Chandra Grahan Timing : चंद्र ग्रहण का समय
14 मार्च 2025 को होली के दिन सुबह 9:29 बजे से लेकर दोपहर 3:29 बजे तक चंद्र ग्रहण लगेगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
Chandra Grahan 2025: 14 मार्च को होली पर लगेगा खग्रास चंद्र ग्रहण, जानें समय और सूतक काल के बारे में
Type Of Chandra Grahan: चंद्र ग्रहण का प्रकार
यह ग्रहण खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा, जिसका अर्थ है कि चंद्रमा का कुछ हिस्सा ही ग्रहण के प्रभाव में रहेगा, न कि सम्पूर्ण चंद्रमा। इसे खग्रास चंद्र ग्रहण कहते हैं।
Lunar Eclipse Visible in India or not: क्या भारत में यह चंद्र ग्रहण दिखाई देगा?
यह चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, अफ्रीका, प्रशांत, अटलांटिक और आर्कटिक महासागर, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, पूर्वी एशिया और अंटार्कटिका में साफ़ देखा जा सकेगा। हालांकि, भारत में यह ग्रहण भारतीय समयानुसार दिन में होगा, जब चंद्रमा आकाश में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इसका दृश्य अवलोकन संभव नहीं होगा।
Position Of Planets During Chandra Grahan: ग्रहण के समय ग्रहों की स्थिति और प्रभाव
ज्योतिषीय दृष्टि से इस चंद्र ग्रहण का प्रभाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह ग्रहण सिंह राशि और उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में होगा, जो इसे और भी प्रभावशाली बना देता है।
- सूर्य और शनि चंद्रमा के सातवें भाव में स्थित होंगे, और दोनों मिलकर चंद्रमा पर पूर्ण सप्तम दृष्टि डालेंगे, जिससे ग्रहण का प्रभाव तीव्र होगा।
- केतु चंद्रमा के द्वितीय भाव में रहेगा, जो मानसिक तनाव और चिंता की स्थिति उत्पन्न कर सकता है।
- राहु, बुध और शुक्र चंद्रमा के आठवें भाव में स्थित होंगे, जिससे कुछ राशियों पर मिश्रित प्रभाव पड़ेगा, और कुछ को अप्रत्याशित घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है।
- गुरु (बृहस्पति) चंद्रमा के दशम भाव में रहेगा, जिससे धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं और व्यक्ति का दृष्टिकोण बदल सकता है।
- मंगल चंद्रमा के एकादश भाव में रहेगा, जो साहस और ऊर्जा को बढ़ाएगा, और लोगों को अपनी मंजिल की ओर तेजी से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
Impact Of Chandra Grahan: चन्द्र ग्रहण का प्रभाव
चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग प्रकार से पड़ेगा, लेकिन विशेष रूप से सिंह राशि और उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण रहेगा। यह ग्रहण कुछ लोगों के लिए आर्थिक उन्नति और आत्मविश्वास में वृद्धि का संकेत देगा, जबकि कुछ लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता हो सकती है।
Chandra Grahan 2025: इस दिन लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें इस समय ग्रहों की स्थिति और प्रभाव
Kin Rashiyon Ke Liye Chandra Grahan 2025 Rahega Shubh: किन राशियों के लिए शुभ होगा चंद्र ग्रहण?
यूं तो खंडग्रास चन्द् ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ने वाला है। लेकिन यह कुछ राशियों के लिए शुभ होने वाला है। इन राशियों के जातकों को धन लाभ होने की भी संभावना है। चंद्र ग्रहण वृषभ, तुला और धनु राशि के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
Chandra Grahan 2025 Timing in India: होली पर चंद्र ग्रहण के प्रभाव से इन राशि वालों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
चंद्र ग्रहण का प्रभाव राशियों पर अलग-अलग हो सकता है। यह समय मानसिक स्थिति, भावनाओं और सेहत पर असर डाल सकता है।
मिथुन राशि: दांपत्य जीवन में समस्याएं हो सकती हैं, मानसिक तनाव बढ़ सकता है, और सेहत में परेशानियां आ सकती हैं।
वृश्चिक राशि: कार्यक्षेत्र में सावधानी बरतनी चाहिए, किसी पर भरोसा न करें, और स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है।
मकर राशि: कोर्ट के मामले लंबा खींच सकते हैं, स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, और पुराने विवाद फिर से परेशान कर सकते हैं।
Chandra Grahan 2025 : किस राशि में लग रहा चंद्र ग्रहण ?
