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Chandra Grahan 2022 : साल का पहला चंद्र ग्रहण खत्म, अब 8 नवंबर को अगला चंद्र ग्रहण

Mon, 16 May 2022 01:10 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

LIVE Lunar Eclipse 2022 (चंद्र ग्रहण) Updates - आज साल 2022 का पहला चंद्र ग्रहण शुरू हो चुका है। यह चंद्र ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। दुनिया के कई हिस्सों में इस ग्रहण को देखा जा रहा है। भारतीय समय के अनुसार चंद्र ग्रहण 16 मई की सुबह 8 बजकर 58 मिनट से आरंभ हो गया है। भारत में इस चंद्र ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है। जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तब पृथ्वी का छाया चंद्रमा पर पड़ती तो इसे ही चंद्र ग्रहण कहते हैं।   
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चंद्र ग्रहण 16 मई 2022 लाइव अपडेट: आज का चंद्र ग्रहण वृ्श्चिक राशि और विशाखा नक्षत्र में पड़ रहा है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Chandra Grahan 2022 : इन 10 प्वाइंट से समझें आज के चंद्र ग्रहण की खास और अहम बातें...
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1. आज जो चंद्र ग्रहण लग रहा है वह साल 2022 का पहला चंद्र ग्रहण है। 
2. इससे पहले साल का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल 2022 को लगा था।
3. यह चंद्र ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। 
4. चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि और विशाखा नक्षत्र में पड़ रहा है।
5. भारत में इस चंद्र ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा। 
6. इस चंद्र ग्रहण का का सूतक काल मान्य नहीं होगा।
7. भारतीय समयानुसार साल का पहला चंद्र ग्रहण सुबह करीब 8 बजकर 58 मिनट से शुरू हो जाएगा।
8. बुद्ध पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा।
9. खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार साल का यह पहला चंद्र ग्रहण दक्षिण-पश्चिम यूरोप,अफ्रीका, उत्तरी- दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत,अटलांटिक और हिंदू महासागर में दिखाई देगा।
10. हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा की तिथि पर ही लगता है। इसके बाद अगला चंद्र ग्रहण 8 नवंबर 2020 को लगेगा जबकि दूसरा सूर्य ग्रहण 25 अक्तूबर 2022 को लगेगा।
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इस साल का पहला चंद्र ग्रहण आज

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार इस वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण आज सुबह से ही लग जाएगा। चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि में और विशाखा नक्षत्र के रहते लगेगा। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। इस चंद्र ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकता है, इस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।

बुद्ध पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण

आज बुद्ध पूर्णिमा का पर्व भी है और साथ ही इस दिन चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। चंद्र ग्रहण विशाखा नक्षत्र के रहते वृश्चिक राशि में लगेगा इस कारण से ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव इस राशि पर रहेगा। इसके अलावा बुद्ध पूर्णिमा का आज पावन पर्व है। आज के दिन ही भगवान बुद्ध की पूजा,उपासना, साधना और गंगा स्नान का विशेष महत्व है।

चंद्र ग्रहण का सूतक काल

जब भी कोई ग्रहण पड़ता है तो उसके पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। हिंदू धर्म में सूतक काल को शुभ नहीं माना जाता है, इस कारण से इसमें कोई भी शुभ कार्य या मांगलिक अनुष्ठान आदि नहीं किया जाता है। इसके अलावा सूतक में भगवान की पूजा भी नहीं की जा सकती है। चंद्र ग्रहण के शुरू होने से ठीक 9 घंटे पहले सूतक का समय प्रारंभ हो जाता है, वहीं सूर्य ग्रहण होने पर सूतक ग्रहण के 12 घंटे पहले लगता है। हालांकि भारत में इस ग्रहण का कोई भी साया नहीं रहेगा जिसके कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।

 

कब लगता है चंद्र ग्रहण और कितने तरह का होता है चंद्र ग्रहण

सूर्य और चंद्र ग्रहण को एक खगोलीय घटना माना जाता है। सूर्य और चंद्रमा के बीच एक समय ऐसा आता है जब पृथ्वी आ जाती है तब कुछ देर के लिए ऐसी स्थिति बन जाती है कि चंद्रमा के ऊपर सूर्य का प्रकाश मिलना बंद हो जाता है और चंद्रमा दिखाई नहीं पड़ता है,इसे ही चंद्र ग्रहण कहते हैं। चंद्र ग्रहण तीन प्रकार का होता है पूर्ण चंद्र ग्रहण,आंशिक चंद्र ग्रहण और उपछाया चंद्र ग्रहण।

