एसएसपी कुलदीप चहल ने बताया कि चुनाव को देखते हुए शहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
पुलिसकर्मियों ने बुजुर्गों को मतदान करने में मदद की। पंजाब यूनिवर्सिटी, चार नंबर कॉलोनी, हल्लोमाजरा और कुछ अन्य जगहों पर पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प हुई लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाल ली। डीआईजी ओमवीर बिश्नोई, एसएसपी कुलदीप चहल और एसपी सिटी केतन बंसल सुबह ही मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंच गए थे।
उन्होंने लोगों से परेशानियों के बारे में भी पूछा। एक दिन पहले ही पुलिसकर्मियों को मतदान केंद्रों पर तैनात कर दिया गया था। इस बार उनके लिए खाने-पीने से लेकर सोने तक के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सेक्टर-32 के स्कूल में ड्यूटी पर तैनात एएसआई ने बताया कि इस बार बेहतर इंतजाम किए गए थे।
बता दें कि नगर निगम चुनाव में 3700 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। एसएसपी कुलदीप चहल के नेतृत्व में दो एसपी, 16 डीएसपी, 54 इंस्पेक्टर, 515 एएसआई/एसआई और 2323 सिपाही/हवलदार और 800 होमगार्ड कर्मी तैनात थे। इन पुलिसकर्मियों में 800 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। इसके अलावा एसपी हेडक्वार्टर/अपराध मनोज मीणा भी निगरानी में लगे थे। पुलिस ने खासतौर पर संवेदनशील वार्डों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई हुई थी।
वोट डालने के बाद खुशी जतातीं तमन्ना और सेल्फी जोन में सेल्फी लेता व्यक्ति।
- फोटो : अमर उजाला
- मतदाता पर्ची में फोटो और पता नहीं होने की वजह से, लोग भटकते रहे
- मोबाइल ले जाने की नहीं थी अनुमति, जो अकेले आए थे वो बिना वोट दिए वापस लौटे
- आदेश के बावजूद कई फैक्ट्री, कंपनियों और दुकानदारों ने नहीं दी छुट्टी
रात 8.45 पर डाला आखिरी वोट
सुबह साढ़े सात बजे शुरु हुआ मतदान ज्यादातर केंद्रों पर शाम पांच बजे खत्म हो गया लेकिन कई बूथ ऐसे भी थे, जहां शाम पांच बजे के बाद भी कई मतदाता लाइन में खड़े थे। उन्हें चुनाव आयोग ने मतदान करने का मौका दिया। मलोया स्मॉल फ्लैट के सरकारी स्कूल में रात 8.45 मिनट पर आखिरी वोट डाला गया। इसकी वजह से इस वार्ड के सभी पार्टियों के प्रत्याशी भी मतदान केंद्र के बाहर डटे रहे। इस केंद्र पर सुबह से ही भारी भीड़ थी। लंबी-लंबी लाइनें लगी थी। वोट डालने के लिए लोगों में भारी उत्साह नजर आ रहा था। मलोया के इस केंद्र में देर तक चले मतदान की वजह से ही पूरे शहर का मतदान प्रतिशत आने में देरी हुई।
गांव और कॉलोनियों में सुबह-सुबह ही लोगों में अपना मतदान करने का उत्साह देखने को मिला। गांव और कॉलोनियों में सुबह कड़ाके की ठंड के बाद भी महिलाओं का मतदान करने का जज्बा देखने को मिला। सुबह 7 बजे से पहले ही महिलाएं मतदान केंद्रों के बाहर कतारों में आकर खड़ी हो गई थीं। सबसे ज्यादा उत्साह वार्ड नंबर 8 मौली गांव में और वार्ड नंबर 7 मौलीजागरां कांप्लेक्स के साथ इंदिरा कॉलोनी वार्ड नंबर 4 में देखने को मिला।
इन वार्डों में सुबह 6:30 बजे ही लोग मतदान केंद्र के बाहर आना शुरू हो गए थे। इंदिरा कॉलोनी वार्ड नंबर 4 में भी मतदान करने वाली महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा देखने को मिली। वे बहुत दूर तक कतारों में लगकर अपने मतदान करने के लिए खड़ी रहीं। मनीमाजरा के वार्ड नंबर 5 और 6 में सुबह मतदान करने वाले कम देखने को मिले। इस बार लोग अपना वोट डालने के बाद मतदान केंद्र के बाहर रखे सेल्फी प्वाइंट में भी फोटो करके सोशल मीडिया पर अपडेट कर रहे हैं।
अब तक निगम चुनाव का वोट प्रतिशत
- 1996- 45.71
- 2001- 31.80
- 2006- 45.12
- 2011- 59.03
- 2016- 57.19
- 2021- 60.45