आज चंद्र ग्रहण कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में हुआ है। कन्या राशि में पहले से ही केतु विराजमान हैं, ऐसे में चंद्र-केतु की युति से ग्रहण योग बनेगा, जिसे अशुभ माना जाता है।
Chandra Grahan 2025 Lucky Zodiac Signs: चंद्र ग्रहण से इन राशियों को लाभ
- वृषभ राशि: जो लोग रोज़गार के अवसर तलाश रहे हैं, उन्हें सफलता मिलेगी। अटके हुए कार्य पूरे होंगे, और नए अवसर सामने आएंगे।
- कर्क राशि: काम की तारीफ होगी, और पद में वृद्धि के साथ-साथ वित्तीय स्थिति भी बेहतर होगी। विदेश यात्रा का भी योग बन सकता है।
- वृश्चिक राशि: संपत्ति में लाभ की संभावना है। कार्य में प्रगति होगी, और करियर और कारोबार में रुका हुआ धन वापस मिलेगा।
Chandra Grahan Ketu ke Dushprabhav se Bachne Ke Upay
2025 के चंद्र ग्रहण में केतु की अशुभता से बचने के लिए कुछ खास उपाय किए जा सकते हैं:
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दान: चंद्र ग्रहण के बाद ब्राह्मण को अन्न, धन, चावल, कपड़े आदि दान करना चाहिए। इससे ग्रहण के अशुभ प्रभाव में कमी आती है और केतु राह में रोड़ा नहीं डालता।
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महामृत्युंजय मंत्र का जाप: ग्रहण काल के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। यह मंत्र चंद्र ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचाव में मदद करता है और शांति प्रदान करता है।
Mantra Jaap During Chandra Grahan: चंद्र ग्रहण में करें इन मंत्रों का जाप
चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्र देव के इन मंत्रों का जप करना चाहिए।
ऊँ इमं देवा असपत्नं ग्वं सुवध्यं ।
महते क्षत्राय महते ज्यैश्ठाय महते
जानराज्यायेन्दस्येन्द्रियाय
इमममुध्य पुत्रममुध्यै पुत्रमस्यै विश वोsमी राज:
सोमोस्माकं ब्राह्माणाना ग्वं राजा।
ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:।
ऊँ श्रां श्रीं श्रौं चन्द्रमसे नम:।
ऊँ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नम:।
Chandra Grahan Par Kya Karein : चंद्र ग्रहण में क्या करें
चन्द्र ग्रहण पर क्या करें
ग्रहण के बाद शुद्धिकरण: ग्रहण की समाप्ति के बाद घर और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
खाद्य पदार्थों में तुलसी: ग्रहण के दौरान खाद्य पदार्थों में तुलसी के पत्ते डालकर रखें।
मंत्र जाप: ग्रहण के समय महामृत्युंजय मंत्र या अन्य शांति मंत्र का जाप करें।
Chandra Grahan 2025: 14 मार्च को होली पर लग रहा है खग्रास चंद्र ग्रहण, जानें समय और सूतक काल के बारे में
Chandra Grahan Par Kya Nahin Karein : चंद्र ग्रहण में क्या नहीं करें
Chandra Grahan Impact On Zodiac Signs: चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव
- मेष: चंद्र ग्रहण के दौरान मानसिक तनाव हो सकता है। सतर्क रहें और धैर्य बनाए रखें। किसी भी बड़े निर्णय से बचें।
- वृषभ: इस समय आर्थिक मामलों में परेशानियाँ आ सकती हैं। प्रयासों में धैर्य रखें और कोई नया निवेश न करें।
- मिथुन: चंद्र ग्रहण के कारण आपकी सोच में उलझन हो सकती है। अपने काम में ज्यादा ध्यान लगाएं और अव्यवस्था से बचें।
- कर्क: भावनात्मक और मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं। ग्रहण के दौरान खुद को शांत रखने का प्रयास करें।
- सिंह: ग्रहण के कारण कार्यों में विलंब हो सकता है। यह समय आपके लिए आत्मनिरीक्षण का है।
- कन्या: चंद्र ग्रहण आपके लिए चुनौतियाँ लेकर आ सकता है। नए कामों में सावधानी रखें और पुराने मामलों को न सुलझाएं।
- तुला: इस समय रिश्तों में थोड़ी दूरी आ सकती है। ग्रहण का समय आपके लिए सावधानी और शांति का है।