80 साल बाद इस चंद्र ग्रहण पर बना संयोग

ज्योतिषाचार्यों की ज्योतिषीय गणना के आधार पर इस बार चंद्र ग्रहण पर ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा संयोग बना है जो पिछले 80 साल पहले बना था। इस बार चंद्र ग्रहण विशाखा नक्षत्र और परिघ योग में बन रहा है। इसके अलावा चंद्र ग्रहण के दौरान गुरू और शनि देव अपनी स्वराशि में मौजूद रहेंगे। यह ग्रहण वैशाख पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा, विशाखा नक्षत्र और वृश्चिक राशि में लग रहा है।

NASA पर होगा चंद्र ग्रहण का लाइव प्रसारण

साल के इस पहले चंद्र ग्रहण का नजारा अमेरिका अंतरिक्ष एजेंसी नासा के जरिए सीधा देखा जा सकेगा। नासा इस खगोलीय घटना का सीधा प्रसारण करेगा।
 
 

इस साल कुल कितने होंगे चंद्र ग्रहण

साल का यह पहला चंद्र ग्रहण होगा, इसके बाद दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 08 नवंबर 2022 को लगेगा। इसके अलावा 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण भी होगा। कुल मिलाकर इस वर्ष 4 ग्रहण होगा।

जानें इस चंद्र ग्रहण के पहले स्पर्श से लेकर अंतिम स्पर्श का समय

Chandra Grahan 2022 - फोटो : अमर उजाला
उपच्छाया से पहला स्पर्श - 07:02 AM
प्रच्छाया से पहला स्पर्श - 07:58 AM

खग्रास प्रारम्भ - 08:59 AM
परमग्रास चन्द्र ग्रहण - 09:41 AM
खग्रास समाप्त - 10:23 AM

प्रच्छाया से अन्तिम स्पर्श - 11:24 AM
उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श - 12:20 AM

खग्रास की अवधि - 01 घण्टा 24 मिनट 
खण्डग्रास की अवधि - 03 घण्टे 26 मिनट 
उपच्छाया की अवधि - 05 घण्टे 17 मिनट 

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें 

धार्मिक नजरिए से ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है इसलिए ग्रहण के दौरान कुछ सावधानियां बरती जाती है। आइए जानते हैं इस चंद्र ग्रहण के दौरान क्या-क्या करें।

- ग्रहण काल का समय अच्छा न होने के कारण इस दौरान आस पास के वातावरण में नकारात्मक ऊर्जाओं का प्रभाव बढ़ जाता है इस वजह से अपने इष्ट देव का स्मरण करें और मंत्रों का जाप करना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं का खास ध्यान रखना चाहिए। इसमें जब तक ग्रहण समाप्ति नहीं हो जाता कुछ भी खाना या पीना नहीं चाहिए।

- ग्रहण के दौरान मंदिरों के पट को बंद करना देना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान खाना तो पकाना चाहिए और न ही खाना चाहिए।

- किचन में रखे हुए भोजन में तुलसी के पत्ते जरूर डालना चाहिए।
- ग्रहण के समाप्त होने पर पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।

इस चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव (chandra grahan 2022 effect on rashi zodiac sign)

आज जो चंद्र ग्रहण लग रहा है वह वृश्चिक राशि में लगेगा। ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर पड़ेगा। कुछ पर शुभ तो कुछ के ऊपर इस ग्रहण का अशुभ प्रभाव पड़ेगा। अगर जिन राशि के जातकों पर इस चंद्र ग्रहण के शुभ प्रभाव की बात करे तो मेष,सिंह,धनु,तुला और कुंभ राशि को अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। करियर में बड़ी सफलता हासिल हो सकती है। आपको अपनी कड़ी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। धन लाभ के योग बनेंगे। जो जातक नौकरी पेशा वाले हैं उनको कार्यक्षेत्र में प्रमोशन मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में किसी व्यक्ति विशेष से लाभ प्राप्त होने की संभावना है। एक से अधिक स्रोतों से धन कमाने के अवसर प्राप्त होंगे।

वैशाख पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण, राशि के अनुसार करें दान 

हिंदू पंचांग के अनुसार आज वैशाख पूर्णिमा की तिथि और इसके बाद ज्येष्ठ माह प्रारंभ हो जाएगा। वैशाख पूर्णिमा पर ही साल का पहला चंद्र ग्रहण चल रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण के बाद गंगा स्नान और दान करने का विशेष महत्व होता है। ग्रहण के बाद दान करने से सभी तरह के बुरे प्रभाव खत्म हो जाते हैं।

