महाराष्ट्र में अष्टविनायक जाने का प्लान बनाएं
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मयूरेश्वर मंदिर
ये मयूरेश्वर मंदिर पुणे के मोरगांव में स्थित है और इस मंदिर में चार द्वार हैं, जिन्हें सतयुग, द्वापर, त्रेता और कलयुग यानी चारों युगों का प्रतीक माना गया है। यहां गणपति बप्पा बैठी हुई मुद्रा में हैं, जिनके तीन नेत्र और चार भुजाएं हैं। आप यहां इस गणेश चतुर्थी के मौके पर दर्शन करने जा सकते हैं।
सिद्धिविनायक मंदिर
पुणे से इस मंदिर की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है। यहां भगवान गणेश की तीन फीट ऊंची और ढाई फीट चौड़ी प्रतिमा है, साथ ही इस प्रतिमा में गणपति की सूंड दांई तरफ है। वहीं, इस मंदिर का इतिहास लगभग 200 साल पुराना बताया जाता है। मंदिर की मान्यता है कि यहां मांगी गई मन्नत पूरी होती है।
महागणपति मंदिर
राजणगांव में स्थित महागणपति मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है। इस मंदिर का मुख पूर्व दिशा की तरफ से हैं और इस मंदिर का मुख्य द्वार देखने में बहुत ही आकर्षक है। आप इस गणेश चतुर्थी यहां जाकर बप्पा का आशीर्वाद ले सकते हैं।
महाराष्ट्र में अष्टविनायक जाने का प्लान बनाएं
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गिरिजात्मल अष्टविनायक
गिरिजात्मल अष्टविनायक मंदिर में 18 गुफाएं हैं, जिसकी आठवीं गुफा में भगवान गणेश विराते हैं। यहां जाकर आप अष्टविनायक जी का आशीर्वाद ले सकते हैं और यकीनन आपकी मनोकामना भी यहां जाने से पूर्ण हो सकती है। ये मंदिर लेण्याद्री गांव में स्थित है, पुणे से लगभग 90 किलोमीटर की दूर पर स्थित है।
चिंतामणी मंदिर
मान्यता है कि इस मंदिर में जाकर बप्पा के भक्तों की चिंताए दूर होती हैं। अगर आपके मन में कोई दुख, कोई परेशानी है और किसी समस्या का समाधान नहीं मिल रहा है, तो आप चिंतामणी मंदिर में जाकर दर्शन कर सकते हैं।