- वृश्चिक: ग्रहण के दौरान अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। मानसिक और शारीरिक आराम की जरूरत है।
- धनु: चंद्र ग्रहण के प्रभाव से जीवन में बदलाव आ सकते हैं। काम में अधिक मेहनत और ध्यान की आवश्यकता होगी।
- मकर: चंद्र ग्रहण के दौरान शारीरिक और मानसिक परेशानी हो सकती है। ध्यान, योग और प्रार्थना से शांति प्राप्त करें।
- कुंभ: यह समय आपके लिए सफलता और प्रगति का है, लेकिन सतर्क रहें और किसी से ज्यादा उम्मीद न रखें।
- मीन: चंद्र ग्रहण के कारण अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। धैर्य रखें और शांति से निर्णय लें।
चंद्र ग्रहण के दौरान तुलसी के पौधे से जुड़ी विशेष सावधानियां
- तुलसी को खुले में न रखें: चंद्र ग्रहण के दौरान तुलसी के पौधे को खुले में नहीं रखना चाहिए। अगर पौधा खुली जगह पर है, तो सूतक काल से पहले उसे गेरू रंग से रंग दें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस तरह तुलसी पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- तुलसी के पौधे को न छूएं: चंद्र ग्रहण के दौरान तुलसी के पौधे को भूलकर भी न छूएं और तुलसी के पत्ते न तोड़ें। ऐसा करने से धन की देवी मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं, और इसका आपके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- तुलसी के पत्ते भोजन में डालें: चंद्र ग्रहण के समय खाने-पीने की चीजों को अशुभ प्रभाव से बचाने के लिए तुलसी के पत्ते डालें, लेकिन सूतक काल से पहले पत्ते तोड़कर रख लें। सूतक के दौरान तुलसी के पत्ते तोड़ना अशुभ माना जाता है।
Rahu Ketu Impact On Chandra Grahan : चंद्र ग्रहण के दौरान राहु-केतु हो जाते हैं प्रभावशाली
जब राहु या केतु की युति चंद्र के साथ होती है तो चंद्र ग्रहण दोष शुरू हो जाता है। इस समय चंद्रमा की किरणें दूषित हो जाती हैं और राहु-केतु के दुष्प्रभाव तेज हो जाते हैं। नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय हो जाती है, जिससे वातावरण में अशांति और नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकते हैं। यही कारण है कि चंद्र ग्रहण के दौरान घर में रहने की सलाह दी जाती है और पूजा नहीं करनी चाहिए।
चंद्र ग्रहण के दौरान ये राशियां रहे सावधान
सिंह राशि: सिंह राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण के दौरान अपने गुस्से और अहंकार पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी। इस समय परिवार और कामकाजी जीवन में तनाव हो सकता है। इस दौरान छोटी-छोटी बातों पर प्रतिक्रिया देने से बचें और शांत रहें।
मकर राशि: मकर राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण के दौरान सेहत में उतार-चढ़ाव का सामना हो सकता है। मानसिक तनाव और घबराहट महसूस हो सकती है। अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और तनाव से बचने के लिए योग और ध्यान का अभ्यास करें।
मीन राशि: मीन राशि के जातकों को इस दौरान अपनी भावनाओं को नियंत्रित रखने की जरूरत है। अनावश्यक चिंता और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस समय किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को टालना बेहतर होगा। अपने मानसिक शांति को बनाए रखने के लिए ध्यान और आध्यात्मिक कार्यों में समय बिताएं।
Shubh Yog On Chandra Grahan: चंद्र ग्रहण पर बनने वाले शुभ योग
- लक्ष्मी नारायण योग: चंद्र ग्रहण के दौरान कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लक्ष्मी नारायण योग बन रहा है। यह योग धन, समृद्धि और ऐश्वर्य में वृद्धि का संकेत देता है। इस समय धार्मिक कार्यों और लक्ष्मी पूजा से विशेष लाभ मिल सकता है।