मेष राशि- इस ग्रहण के बाद आपके लिए चावल का दान करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि- चंद्र ग्रहण की समाप्ति के फौरन बाद आप दूध और दही का दान करें।

मिथुन राशि - चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभावों से मुक्ति पाने के लिए ग्रहण के बाद स्नान करें और गाय को हरा चारा खिलाएं।

कर्क राशि-  ग्रहण के बाद गरीबों का भोजन कराएं और कुछ पैसे दान करें।

राशि के अनुसार करें आज इन चीजों का करें दान

सिंह राशि- जिन जातकों की राशि सिंह है वे ग्रहण के बाद शक्कर का दान करें।

कन्या राशि- आप वैशाख पूर्णिमा पर ग्रहण के बाद विशेष रूप के चावल का दान करें।

तुला राशि- आपके लिए इस चंद्र ग्रहण के बाद चांदी का दान करना शुभफल दायक रहेगा।

वृश्चिक राशि-  मिठाई का दान करें।

ये चार राशि वाले इन चीजों का करें दान

धनु राशि- इस चंद्र ग्रहण के बाद धनु राशि के जातक पुरोहितों का अन्न और कुछ पैसों का दान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।

मकर राशि- आपके के लिए पूर्णिमा के बाद तिल का दान करना उचित रहेगा।

कुंभ राशि-  चंद्र ग्रहण के बाद कुंभ राशि के जातक पशु-पक्षियों का पानी और दाना डालें।

मीन राशि- इस ग्रहण के बाद स्नान करें और अपने इष्टदेव की पूजा करने के बाद चीटिओं का आटा खिलाएं।

चंद्र ग्रहण के दौरान इन मंत्रों का करें जाप

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः।
ॐ सों सोमाय नमः।
ॐ चं चंद्रमस्यै नम:
ॐ शीतांशु, विभांशु अमृतांशु नम:
ॐ ऐं क्लीं सौमाय नामाय नमः।
 

चंद्र ग्रहण और वैशाख पूर्णिमा के मौके पर करें ये उपाय

चंद्रदेव की पूजा
आर्थिक समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय के समय चन्द्रमा को कच्चे दूध में चीनी और चावल मिलाकर "ॐ स्रां स्रीं स्रौं स:चन्द्रमासे नम:" या " ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:" मंत्र का जप करते हुए अर्ध्य देना चाहिए। ऐसा करने से धीरे धीरे आर्थिक समस्याएं खत्म हो जाती हैं। पति-पत्नी के जीवन में मधुरता के लिए पूर्णिमा के दिन पति-पत्नी में से किसी को चंद्रमा को अर्घ्य अवश्य देना चाहिए,या दोनों को एक साथ दे सकते हैं।

पूर्णिमा पर करें पीपल के वृक्ष की पूजा

शास्त्रों में उल्लेख है कि पूर्णिमा के दिन पीपल के वृक्ष में मां लक्ष्मी का वास होता है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद पीपल के पेड़ पर कुछ मीठा चढ़ाकर कच्चा दूध मिश्रित जल अर्पित करना चाहिए।

वैशाख पूर्णिमा और चंद्रग्रहण के बाद जरूर जल और अन्न का दान

वैशाख पूर्णिमा के दिन अन्न,जल, दूध, फल, चावल,जूते और छाता दान करने से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। गरीबों, साधु, महात्मा तथा ब्राह्मणों को भोजन करवाना चाहिए और उन्हें जरूरत की वस्तुएं दान करनी चाहिए।मान्यता है कि इस दिन जल से भरा कलश मंदिर में दान करने से तीर्थों के दर्शन करने के बराबर पुण्य मिलता है।

ग्रहण खत्म होने पर जरूर करें यह काम

- ग्रहण समाप्त होने के बाद तुलसी के पौधे में समेत पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
- ग्रहण खत्म होने के बाद ही गर्भवती महिला को तुरंत स्नान करना चाहिए। 
- ग्रहण के खत्म होने के बाद दान करने का विशेष महत्व होता है। इसमें तिल औरचने की दाल का दान अवश्य करें। ऐसा करने से जीवन की समस्याएं और संकटों से छुटकारा मिलता है।
- ग्रहण खत्म होने के बाद अपने आराध्य देव के दर्शन अवश्य करना चाहिए।   
 
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अगला चंद्र ग्रहण 8 नवंबर 2022 को

साल का पहला चंद्र ग्रहण अब खत्म हो गया है। इसके बाद 25 अक्तूबर को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण पड़ेगा। जबकि दूसरा चंद्र ग्रहण 8 नवंबर को होगा।
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