सर्वांगासन का अर्थ उसके नाम से ही समझ आने लगता है। एक ऐसा आसन जो सभी अंगों के लिए बना हो। यदि आप कसरत नहीं कर पाते हैं या योग करने के लिए भी ज्यादा समय आपके पास नहीं होता है तो दिन में एक बार सर्वांगासन का अभ्यास अवश्य करें। सर्वांगसन करने के कई सारे लाभ हैं। महिलाओं के लिए तो यह आसन वरदान है। कई सारी समस्याओं का समाधान इस आसन के अभ्यास से हो जाता है। शुरुआत में आप इसे दिवार के सहारे भी कर सकते हैं। प्रतिदिन अभ्यास करने पर यह एकदम उत्तम ढंग से होने लगेगा। जानिए सर्वांगासन करने का सही तरीका और इससे होने वाले लाभ।
-दिल की मासपेशियों को सक्रिय करता है और शुद्ध रक्त को दिल तक पहुँचाता है। -बांझपन और गर्भपात जैसी समस्याएं दूर होती हैं। -मासिक धर्म संबंधी परेशानियां दूर करता है। -कब्ज से राहत देता है और पाचन क्रिया को सक्रिय बनाता है। -थकान और दुर्बलता को दूर करने में भी यह आसन बेहद लाभकारी है। -हाथों व कन्धों को मज-बूत बनाता है और पीठ को अधिक लचीला बनाता है। -अधिक रक्त पहुँचाकर मस्तिष्क का पोषण करता है। -मोटापा कम करने में सहायता करता है।
सर्वांगासन करने का तरीका-
सबसे पहले अपनी पीठ के बल लेट जाएँ। फिर अपने पैर, कूल्हे और कमर को उठाएँ। सारा भार अपने कन्धों पर ले लें। पीठ को अपने हाथों से सहारा दें ताकि संतुलन न बिगड़े। कोहनियों को जमीन पर टिकाते हुए और हाथों को कमर पर रखते हुए, अपनी कमर और पैरों को सीधा रखें। शरीर का पूरा भार कन्धों व हाथों के ऊपरी हिस्से पर होना लें। पैरों को सीधा रखें। पैरों की उंगलियों को नाक की सीध में ले आएं। लंबी गहरी साँस लें और 30 सेकण्ड तक आसन में रहें।
सर्वांगासन के लाभ-
-थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय करता है तथा उसका पोषण करता है।