- त्रिग्रही योग: त्रिग्रही योग का निर्माण भी इस ग्रहण के दौरान हो रहा है, जिससे तात्पर्य है कि इस समय ग्रहों का सामंजस्य आपको कार्यक्षेत्र और व्यक्तिगत जीवन में सफलता दिला सकता है। यह योग मानसिक शांति और समृद्धि का कारक है।
- ग्रहण योग: ग्रहण योग के प्रभाव से आत्मसाक्षात्कार और आंतरिक शांति प्राप्त होने की संभावना होती है। यह योग आस्था और भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए अच्छा समय है।
- बुधादित्य योग: बुध और सूर्य का मिलन होने से बुधादित्य योग का निर्माण होता है। यह योग बुद्धिमत्ता, शिक्षा और संवाद कौशल में वृद्धि का प्रतीक है। इस समय शिक्षा से संबंधित कार्यों में सफलता मिल सकती है।
- शुक्रादित्य योग: शुक्र और सूर्य के संयोग से शुक्रादित्य योग बनता है, जो सौंदर्य, कला, प्रेम और रोमांटिक रिश्तों में सकारात्मक प्रभाव डालता है। इस योग के प्रभाव से समृद्धि और सुख-शांति प्राप्त होती है।
- नीचभंग राजयोग: जब कोई ग्रह नीच स्थिति में होता है और उसका बंधन टूटता है, तो नीचभंग राजयोग बनता है। यह राजयोग आपके जीवन में अचानक बदलाव, सफलता और उन्नति का संकेत देता है।
Chandra Grahan 2025 Live: राशि अनुसार उपाय
चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए हर राशि के लिए अलग-अलग उपाय हैं
मेष राशि: इस समय शिवजी की पूजा करना लाभकारी रहेगा। इसके साथ ही, शहद का सेवन करें और चांदी के बर्तन में पानी रखें, उसका सेवन करें।
वृषभ राशि: इस दौरान हल्दी का तिलक करें और तुलसी के पत्ते जल में डालें। घर में सफाई बनाए रखें और गाय के बछड़े को रोटी खिलाएं।
मिथुन राशि: भगवान विष्णु की पूजा करें और गाय के दूध से स्नान करें। यह चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव को दूर करने में सहायक होगा।
कर्क राशि: चंद्र देव की पूजा करना इस समय शुभ रहेगा। इसके साथ ही, चांदी के बर्तन में जल भरकर रखें और तुलसी के पत्तों को घर में रखें।
सिंह राशि: इस दौरान सूर्य देव की पूजा करें और तांबे के बर्तन में जल रखें। कपूर जलाकर पूरे घर में शांति फैलाएं।
कन्या राशि: चंद्र देव को जल अर्पित करें और ओम नमः शिवाय का जाप करें। पवित्र नदी में स्नान करना भी इस दौरान लाभकारी होगा।
तुला राशि: पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना चाहिए। इसके अलावा चंद्र ग्रहण के समय संकल्प लेकर पूजा करें और घर में शांति बनाए रखें।
वृश्चिक राशि: चांदी की अंगूठी पहनें और चंद्र देव को जल अर्पित करें। घर के कोनों में कपूर जलाना भी लाभकारी रहेगा।
धनु राशि: महालक्ष्मी की पूजा करें और कपूर जलाकर घर में स्वच्छता बनाए रखें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
मकर राशि: घर में स्वच्छता बनाए रखें और चांदी की वस्तु का उपयोग करें। चंद्रमा को जल अर्पित करना भी शुभ रहेगा।
कुंभ राशि: सफेद रंग के फूलों से पूजा करें और चांदी के बर्तन का उपयोग करें। घर की हर जगह को साफ रखें और नकारात्मकता को दूर करने के उपाय करें।
मीन राशि: हल्दी का तिलक करें और गाय के बछड़े को रोटी खिलाएं। घर में शांति बनाए रखें और चंद्र ग्रहण के प्रभाव को कम करें।
Chandra Grahan 2025: चन्द्र ग्रहण पर गर्भवती महिलाएं न करें ये काम
चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यहां कुछ महत्वपूर्ण कार्य हैं, जिन्हें गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय नहीं करना चाहिए:
- रसोई का कार्य न करें: ग्रहण के दौरान रसोई में कोई भी कार्य न करें, क्योंकि यह अशुभ हो सकता है।
