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अब आधुनिक जीवन शैली की वजह से आम नेत्र समस्याओं को अलविदा कहें

Wed, 21 Feb 2018 12:30 PM IST
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फाइल फोटो
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आज लाखों लोग कंप्यूटर, टैबलेट और स्मार्ट फोन को अपनी रोज़मर्रा की जरुरत के आधार पर उपयोग करते हैं। कंप्यूटर स्क्रीन की चमक एवं ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रयोग के कारण व्यापक रूप से आंखों में असुविधा पैदा हो सकती है – थकान , धुंधली दृष्टि, सिरदर्द , सूखी आँखें और आइस्ट्रेन जैसे कई अन्य लक्षण भी आँखों को तकलीफ दे सकते हैं।
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लगभग 80% कंप्यूटर और लैपटॉप डिवाइस उपयोगकर्ताओं को कईं तरह से आंखों की समस्या का अनुभव होता है , जैसे कम या धुंधली दृष्टि, आँखों में जलन , रोशनी से संवेदनशीलता , आंखों में सूजन, सूखी आंखें, और सिरदर्द । कंप्यूटर से उत्पन्न होने कि वजह से इसका  नाम  दिया है: कंप्यूटर विजन सिंड्रोम (सीवीएस)। सीवीएस कई लक्षणों के साथ आता है , डॉक्टरों ने स्क्रीन-प्रेरित असुविधा  से होने वाली आँखों की समस्या के लिए इसका आसान नाम रखा है: "कंप्यूटर विजन सिंड्रोम" आपके कंप्यूटर स्क्रीन के करीब बैठने (एवं चेहरे के बहुत ही करीब अपना सेल फोन से बात करना) से भी कुछ दृष्टि समस्याएं हो सकती हैं।

जैसे-जैसे मौसम बदल रहा है  सूखी सर्दियों के दिन आ रहे हैं , एवं धीरे धीरे गर्मी आएगी - आंखों की समस्याएं बढ़ती जाएगी। इससे आँखों में सूखेपन, जलन, लालिमा और एलर्जी की स्थिति होने लगेगी। आँखों में  यह समस्याएं शहरी क्षेत्रों में अधिक स्पष्ट है। इसका मूल कारण है हवा में उच्च स्तर में प्रदूषण  का होना जिसकी वजह से आँखों में जलन, रस्सा निर्वहन, खुजली, किरकिरी एवं उत्तेजना, आदि बढ़ जाती है और उस कारण देखने में कठिनाई होती है। हमारी आँखें प्रदूषण  और धूल के प्रति संवेदनशील हैं जो हवा में मौजूद हैं। कृषि कचरे , खनन, बिजली उत्पादन, परिवहन एवं वाहनों के धुएं, जो हवा में  हानिकारक प्रदूषण  निकालने का प्रमुख स्रोत माना जा सकता है, आँखों में जलन जैसे लक्षण से गंभीर एलर्जी  हो सकती है ।    
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अक्सर आँखों की समस्या हर किसी में अलग अलग होती है जैसे किसी में सूखी आंखों की तकलीफ, तो कोई आंखों की धुंध, जलन या डंकने लगने जैसी तकलीफ से परेशान है। प्रत्येक व्यक्ति अलग-अलग समस्याओं से पीड़ित है। आज के दौर में हर कोई कंप्यूटर, टैबलेट और स्मार्ट फ़ोन पर दैनिक आधार पर कम से कम 8 से 10 घंटे बिताता है। अगर आपकी आँखों में किसी भी प्रकार कि तकलीफ हो तो "हैसलैब ममीरा  आइड्रॉप" का प्रयोग सबसे सुरक्षित उपचार है, क्योंकि ये एक होमियोपैथी की दवा है जो पूरी तरह से जाँचा एवं परखा हुआ है। "हैसलैब ममीरा  आइड्रॉप" बहुत प्रभावी है और  इसका प्रमाण कई लोगों ने दिया है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की यह एक विश्वसनीय और सुरक्षित उत्पाद है जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। 



हैसलैब ममीरा  आइड्रॉप के बारे में अधिक जानकारी नीचे दी गयी है:

कम्पोजीशन : Acidum Boracicum , Natrum Muraticum, Natrum Sulphuricum, Camphora, Euphrasia Officialis , Mamira : Coptis Teeta, Berberine
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खुराक: Instill 1-2 drops in both eyes 2 to 3 times a day, allowing the tears to irrigate the entire eye by closing & opening the eyelids simultaneously.

रोग: Acute or chronic conjunctivitis

लक्षण: Acute or chronic conjunctivitis. Discharge – acrid, profuse, muco-purulent, stringy.Photophobia. Dull pain with burning. Blurring vision releived by winking. Oedma and bulging of lids from pus beneath or from sub conjunctival tissues. Styes, inflammation of meibomian glands.Conjunctiva – inflamed, red bloodshot, granulated. Pterygium (adventitious growth on ocular conjunctiva.) Keratitis, pannus. Asthenopia, inability to maintain the adjustment of the eye muscles.

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