- भोजन न करें: ग्रहण के समय भोजन न करना चाहिए। इससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- सुई और नुकीली चीजें न इस्तेमाल करें: सुई में धागा डालना या किसी नुकीली चीज का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। इससे गर्भवती महिला और शिशु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- काटना और छीलना न करें: ग्रहण के समय किसी भी प्रकार का छीलने या काटने का कार्य न करें।
- मंदिर को न छूएं: ग्रहण के दौरान मंदिर की मूर्तियों या पूजास्थल को न छूना चाहिए।
- गृहकार्य न करें: ग्रहण के समय घर की खिड़कियां बंद रखें और बाहर आना-जाना न करें।
- सोने से बचें: ग्रहण के दौरान सोना न चाहिए, क्योंकि इससे मां और बच्चे की सेहत प्रभावित हो सकती है।
- आभूषण न पहनें: पिन, चूड़ियां या कोई भी आभूषण पहनने से बचें, क्योंकि यह ग्रहण के प्रभाव से असंवेदनशील हो सकते हैं।
Chandra Grahan 2025 Timing in India: गर्भवती महिलाएं क्या करें
चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को कुछ विशेष उपाय करने चाहिए, जिनसे नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सकता है:
- मंत्रों का जप करें: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष मंत्रों का जप करना चाहिए। इससे नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और शांति बनी रहती है।
- गोबर का लेप लगाएं: आप पेट पर गोबर का लेप भी लगा सकती हैं। यह उपाय शारीरिक और मानसिक सुरक्षा के लिए किया जाता है।
- शांत बैठें: ग्रहण के दौरान शांत वातावरण में बैठना चाहिए। इस दौरान आप ईश्वर का ध्यान कर सकती हैं, जो मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
- स्नान करें: चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करें, ताकि आप ग्रहण के अशुभ प्रभाव से मुक्त हो सकें।
- दान करें: ग्रहण के समय पहने हुए वस्त्रों का दान करना चाहिए। इसके अलावा, चना, गेहूं, गुड़ और दाल का भी दान करना शुभ माना जाता है।
Chandra Grahan Sutak Timing: सूतक काल के दौरान कुछ सावधानियाँ
चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से पहले शुरू होता है और इसे विशेष ध्यान से पालन करने की आवश्यकता होती है। इस दौरान नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को बढ़ने का डर रहता है, इसलिए कई लोग धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, और ध्यान की साधना करते हैं, ताकि मानसिक शांति बनी रहे।
सूतक काल के दौरान कुछ सावधानियाँ रखनी चाहिए, जैसे:
- भोजन: कुछ लोग इस समय भोजन नहीं करते, जबकि कुछ लोग हल्का भोजन करते हैं।
- धार्मिक कार्य: इस समय पूजा या अन्य धार्मिक कार्यों से बचना चाहिए।
- दैनिक कार्यों में सावधानी: इस समय किसी भी प्रकार के विवाद या नकारात्मक कार्यों से बचना चाहिए।
- मानसिक शांति: मानसिक शांति बनाए रखने की कोशिश करें और नकारात्मक विचारों से बचें।
- घर की सफाई: ग्रहण से पहले घर की सफाई कर लेना शुभ माना जाता है।
Chnadra Grahan Time: चन्द्र ग्रहण के दौरान करें इन मंत्रो का जाप
चंद्र ग्रहण के दौरान विशेष ध्यान और मंत्रों का उच्चारण किया जाता है ताकि नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जा सके और सकारात्मक प्रभाव प्राप्त हो सके। इस समय इष्टदेव और चंद्रदेव का ध्यान और मंत्रों का उच्चारण लाभकारी माना जाता है।
चंद्रदेव का मंत्र
ऊँ ऐं ह्रीं सोमाय नमः
इसके अलावा, विश्वेदेवों का ध्यान भी करना चाहिए, जिनमें दस प्रमुख देवता होते हैं:
ऊँ इन्द्राय नमः (इन्द्र)
ऊँ अग्नये नमः (अग्नि)
ऊँ सोमाय नमः (सोम)
ऊँ त्वष्ट्राय नमः (त्वष्ट्रा)
ऊँ रुद्राय नमः (रुद्र)
ऊँ पूखनाय नमः (पूखन्)
ऊँ विष्णुवे नमः (विष्णु)
ऊँ अश्विनीये नमः (अश्विनी)
ऊँ मित्रावरूणाय नमः (मित्रावरूण)
ऊँ अंगीरसाय नमः (अंगीरस)
इन मंत्रों का उच्चारण चंद्र ग्रहण के दौरान मानसिक शांति और सकारात्मकता को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
Chandra Grahan Sutak Kaal Samay: चंद्र ग्रहण के दोष को दूर करने के उपाय
चंद्र ग्रहण के दोष को दूर करने के लिए कुछ सरल उपाय हैं। सबसे पहले, कुंवारी लड़कियों को सफेद वस्त्र या खीर दान करना चाहिए। यह उपाय चंद्र ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव को कम करता है।
- पूर्णिमा के दिन व्रत करना और चंद्रमा को अर्घ्य देना भी एक प्रभावी उपाय है, जिससे ग्रहण के दोष से मुक्ति मिल सकती है।
- गायत्री और मृत्युंजय मंत्र का जाप करना चंद्र ग्रहण के समय बहुत लाभकारी होता है, यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है।
- पूर्णिमा की रात चांदी के बर्तन में दूध, हल्दी और शहद मिलाकर पीने से भी शांति मिलती है और ग्रहण के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
- सोमवार के दिन अन्न का दान करना और शिवलिंग पर जल चढ़ाना भी चंद्र ग्रहण के प्रभाव को नष्ट करने में सहायक है।
- प्रत्येक सोमवार को ॐ चन्द्राय नमः का 108 बार जाप करने से चंद्र दोष दूर हो सकता है।
- आखिरकार, जरूरतमंदों को दूध का दान करना भी एक अच्छा उपाय है, जिससे चंद्र ग्रहण के दोष से मुक्ति मिलती है।
Second Lunar Eclipse: साल का दूसरा चन्द्र ग्रहण का लगेगा?
Chandra Grahan 2025 Ke baad Kya Karein: चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद क्या करें
चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद कुछ विशेष सावधानियां बरतना जरूरी होता है, ताकि ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म किया जा सके और घर में सकारात्मक वातावरण बने।
स्नान करें: चंद्र ग्रहण के समाप्त होने के बाद स्नान करना आवश्यक है। घर में पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें, ताकि शारीरिक और मानसिक शुद्धि हो सके।
गंगाजल का छिड़काव करें: घर के हर कोने में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और घर में शांति बनी रहती है।
इन उपायों से ग्रहण के बाद की नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जा सकता है और घर में सकारात्मक वातावरण बन सकता है।
Chandra Grahan: राशि अनुसार दान
राशि अनुसार दान के कुछ विशेष उपाय दिए गए हैं, जो चंद्र ग्रहण के बाद करने से लाभ हो सकता है:
मेष राशि: मंगल देव की कृपा पाने के लिए चंद्र ग्रहण के बाद लाल रंग की मिठाई का दान करें।
वृषभ राशि: सुखों में वृद्धि के लिए होली के दिन ग्रहण के बाद चावल, आटा या मैदा का दान करें।
मिथुन राशि: कारोबार में सफलता पाने के लिए चंद्र ग्रहण के बाद हरी सब्जियों का दान करें।
कर्क राशि: तनाव से निजात पाने के लिए चंद्र ग्रहण के बाद दूध, दही और चीनी का दान करें।
सिंह राशि: करियर में सफलता पाने के लिए ग्रहण के बाद गेहूं, मूंगफली और शहद का दान करें।
कन्या राशि: कारोबार में तरक्की पाने के लिए ग्रहण के बाद लोगों में गन्ने के रस का वितरण करें।
तुला राशि: आर्थिक तंगी दूर करने के लिए चंद्र ग्रहण के बाद सफेद रंग के वस्त्र का दान करें।
वृश्चिक राशि: जॉब में प्रमोशन पाने के लिए ग्रहण के बाद आलू, शकरकंद और गेहूं का दान करें।
धनु राशि: गुरु कृपा पाने के लिए ग्रहण के बाद केला, मकई और पपीता का दान करें।
मकर राशि: शनिदेव की कृपा पाने के लिए चमड़े के जूते-चप्पल और सरसों के तेल का दान करें।
कुंभ राशि: शनि बाधा दूर करने के लिए काले तिल, रागी, काली सरसों और धन का दान करें।
मीन राशि: पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि पाने के लिए ग्रहण के बाद पीले रंग के वस्त्र का दान करें।